रायपुर. हसदेव अरण्य में पेड़ों की कटाई मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ा बयान दिया है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा की बाबा साहब क्षेत्र के विधायक हैं, अगर वो नहीं चाहते हैं तो पेड़ क्या, एक डंगाल भी नहीं कटेगी. साथ ही यह भी कहा की गोली चलने की नौबत ही नहीं आएगी. जो गोली चलाएगा पहले उन पर गोली चल जाएगी. बीते दिन स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने हसदेव अरण्य मामले को लेकर बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि, हसदेव जंगल उजाड़ने अगर गोली चलेगी तो पहली गोली मैं खाऊंगा. टूटी कलम
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, कोल ब्लॉक का आवंटन तो केंद्र सरकार करती है. पर्यावरण अधिनियम केंद्र सरकार का है. वन अधिनियम केंद्र सरकार का है. सारे नियम केंद्र सरकार के. एलॉटमेंट करने का अधिकार भी केंद्र सरकार के पास है. अनुमति देने का अधिकार भी उनके पास. भाजपा नेताओं को अपना विरोध केंद्र सरकार से जताना चाहिए. हसदेव अरण्य छत्तीसगढ़ के कोरबा, सरगुजा और सूरजपुर जिले के बीच में स्थित एक समृद्ध जंगल है. करीब एक लाख 70 हजार हेक्टेयर में फैला यह जंगल अपनी जैव विविधता के लिए जाना जाता है.टूटी कलम
पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने हसदेव बचाने आंदोलनरत ग्रामीणों को यह भरोसा देते हुए कहा कि वे इस आंदोलन में उनके साथ खड़े हैं. मंत्री सिंहदेव ने क्षेत्र का दौरा कर प्रभावित ग्रामीणों ने चर्चा की थी. मंत्री सिंहदेव ने कहा था कि, हसदेव क्षेत्र में खदान खुली तो यहां लगभग 8 लाख पेड़ कट जाएंगे. सोचना होगा कि पहले से जो खदान संचालित है, वह खदान के नियम व शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है, तो आगे जो ब्लॉक आवंटन हुए हैं, वहां के एक एकड़ पेड़ के बदले दो एकड़ पेड़ लगाने का जो नियम है, उसका पालन कहां हो रहा है. टूटी कलम
सीएम भूपेश ने मे फेयर पहुंचकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने टीएस के बयान को लेकर कहा, बाबा साहेब क्षेत्र के विधायक हैं, अगर वो नहीं चाहते तो पेड़ तो क्या, एक डंगाल भी नहीं कटेगी. गोली चलने की नौबत ही नहीं आएगी. जो गोली चलाएगा पहले उन पर गोली चल जाएगी. सीएम भूपेश ने कहा, खदान आबंटन का काम केंद्र सरकार करती है. भाजपा को केंद्र सरकार के समक्ष विरोध जताना चाहिए. भाजपा की ओर से सवाल उठाना भी गलत है. ये भाजपा का दोहरा चरित्र है. टूटी कलम







