🎯 टिल्लू शर्मा 🖋️ टूटी कलम रायगढ़ रायगढ़ शहर में दवा दुकानदारों का स्तर पान ठेले,फल ठेले, मूंगफली – मिक्चर, मुर्रा ठेला वालो से भी अधिक गिर गया है। जिसका साक्षात उदाहरण अशर्फी देवी महिला चिकित्सालय में देखा जा सकता है । जहां डॉक्टर के चेंबर के बाहर एवं अंदर आसपास के दवा दुकानदारों के करिंदे घूमते रहते हैं एवं कोई भी व्यक्ति जैसे ही डॉक्टर की पर्ची लेकर उनके चेंबर से बाहर निकलता है। वैसे ही वहां पर उपस्थित दवा माफियाओं के स्टॉप डॉक्टर की लिखी पर्ची छीन कर दौड़ पड़ता है एवं मरीज या उसके परिजनों को संबंधित दवा दुकान में आने को कहा है। बताया जा रहा है कि गरीब मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल परिसर में सरकार के द्वारा धनवंतरी मेडिकल स्टोर खुलवाई गई है। जहां पर मरीजों को जेनेरिक की दवाइयां छपे हुए मूल्य से 70% डिस्काउंट कर दी जाती है। इस तरह से मरीजों का सस्ता इलाज किया जाता है। इस धनवंतरी मेडिकल स्टोर खुल जाने के पश्चात बाहर के दवा दुकानदारों की बिक्री लगभग खत्म सी हो गई है। जिस वजह से बाहरी दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों में 4 – 5 दादा, भैया टाइप के युवाओं को नौकरी पर रखे हुए हैं। जिनको यह जिम्मेवारी सौंपी गई है कि जो कोई भी व्यक्ति डॉक्टर का पर्चा लेकर बाहर निकले तो उसके हाथ से पर्चा छीन कर उनकी दुकान में ले आए। जिस वजह से अस्पताल परिसर एवं आसपास का माहौल देखकर लगता है कि इस जगह पर कोई बहुत बड़ा माफिया राज चल रहा है। सुबह 9:00 बजे से लेकर रात्रि 10:00 बजे तक यहां का वातावरण काफी तनावपूर्ण रहता है जिस वजह से यहां कभी भी कोई भी गंभीर घटना घट सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस अस्पताल में कार्यरत कंपाउंडर, वार्ड बॉय ,लैब टेक्नीशियन आदि सभी लोग अस्पताल परिसर से बाहर के दुकानदारों से मिले हुए हैं। जो मरीज के परिजनों पर बाहर से दवाई खरीद कर लाने पर जोर देते हैं एवं अंदर से खरीदी हुई दवाइयों को वापस करवा देते हैं। बाहर के सवा दुकानदारों के द्वारा सैटिंग किए गए चिकित्सा कर्मियों को प्रतिदिन मोटा का कमीशन दिया जाता है। जो दवाई अस्पताल परिसर के अंदर दवा दुकान में 1000₹ में ही उपलब्ध हो जाती है । वही दवा बाहर के दवा दुकानदारों के द्वारा 4000 ₹ में दी जाती है। बताया जा रहा है कि बाहर के दुकानदारों के करिंदो के द्वारा धनव्नतरी मेडिकल स्टोर्स में कार्य करने वाले स्टाफ को भी धमकाया, चमकाया,जाकर मारपीट भी की जाती है। बाहरी दवा दुकानदारों के द्वारा इस तरह का कार्य करना सरकारी कार्य में हस्तक्षेप एवं सरकारी दवा की बिक्री रोकने का प्रयास का मामला बनाया जाना चाहिए। कलेक्टर को चाहिए कि औषधि निरीक्षक के द्वारा बाहरी दवा दुकानों का गहराई से निरीक्षण करवाया जाए एवं नशीली टेबलेट, कैप्सूल, इंजेक्शन, कफ सिरप आदि का हिसाब किताब खंगाला जाए एवं दोषी पाए जाने पर दवा दुकान का लाइसेंस निरस्त का दिया जाए। सूत्रों में यह भी बताया कि डॉक्टर के पर्ची पर बगैर डॉक्टर के हस्ताक्षर किए अस्पताल के कर्मचारियों के द्वारा नशीली दवाओं का नाम लिखकर हर किसी को दे दिया जाता है । “Butrum” नामक नशीला इंजेक्शन इस क्षेत्र की दवा दुकानो में अधिक मूल्य पर एवम खुलेआम जिले भर में सर्वाधिक बेचा जाता है। धनवंतरि मेडिकल स्टोर में उक्त इंजेक्शन ना देने पर नशेड़ी युवकों के द्वारा गाली-गलौच भी की जाती है। जिसे बाहरी दवा दुकानदारों के द्वारा सुनियोजित षड्यंत्र बतलाया जा रहा है। ताकि परेशान होकर सरकारी मेडिकल स्टोर चलाने वाला संचालक दुकान छोड़कर चला जाए। जॉब इस तरह की बातें कलेक्टर के कानों तक पहुंची तब कलेक्टर रानू साहू ने अशर्फी देवी अस्पताल स्थित धन्वंतरी मेडिकल स्टोर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यहां आने वाले मरीजों से जबरदस्ती पर्ची लेकर बाहर की दुकानों से दवा लेने का दबाव डालने की शिकायत मिली है। उन्होंने इस संबंध में विस्तार से जानकारी ली। मेडिकल स्टोर संचालक ने बताया कि अस्पताल में आए मरीज जब इलाज के बाद डॉक्टर की पर्ची लेकर बाहर निकलता है तो बाहर खड़े कुछ लोग उन मरीजों से जबरदस्ती दवा की पर्ची लेते है तथा अस्पताल के बाहर स्थित दुकानों से दवा खरीदने के लिए मरीज तथा उनके परिजनों पर दबाव डालते है। कलेक्टर साहू ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए तत्काल अस्पताल में सीसी टीवी लगवाने तथा मरीजों पर दबाव डालने वाले ऐसे लोगों की पहचान कर उनके विरूद्ध एफआईआर दर्ज करवाने के लिए कहा।
कलेक्टर ने कहा कि यहां शहर के साथ दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से लोग इलाज के लिए आते है। जिनमें से बहुत से लोग निम्न आय श्रेणी के होते है। सरकार ने ऐसे लोगों के इलाज व उपचार व राहत के लिए ही सस्ती दवाएं उपलब्ध करवाने धन्वतंरि मेडिकल स्टोर खोले है। जहां लोगों को 70 प्रतिशत से अधिक छूट के साथ जेनेरिक दवाएं मिल रही है। ऐसे में इन मरीजों पर बाहर से ऊंचे दाम पर दवाई खरीदने का दबाव डालना अत्यंत निदंनीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी। कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान धन्वतंरि मेडिकल स्टोर में उपलब्ध दवाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने संचालक से शासन द्वारा निर्धारित सभी दवाएं मुहैय्या करवाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अस्पताल का निरीक्षण कर मरीजों से उनका हालचाल जाना। उन्होंने मेल, फिमेल वार्ड में इलाजरत मरीजों से बात की तथा उनसे अस्पताल में मिल रहे इलाज, दवाई व खान-पान के बारे में फीडबैक भी लिया। उन्होंने प्रबंधन को अस्पताल में साफ-सफाई रखने, आवश्यक मरम्मत का कार्य तत्काल पूरा करवाने के निर्देश दिए।










