✒️ टिल्लू शर्मा टूटी कलम रायगढ़ छत्तीसगढ़ की राजनीति में उस वक्त मानो भूचाल सरीखा आ गया जब “मुख्यमंत्री भूपेश बघेल” के अत्यंत ही करीबी माने जाने वाले रायगढ़ जिले के कांग्रेसी नेता “विभाष सिंह ठाकुर” ने अपने चिर परिचित अंदाज में दर्जनों चार पहिया वाहनों में भरे लोगो की रैली निकालकर पूरे रायगढ़ में घूम घूम कर “शक्ति प्रदर्शन” कर पैदल मार्च करते हुए सिटी कोतवाली का अघोषित रूप से घेराव कर छेड़छाड़ के पुराने मामले में नामजद जिला भाजपाध्यक्षज “उमेश अग्रवाल” की गिरफ्तारी की मांग करते हुए. “भूपेश बघेल जिंदाबाद” के गगन भेदी नारे लगाते हुए 42 डिग्री तापमान होने के बावजूद समर्थकों सहित सड़क पर बैठ गए एवँ पुलिस से कार्रवाई की मांग करने लगे। बाद में थाना प्रभारी “मनीष नागर” के द्वारा ज्ञापन लिया गया एवँ तत्वरित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया टूटी कलम
निकली रैली के कारण शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा सी गई। वाहनों का काफिला देखकर लोगो को यह सोचना पड़ गया कि अचानक से मुख्यमंत्री “भूपेश बघेल” रायगढ़ कैसे आ गये क्योंकि “भूपेश बघेल” जिंदाबाद के नारे लगते पहली बार शहरवासियों ने सुना है. टूटी कलम
विभाष सिंह ने शक्ति प्रदर्शन कर भूपेश बघेल के नाम को आगे बढ़ा कर भाजपाइयों को सोचने पर मजबूर होना पड़ गया कि कांग्रेस की स्थिति काफी मजबूत है.एनएसयूआई, युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा से इलेक्टेड अध्यक्ष रह चुके विभाष का तामझाम करने,शक्ति प्रदर्शन करने का कोई सानी नही है।तार्किक शक्ति में भी उनको कोई पार नही पा सकता। शायद इन्ही कारणों से ये मुख्यमंत्री के करीबी बने हुए है। मासूमियत का भी जीता जागता प्रमाण है विभाष






