🎯टिल्लू शर्मा 🖋️ टूटी कलम रायगढ़ जिला कलेक्टर रानू साहू फ्लाई ऐश की अवैध डंपिंग को लेकर गंभीर हो गई है। उनका मकसद यही है कि फैक्ट्रियों से निकलने वाले फ्लाई ऐश का निपटान निर्धारित स्थानों पर ही किया जाना चाहिए। रायगढ़ जिले के खरसिया विधानसभा क्षेत्र से होकर जाने वाले नेशनल हाईवे 49 के सड़कों पर गिराई गई फ्लाई ऐश मानो प्रशासन को चुनौती दे रही है। पहले फ्लाई ऐश सड़क के किनारे खेतों में ,गड्ढों में डाली जाती थी परंतु वर्तमान में फ्लाई ऐश सड़क के ऊपर ही डाली जाने लगी है। लगता है फ्लाई ऐश के ट्रांसपोर्टरों को ऊपर से आदेशित किया गया है की जिला प्रशासन को बैकफुट पर रखना है। जिस वजह से नेशनल हाईवे 49 पर यत्र तत्र फ्लाई ऐश डाल दी जा रही है। फिलहाल बारिश ना होने की वजह से फ्लाई ऐश वाहनों के आवागमन से उत्पन्न होने वाली हवा से उड़ रही है परंतु बारिश होने पर सड़कों पर डाली गई फ्लाई ऐश बहकर सड़क पार फैल जाने की वजह से फर्राटे भरते वाहनों के कारण पूरे क्षेत्र में बहुत ही तेजी से उड़ेगी। जिससे दुपहिया, चार पहिया ,छोटे वाहनों के आवागमन में दिक्कतें उत्पन्न निश्चित रूप से होगी एवं गंभीर सड़क दुर्घटनाओं में भी इजाफा हो सकता है।

कलेक्टर से आदेश मिलने के पश्चात तेजतर्रार रायगढ़ तहसीलदार नंदकिशोर सिन्हा नायब तहसीलदार प्रकाश पटेल एवम राजस्व विभाग के कर्मचारी सहित नेशनल हाईवे 49 से सटे ग्राम गेजामुड़ा जा पहुंचे जहां उन्होंने फ्लाईऐश से लदे दो हाईवा वाहन को रोक कर पूछताछ शुरू की तो हाईवा के चालको ने बताया कि किसी मोती पटेल के द्वारा इस स्थान पर फ्लाईऐश डालने के लिए उनके मालिक से बात हुई है। फ्लाई ऐश SKS कंपनी से लाई गई है। दोनों वाहन क्रमांक सीजी 07 सी 6396 एवं सीजी 07 सीएफ 3966 आकाश इंटरप्राइजेज की होनी बतलाई गई। जब अधिकारियों ने अपना परिचय बताते हुए वाहन को थाना ले चलने के लिए कहा तो दोनों वाहन के ड्राइवर वाहन की चाबी लेकर भाग खड़े हुए। जिस वजह से अधिकारियों को बैरंग लौटना पड़ गया। अधिकारियों के द्वारा वाहन के नंबर से उसके मालिक का पता कर आगे की कार्रवाई करने की बात कहीं गई है। कलेक्टर रानू साहू के फ्लाई एस के प्रति तीखे तेवर देखकर फ्लाईऐश के माफियाओं, ट्रांसपोर्टरों, दलालों में हड़कंप मच गया है। राजस्व विभाग के अधिकारियों के द्वारा की जा रही लगातार कार्रवाई की गूंज राजधानी रायपुर तक जा पहुंची है। ज्ञात रहे कि दो बार के विधानसभा सत्र में रायगढ़ विधायक प्रकाश नायक ने फ्लाई ऐश से संबंधित प्रश्न उठाकर मंत्री उमेश पटेल के खिलाफ अघोषित रूप से मोर्चा खोल दिया गया क्योंकि फ्लाई ऐश का खेल खरसिया विधानसभा में ही खेला जा रहा है।

अपनी आक्रमक शैली के लिए जानी पहचानी जाने वाली रायगढ़ कलेक्टर रानू साहू का मकसद फ्लाईऐश के सूत्रधारो को बेनकाब करने का है। कलेक्टर चाहती है कि फ्लाईऐश के द्वारा खेत, खलिहान,खेती ,किसानी ,प्रकृति, प्राकृतिक जल स्त्रोत, जलीय जीव जंतुओ, एवं मानव स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालने वाले सभी लोगों का नेटवर्क हर हालत में ध्वस्त होना चाहिए। कलेक्टर से आदेश मिलने के पश्चात उनके अधीनस्थ अधिकारी एसडीएम गगन शर्मा ,तहसीलदार नंदकिशोर सिन्हा, नायब तहसीलदार प्रकाश पटेल, फ्लाईऐश पर कार्रवाई करने निकल पड़ते हैं ।जिसमें वे कोई भी कोताही नहीं बरतते हुए किसी के दबाव में भी कार्य नहीं करते हैं।

तहसीलदार नंदकिशोर सिन्हा का तबादला पुनः पसौर कर दिया गया है…. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 1 सप्ताह पूर्व ही पुसौर से रायगढ़ आए तहसीलदार नंदकिशोर सिन्हा का तबादला वापस पुसौर राजनीतिक दबाव की वजह से हो जाना बतलाया जा रहा है। 1 सप्ताह के भीतर तहसीलदार ने तीन बड़ी कार्रवाई कर फ्लाई एस माफियाओं की नींदे उड़ा दी थी। तहसीलदार की कार्रवाई से खिन्न होने पर बात मंत्री स्तर तक पहुंचाई गई जिस वजह से मंत्री ने अपने समर्थकों का मान रखते हुए तहसीलदार का तबादला करने पर जोर डाला जाना चर्चाओं में है। जिसका साफ मतलब निकलता है कि फ्लाईऐश डंप करवाने वालो को खुला राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।







