⭕️ टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम रायगढ़ से…. भारत का सबसे बड़ा एवँ सबसे लंबा चला 105 घँटे लगातार चले “रेस्क्यू ऑपरेशन राहुल” को 500 लोगो की धूप में कड़ी मशक्कत के बाद अंततः सफलता मिल गई। जिसके लिए प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल,जांजगीर के जिला कलेक्टर, ओड़िसा के कटक से एवँ बिलासपुर से आई NDRF की टीम,SDRF की टीम,कोयला खदानों की टीम,भारतीय सेना के जवान,पोकलेन,जेसीबी,ट्रेक्टर चालको के सांथ ही जनप्रतिनिधि आदि जो भी उक्त ऑपरेशन में प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग किये वे सब बधाई के पात्र है। टूटी कलम
घटना 10.06.22 दोपहर की है । जब जांजगीर जिले के ब्लाक मालखरौदा अंतर्गत पिहरिद गांव में मूक बधिर, मंदबुद्धि बालक राहुल खेलने की धुन में बोरबेल्स के लिए खोदे गए 80 फिट गढ्ढे में जा गिरा। बालक राहुल के काफी देर तक न दिखलाई पड़ने पर खोजबीन की गई। अचानक से राहुल के पिता को गढ्ढे के अंदर से राहुल की आवाजें सुनाई दी। फिर क्या था कि इस बात की खबर हवा की तरह से बहते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कानों तक पहुंच गई। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया और हर हालत में राहुल को सुरक्षित बाहर निकालने की चुनौती स्वीकार कर लगातार 105 घँटे ऑपरेशन जारी करवा कर सफलता का स्वाद चख लिया। टूटी कलम
छोटी सी लापरवाही बना जिला प्रशासन, सरकार का सरदर्द.. बतलाया जा रहा है कि राहुल के पिता ने अपने घर के पीछे पानी की आवश्यकता को देखते हुए बोर का खनन करवाया था परंतु बोर में पर्याप्त पानी ना आने की वजह से उसको जस का तस छोड़ दिया गया था। उसमें ना पानी खींचने का पंप लगाया गया और ना ही गड्ढे को पुनः पटवाया गया था । जिस वजह से बालक खेलता हुआ गड्ढे में जा गिरा था ।बच्चे को बचाने के लिए जिला प्रशासन, प्रदेश सरकार, एनडीआरएफ की टीम, एसडीआरएफ की टीम, कोल माइंस,रोबोटिक की टीम जो गुजरात से आई थी आदि लोग राहुल को गड्ढे से निकालने के लिए 105 घंटे हालाकान रहे। यदि राहुल के पिता बोर खनन के गड्ढे को तत्काल पटवा दिया गया होता तो उक्त हादसा कदापि नहीं होता। टूटी कलम
राहुल के रेस्क्यू करने के पश्चात गड्ढे में सांप एवं मेंढक की रहने की बातें सामने आई…. ऑपरेशन राहुल बचाओ के दौरान रेस्क्यू के सफल होने के पश्चात यह बात सामने आ रही है कि जिस गड्ढे में राहुल फंसा हुआ था उस गड्ढे में सांप एवं मेंढक भी राहुल के इर्द-गिर्द मंडरा रहे थे उक्त बात शायद जिला प्रशासन ने इसलिए छुपा दी थी ताकि जनमानसएवं राहुल के माता-पिता की बेचैनियां ना बढ़ जाए और रेस्क्यू ऑपरेशन का कार्य प्रभावित ना हो जाए। टूटी कलम
हादसा स्थल पर 3 दिनों तक मेले सरीखे माहौल रहा। जांजगीर जिले के ब्लॉक मालखरौदा के अंतर्गत आने वाले ग्राम पिहरिद में 3 दिनों तक मेले जैसा माहौल बना रहा क्योंकि मिडिया, सरकारी अमलो के अधिकारियो,कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवँ पूरे छत्तीसगढ़ के लोग उक्त स्थल पर पहुंच कर राहुल की सलामती ही प्रार्थना करते नजर आए । बताया जा रहा है कि उक्त ग्राम के आसपास फालूदा बेचने वाले ,बर्फ का गोला चुस्की बेचने वाले, पान ठेलों, चाट गुपचुप वाले, बड़ा, भजिया, समोसा के होटल संचालक भी खाद्य सामग्री की आपूर्ति करते हुए आगंतुकों का ख्याल रख रहे थे। ऑपरेशन में लगे अधिकारियों, कर्मचारियों को भोजन नाश्ते की कोई कमी स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंच ,सरपंच, लोगों ने नहीं होने दी यह एक उदाहरण है। छत्तीसगढ़ की जनता विषम परिस्थितियों में लोग एक दूसरे के काम आने हेतु हमेशा तत्पर रहते हैं. शायद इसीलिए कहा जाता है कि छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया।टूटी कलम
उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा दी जा रही है राहुल को….. प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आदेश पर अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर में रेस्क्यू किए गए बालक को उच्च स्तरीय चिकित्सा प्रदान की गई है बताया जा रहा है कि 72 घंटे तक राहुल को सतत चिकित्सा निगरानी में रखा जाएगा तत्पश्चात आगे जो उचित रहेगा डॉक्टर के द्वारा निर्णय किया जाएगा ।टूटी कलम
संसाधनों की कोई कमी नहीं है छत्तीसगढ़ में 105 घंटे तक लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। जिसमें बड़ी-बड़ी मशीनो से लेकर रोबोटिक्स इंजीनियर तक को बुलवाया गया था। एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ टीमें अपना काम कर रही थी और जब जब जिस किसी भी मशीन की जरूरत महसूस हुई वह तत्काल हादसे स्थल पर उपलब्ध करवाई गई। जिससे यह संदेश गया है कि छत्तीसगढ़ एक समृद्ध शाली, प्रगतिशील प्रदेश है जहां किसी भी तरह के संसाधनों की कोई कमी नहीं है। टूटी कलम
जैसे ही राहुल को बोरवेल के गड्ढे से सुरंग के द्वारा बाहर लाया गया तब उपस्थित जनसमूह ने बड़ी ही गर्मजोशी से भारत माता की जय ,भारतीय सेना जिंदाबाद, एनडीआरएफ जिंदाबाद, एसडीआरएफ जिंदाबाद, जमकर किये गए उद्घोष से पूरा पिहरिद गांव गूंज उठा। टूटी कलम





