टूटी कलम रायगढ़ जिले का ही नहीं अपितु पूरे छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित न्यूज वेब पोर्टल है. जिसके समाचारों का इंतजार प्रत्येक बुद्धिजीवी पाठक करते है. पत्रकारिता करना हमारा शौक है,जुनून है, दिनचर्या है, पागलपन है,कमजोरी है, लगन है, धुन है, ना कि पेट भरने का साधन है और ना ही धमकी चमकी देकर,वसूली,उगाही करने का लाइसेंस मिला हुआ है और ना ही किसी की चरण वंदना करना हमारा कर्तव्य है, संपादक टिल्लू शर्मा को निडर, निष्पक्ष, निर्भीक,बेबाक,बेखौफ दमदार,कलमकार, व्यंग्यकार, लेखक, विश्लेषक, कवि, कलम के मास्टरमाइंड, के रूप में पहचाना जाता है.जिनको परशुराम पुत्र, रावण भक्त, माता सरस्वती उपासक,चाणक्य,कबीर से प्रेरित कहलाना पसंद है.जलो मत बराबरी करो, जहां से लोगों की सोच खत्म होती है हमारी सोच वहां से शुरू होती है विज्ञापन का सहयोग भी लिया जाएगा, और मामला गंभीर होने पर समाचार भी लिखा जाएगा. शेर के पांव में कांटा चुभ जाने से कुत्ते जंगल पर राज नहीं करते सत्यमेव जयते, सत्य परेशान हो सकता है मगर पराजित नहीं हमारा अगला लक्ष्य टूटी कलम (डिजिटल) होगा
🏹टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम 🎤 न्यूज रायगढ़ 🌍 छत्तीसगढ़ 🏹 बंगाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव ने स्पष्ट कर दिया है कि हिंदुस्तान में हिंदुत्व का राज चलेगा। बंगाल को बांग्लादेश नहीं बनने दिया जाएगा। जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमित शाह, अनेक केंद्रीय मंत्री, कई राज्यों के भाजपा के मुख्यमंत्रीयों भाजपा विधायको ने अपनी पूरी ऊर्जा झोंककर, टी एम सी का सफाया करने के लिए एडी चोटी का जोर लगा दिया था। बंगाल के क्षेत्र हावड़ा, कोलकाता, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी,वर्धमान, 24 परगना, मेदिनीपुर,मालदा आदि सभी बांग्लादेशियों से भर गया था। कोलकाता के सभी क्षेत्रों में बांग्लादेशियों का बोलबाला हो गया था। वहां जाने पर ऐसा नहीं लगता था कि हम भारत में हैं ऐसा महसूस होता था कि हम मिनी पाकिस्तान में आ गये है। हर क्षेत्र में गुंडागर्दी, असामाजिकता पनप गई । टीएमसी के कार्यकर्ता रूपी गुंडों का आतंक हो रखा है। मांस,मटन, चिकन, सड़कों पर खुलेआम बेचे जाते है। होटलो में बड़ा के नाम पर गौ मांस परोसा जाता है। कालीघाट, पार्क स्ट्रीट, बहु बाजार, सोनागाछी, खिदिरपुर,हावड़ा, धरमतल्ला आदि क्षेत्रों में खुले आम टीएमसी कार्यकर्ताओं की सरपरस्ती में देह व्यवसाय हो रहा है। जिनमें से अधिकांश बांग्लादेशी होती है।………. पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 300 ₹ की साड़ी 100₹ की चप्पल के नाम पर बंगाल को बांग्लादेश बना दिया। नदी पार करके बांग्लादेश से बंगाल आने वाले लोगों को तुरंत व्यवस्था,स्थापित कर दिया जाता रहा और उन्हें सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाने लगा।… बांग्लादेश से बंगाल आकर बांग्लादेशी बिहार जाकर हिंदी और बिहारी भाषा और ज्ञान लेकर पूरे देश में फैल गए हैं।……S I R कानून ने टीएमसी की कमर तोड़ दी। लगभग एक करोड़ 27 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए जो विशुद्ध रूप से टीएमसी के बांग्लादेशी वोटर थे। इसलिए इस बार चुनाव में कट्टर हिंदू माने जाने वाले बंगालियों को बगैर डर भय के मतदान करने का अवसर मिल गया और उन्होंने एक तरफ भाजपा को मत देकर बंगाल से टीएमसी की विदाई कर दी।….. ममता का बंगाल में इतना आतंक हो गया था कि उसने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृह मंत्री अमित शाह को बंगाल में नहीं घुसने देने का चैलेंज कर दिया था. ममता ने ई डी विभाग वालों को कार्रवाई करने से रोक दिया था और महत्वपूर्ण दस्तावेज लेकर निकल गई थी। ममता ने मोदी की बैठक से बाहर निकल कर देश के प्रधानमंत्री का एक तरीके से अपमान कर दिया था। शायद ममता की मंशा बंगाल को एक अलग देश बनाने की रही होगी या फिर बंगाल का विलय बांग्लादेश में करने का विचार रहा होगा। बंगाल में जितने भी ऑटो,टैक्सी,रिक्शा, कुली, मजदूर, फुटपाथ पर व्यवसाय करने वाले हमाल (मोटीया) आदि लोग बांग्लादेशी है। कोलकाता का हृदय बड़ा बाजार का बहुत बुरा हाल है। जहां जाति विशेष के लोग बीच सड़कों पर अतिक्रमण कर तंबू टेंट लगाकर व्यवसाय करते हैं जिनको हटाने का दम किसी में नहीं है चूंकि अब बंगाल में भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत से आ गई है तो अब देखना है कि बंगाल में वह 5 साल के भीतर किस तरह का सुधार कर पाती है। अब पूरा मौका है कि भाजपा कोलकाता को देश की दूसरी राजधानी घोषित कर दे। ताकि भविष्य में पश्चिम भारत और बांग्लादेश पर नियंत्रण रखा जा सके।… बंगाल ने अनेक क्रांतिकारियो, बुद्धिजीवियो,नेताओं को जन्म दिया है.. जिनका नाम आज भी अजर अमर है.
बंगाल के प्रमुख क्रांतिकारी बुद्धिजीवी और नेता:
..बारींद्र कुमार घोष और भूपेंद्रनाथ दत्त: इन्होंने ‘युगांतर’ साप्ताहिक के माध्यम से क्रांतिकारी विचारों का प्रचार किया और युगांतर पार्टी की स्थापना की।..जतिंद्र नाथ मुखर्जी (बाघा जतिन): जुगंतर पार्टी के प्रमुख नेता और क्रांतिकारी आयोजक।..रास बिहारी बोस: हार्डिंग बम कांड (1912) में मुख्य भूमिका।…ऋषि अरबिंदो घोष: आध्यात्मिक राष्ट्रवाद के प्रणेता।…सूर्य सेन (मास्टर दा): चटगांव शस्त्रागार लूट के मास्टरमाइंड।…खुदीराम बोस: सबसे कम उम्र के क्रांतिकारी।…,बिना दास: ‘अग्निकन्या’ के नाम से प्रसिद्ध, जिन्होंने गवर्नर पर गोली चलाई..।बिनॉय-बादल-दिनेश: राइटर्स बिल्डिंग पर हमला करने वाले क्रांतिकारी।..,स्वामी रामकृष्ण परमहंस ,स्वामी विवेकानंद,बंकिम चंद्र चटर्जी,रविंद्र नाथ टैगोर,श्यामा प्रसाद मुखर्जी आदि
- बंगाल के हजारों लोगों का नाम इतिहास में दर्ज हो चुका है।





