🏹 टिल्लू शर्मा 🖋️ टूटी कलम …..जब बात पत्रकारिता की आती है तो कई लोग स्वयं को bjmc का कोर्स किए जाने बतलाने से पीछे नहीं हटते और लोगो को टोपी पहनाते रहते है। इस तरह के लोगो को आसानी से पहचाना जा सकता है। जैसे की bjmc कोर्स किया व्यक्ति अन्य लोगो के समाचारों की कॉपी पेस्ट न कर स्वयं की कलम एवम दिमाग का इस्तेमाल कर समाचारों को रोचक तरीके से लिखता है। जिसे पढ़कर लोग वाहवाही करे बगैर नही रह सकते। सरकार,प्रशासन,समाज, धनाढ्य आदि की जी हजूरी न कर दर्पण दिखलाने वाला,जिसके समाचारों को मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाए। वह सही bjmc का कोर्स पूर्ण किया माना जा सकता है। टूटी कलम
टिल्लू शर्मा,अभिषेक उपाध्याय,आशीष शर्मा,अमित पांडे,आदि के द्वारा लिखित एवम प्रकाशित समाचारों को पाठक गण मजे से एवम चटखारे लेकर पढ़ते है। कमाल की बात है की उक्त लोगो ने समाचारों को शेयर करने के ना वैतनिक कर्मचारी रखे है ना किसी की खुशामद करते है। अपने महज एकमात्र बैनर तले इन्होंने अपना मुकाम बना लिया है। दो,चार बैनरो को माध्यम बनाकर अपना व्यवसाय नही बनाया है। आश्चर्य तब होता है की लोगो के द्वारा दिन भर समाचारों की कॉपी पेस्ट कर दिन काटे जाते है परंतु उतने विवर नही जुटा पाते ।जितने विवर इन लोगो को एक ही समाचार में मिल जाते है। इनलोगो के समाचारों को स्थानीय मीडिया के अतिरिक्त प्रदेश स्तर की मीडिया पर सम्मानजनक स्थान दिया जाता है टूटी कलम
जरूरी नही है कि धारदार लेखन शैली bjmc ही कर सकते है। लिखने के लिए सेटलमेंट की बात दिमाग में नही रहनी चाहिए। लिखने का जुनून,फितूर होना चाहिए। लिखने के बाद लेखनी पर असर होना ही पत्रकारिता की पहचान है। सरकार,जिला प्रशासन,पुलिस,निगम,राजनीतिक दलों की विज्ञप्तियों को कॉपी पेस्ट कर आगे बढ़ा देना सही पत्रकारिता की पहचान हो ही नही सकती।









