टूटी कलम की खबर का असर तब देखने को मिला जब जिला अधिवक्ता संघ ने अपने पुराने निर्णय “अमित पांडेय” की पैरवी न करने का खारिज करते हुए। निर्णय लिया गया कि संघ का कोई भी सदस्य पैरवी कर सकता है। जिसमे संघ को कोई भी आपत्ति नही होगी। ज्ञात रहे कि 306 के मामले में वेब पोर्टल के संचालक केवल इस बात पर पिछले पखवाड़े भर से महज इस कारण से जेल में निरुद्ध है कि वार्ड क्रमांक 27 की पार्षद दिवंगत संजना शर्मा की मृत्यु के बाद पुलिस को उनके कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को लिखा गया एक आवेदन पत्र जिसमे अपनी मृत्यु का कारण वेब पोर्टल के संचालक को माना जाये लिखा गया था। जानकारों के अनुसार उक्त आवेदन 4 से 6 माह पहले लिखा गया था। जिसे पुलिस ने जप्त कर आधार मानते हुए। वेब पोर्टल संचालक को दबाव के कारण जेल दाखिल करवा दिया गया । टूटी कलम
आत्महत्या के कारणों में नाम सामने आने से दबा दिया गया…. संजना शर्मा के आत्महत्या करने के बाद किसी कांग्रेसी नेता एवँ ठेकेदार के नाम भी जमकर उछले थे। जिसको सुनकर लगने लगा था कि उक्त मामले में 2,3 और लोगो पर पुलिस का शिकंजा कस सकता है परन्तु कहते है कि “साँप के निकलने के पश्चात लाठी पीटते रहो”. लगता है कि कांग्रेसी नेता ने संभावित अपना नाम सोचकर मंत्री के कार्यक्रम में जबरन शामिल होना शुरू कर दिया ताकि अपना रसूख दिखलाया जा सके। टूटी कलम
चिता की राख के सांथ ही मामला ठंडा पड़ गया….संजना शर्मा के आत्महत्या करने के पश्चात निगम पार्षदों ने,वार्ड वासियो ने कैंडल मार्च निकालकर “वी वांट जस्टिस” के पोस्टर हाथों में थामे शांति मार्च किया था। भाजपा स्केंडल,खैरागढ़ चुनाव,आदि के कारणों से उक्त मामला नीचे दब गया। अमित पांडेय की 12 दिनों की रिमांड पूरी होने पर उनके पक्ष में किसी अधिवक्ता के द्वारा पैरवी न करने पर माननीय न्यायालय ने रिमांड की अवधि 12 दिनो की और बढ़ा दी गई। मजे वाली बात यह रही कि प्रथम पेशी पर पांडेय को देखने कोई कोई नही आया था। टूटी कलम

जिला अधिवक्ता संघ ने भावनात्मक रूप से अमित पांडेय की पैरवी करने से इंकार करने पर हमने समाचार चलाया था कि इंदिरा गांधी, राजीव गांधी के हत्यारों,कसाब,अफजल,आतंकवादी,उग्रवादियों,देशद्रोहियों से भी बड़ा अपराधी है क्या अमित पांडेय कि जिसकी पैरवी करने से वकीलों ने इंकार किया है। शायद हमारे समाचार को पढ़कर वकीलों ने बौद्धिकता से विचार किया हो और अमित पांडेय की पैरवी करने पर स्वीकृति प्रदान कर दी गई हो। टूटी कलम

बरहाल अमित पांडेय की जमानत अर्जी पर 25 तारीख को सुनवाई होनी है। पुलिस इस बीच मे क्या कार्रवाई करती है। सीडीआर,पी एम रिपोर्ट,राइटिंग एक्सपर्ट की रिपोर्ट आदि महत्वपूर्ण बिंदु है। जिनसे काफी कुछ खुलासा हो सकता है। एक बिंदु और है कि लोगो के बतलाये अनुसार कुछ लोगो ने संजना शर्मा के आत्महत्या करने से 02 दिन पूर्व उनके घर जाकर जमकर गाली गलौज की थी। जिसके बाद संजना ने उक्त कदम उठाया था। संजना शर्मा एक बोल्ड,साहसी महिला मानी जाती थी। उनके द्वारा छोटी सी बात पर इतना बड़ा कदम उठा लेना गले से नीचे नही उतरने वाली बात है। संजना की मौत के पीछे बहुत बड़ा कारण होने से कतई इंकार नहीं है। अब इस रहस्य से पर्दा उठाने की बारी केवल पुलिस के हाथों में है। देखना यह है कि पुलिस की चातुर्यता काम आती है या फिर षड्यंत्र सफल होता है। टूटी कलम







