
टूटी कलम रायगढ़ जिले का ही नहीं अपितु पूरे छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित न्यूज वेब पोर्टल है. जिसके समाचारों का इंतजार प्रत्येक बुद्धिजीवी पाठक करते है. पत्रकारिता करना हमारा शौक है,जुनून है, दिनचर्या है, पागलपन है,कमजोरी है, लगन है, धुन है, ना कि पेट भरने का साधन है और ना ही धमकी चमकी देकर,वसूली,उगाही करने का लाइसेंस मिला हुआ है और ना ही किसी की चरण वंदना करना हमारा कर्तव्य है, संपादक टिल्लू शर्मा को निडर, निष्पक्ष, निर्भीक,बेबाक,बेखौफ दमदार,कलमकार, व्यंग्यकार, लेखक, विश्लेषक, कवि, कलम के मास्टरमाइंड, के रूप में पहचाना जाता है.जिनको परशुराम पुत्र, रावण भक्त, माता सरस्वती उपासक,चाणक्य,कबीर से प्रेरित कहलाना पसंद है.जलो मत बराबरी करो, जहां से लोगों की सोच खत्म होती है हमारी सोच वहां से शुरू होती है विज्ञापन का सहयोग भी लिया जाएगा, और मामला गंभीर होने पर समाचार भी लिखा जाएगा. शेर के पांव में कांटा चुभ जाने से कुत्ते जंगल पर राज नहीं करते सत्यमेव जयते, सत्य परेशान हो सकता है मगर पराजित नहीं हमारा अगला लक्ष्य टूटी कलम (डिजिटल) होगा
🔱 टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम 🎤 न्यूज रायगढ़ 🌍छत्तीसगढ़ 🏹… इन दिनों युवाओं के द्वारा नशे के रूप में सबसे ज्यादा उपयोग टेबलेट,कैप्सुल,इंजेक्शन, खांसी की सिरप पेट दर्द की गोली दर्द निवारक टैबलेट के अतिरिक्त बोनफिक्स,सुलेशन आदि का किया जा रहा है जो कि सस्ते तो है परंतु यह शरीर के लिए बहुत ज्यादा हानिकारक है इसके दुष्परिणाम दीर्घकालिक सामने आते हैं। अनेक घातक बीमारियां ऐसे लोगों को जकड़ लेती है और शरीर दिमाग काम करना बंद कर देता है। सरकार के द्वारा दवाई दुकानों की चेकिंग अभियान का आदेश जारी करने के बाद रायगढ़ जिला खाद्य औषधि विभाग के द्वारा दवाई दुकानों की जांच सरसरी सौर पर करके अपना फर्ज निभाया जा रहा है। विभाग को किसी भी दुकान में नशे की दवाइयां नहीं मिलना अपने आप में आश्चर्य है। जबकि नशे के आदी हो चुके युवकों को प्रतिबंधित दवाइयां ऊंचे दाम पर आसानी से मिल जाती है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभी 2 दिन पहले ही जूटमिल क्षेत्र के किसी साहू नामक व्यक्ति के द्वारा ड्रग कंट्रोलर रायपुर को अपने क्षेत्र में एक दवा दुकानदार के द्वारा कोरेक्स, कोडीन, आदि नशे की दवाइयां 3 गुने मूल्य पर बेचे जाने की शिकायत की थी। जिसकी जांच के लिए रायपुर से चार-पांच अधिकारियों की टीम पहुंची थी। जिन्हें जांच पड़ताल के दौरान कुछ नहीं मिला क्योंकि रायगढ़ के औषधि विभाग की तरफ से छापेमारी की सूचना पहले से दे दी गई थी। जिस वजह से दुकानदार ने दवाइयों को दुकान से हटाकर बगल के बगीचे में छुपा दी थी।
औषधि विभाग के द्वारा दवा दुकानों में की जा रही जांच पड़ताल से परेशान होकर औषधि विक्रेता संगठन ने नशा मुक्ति रैली का आयोजन कर जिला प्रशासन औषधि विभाग के मन में स्वयं को पाक साफ़ साबित करने का प्रयास कहा जा सकता है। रैली में औषधि विभाग के अधिकारी कर्मचारी, थोक एवं खुदरा दवाइयां की विक्रेता शामिल होंगे एवं अपना रसूख,शान बघारने के लिए जिले के कुछ आला अधिकारियों को शामिल करने का प्रयास कर रहे हैं।






