मिली जानकारी के अनुसार यातायात पुलिस के सजग एवं जाने पहचाने चेहरे बैकुंठपुर भुजबंधान तालाब के पास रहने वाले प्रधान आरक्षक रिखी राम दुबे का ह्रदय गति रुकने की वजह से स्वर्गवास हो गया रिखी राम दुबे बच्चों से लेकर वृद्धों तक में राम राम दुबे के नाम से जाने जाते थे। वे यातायात पुलिस के कार्यों में कोई कोताही नहीं बरतते थे। वे हंसमुख,मिलनसार,जिंदादिल इंसान भी थे।वे धार्मिक आयोजनों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया करते थे। आस-पास के गांव में होने वाली नवधा रामायण में उनकी सक्रिय भागीदारी देखी जा सकती थी। उनके निधन का समाचार मिलने के बाद उनके परिचितों एवं यातायात विभाग में शोक की लहर दौड़ गई ।उनके निधन होने के समाचारों पर लोग यकीन नहीं कर पा रहे हैं ।उनकी अंतिम यात्रा कल सुबह उनके निवास स्थान बैकुंठपुर भूजबधान तालाब के पास से निकाल कर कयाघाट मुक्तिधाम ले जाई जाएगी। वे अपने पीछे 1 पुत्र एवं दो पुत्रियों का भरा पूरा परिवार बिलखता छोड़ गए। शहर में यातायात को नियंत्रण रखने वाली पेट्रोलिंग वाहन में उनको बैठे देखा जाता रहा है।







