⭕️ टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम रायगढ़…. रायगढ़ शहर में अलसुबह उस समय सनसनी मच गई । जब जिला कलेक्टर भीम सिंह के बंगले के पीछे खंडहरनुमा स्थल के में नगर सेना के जवान ने किसी अंजान युवक की लाश लटकती देखी । जिसकी सूचना कलेक्टर एवं कोतवाली थाने में दी गई। सूचना पाकर थाना प्रभारी मनीष नागर सदल बल स्थल पर पहुंचे। उन्होंने बेल्ट के सहारे झूलती लाश को उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भिजवाया गया। लाश के शरीर पर चोट के निशान पाये जाने से मामला रहस्यमय बन गया था। टूटी कलम
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने संभाला मोर्चा…..चूंकि मामला जिले के आलाधिकारी के बंगले से जुड़ा था। इसलिए घटना स्थल पर पुलिस एवँ मीडिया कर्मियों का जमावड़ा भी लग गया था। सबसे बड़ी समस्या मृतक की शिनाख्ती को लेकर थी। इसलिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने जांच का बीड़ा उठाया। मृतक की जेब से ट्रेन क्रमांक 12809 सन्तरगाची-पूरी मेल का जुर्माना की रसीद पाई गई। जिसके अधार पर विवेचना शुरू की गई एवँ शहर में लगे 150 सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले गए। मृतक की पहचान आशीष बड़ा निवासी सीतापुर के रूप में होने पर तफ्तीश आगे बढ़ती गई। जिसके पश्चात मृतक के परिजनों से मृतक के साथियों को रायगढ़ लाने को निर्देशित किया गया ।परिजनों के रायगढ़ पहुंचने पर पूरी घटना का खुलासा हुआ जिसके लिए पुलिस को आरोपियों के साथ थोड़ी सी कड़ाई भी करनी पड़ी एवं अलग-अलग बयान भी लिए गए जिसमें विरोधाभासी बयान मिले जिस वजह से पुलिस का शक और गहरा गया एवं आरोपियों ने खुलासा किया कि टूटी कलम
वह सीतापुर के निवासी है एवं कमाने खाने मजदूरी का कार्य करने के लिए बेंगलुरु गए थे जहां से ट्रेन नंबर 12809 संतरागाछी पुरी एक्सप्रेस के माध्यम से अपने गांव वापस जाने निकले थे । उन लोगों के पास सामान्य दर्जे की टिकट सी एवं वे स्लीपर कोच में सफर कर रहे थे ।जिस वजह से टीटी ने उन पर 3600 ₹ का अर्थदंड लगाया था जिसका भुगतान मृतक आशीष के द्वारा किया गया था। आरोपियों ने बताया कि रायगढ़ पहुंचने के पश्चात मृतक कहीं से शराब पीकर आ गया था और वे सब अपने गांव सीतापुर जाने के लिए केवड़ा वाली बस स्टैंड पहुंचे थे जहां बस की टिकट को लेकर उन लोगों के बीच विवाद छिड़ गया था। आशीष का कहना था कि वह ट्रेन का अर्थदंड बताया है इसलिए वे लोग उसके बस का किराया देवें बोलकर गाली गुप्तार करने लगा था। जिसके पश्चात उनके बीच हाथापाई भी हुई आरोपियों ने उसको पेंचकस एवं लोहे की पट्टी से भी मारा था। जिस वजह से वह डरकर बस स्टैंड से भाग निकला तो वे लोग काफी दूर तक उसका पीछा किए परंतु वह गलियों से होते हुए फरार हो गया था। जिसके पश्चात वे लोग बस से अपने गांव पहुंच गए थे। टूटी कलम
सीसीटीवी फुटेज में यह देखा गया कि आशीष रास्ते में जिन जिन लोगों से मिला था या देखे थे। उन्होंने बतलाया कि वह बड़ बड़ करता हुआ बदहवास हालत में भागा जा रहा था एवं बोलता जा रहा था की वे मुझे मार देंगे , वे मुझे जान से मार डालेंगे। डर की वजह से वह तंग गलियों से होता हुआ कलेक्टर बंगला के पिछवाड़े पर जा पहुंचा एवं बाउंड्री वॉल फांद कर अंदर घुस गया और बेल्ट के सहारे फांसी पर लटक कर अपनी जान दे दिया पुलिस ने मृतक के चार साथियों पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करना की धारा लगाकर उन्हें जेल दाखिल करवा दिया गया है। टूटी कलम





