🎯 चुनाव अधिकारी के पक्षपात पूर्ण रवैये से उपजे विवाद से सेवा संघ का चुनाव स्थगित
🎯 हड़बड़ी में चुनाव कराए जा रहे चुनावो में निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवाल
🎯 सेवा संघ के चुनाव को लेकर आज रामलीला मैदान स्थित दादू द्वारा में नामांकन दाखिल करने के बाद स्कुटनी व नाम वापसी की प्रक्रिया का समय निर्धारित था जिसे लेकर सेवा संघ से जुड़े सदस्यो में काफी गहमा गहमी बनी रही .चुनाव अधिकारी द्वारा एकता पैनल के अधिकांश नामांकन में छोटी मोटी खामियां बताकर निरस्त कर दिया गया . जिसमे महिलाओ के फार्म भी शामिल थे . वही दूसरे पक्ष के सचिव पद पर खड़े प्रत्याशी के अपराधिक मामलों की प्रमाणिक जानकारी की शिकायत का निराकरण नही किया गया .एक पक्ष विशेष को प्रत्याशियों को तवज्जो दिए जाने को लेकर अधिकांश सदस्यो ने नाराजगी जाहिर की . जानबूझ कर ऐसी स्थिति निर्मित हो ताकि चुनाव में विवाद की स्थिति पैदा कर एक पक्ष विशेष को लाभ पहुंचाया जा सके . सेवा संघ की एका इस कथित चुनाव अधिकारी की हिटलर शाही की भेट चढ़ गई . पूर्व में हुए संपन्न चुनावो के दौरान भी इस कथित चुनाव अधिकारी को भूमिका संदिग्ध रही . इस बार यह आक्रोश खुलकर सामने आ गया . चुनाव अधिकारी के इस मनमाना व पक्ष पात पूर्ण रवैए से आक्रोश उपजना स्वाभाविक था . एकता पैनल से जुड़े शताधिक सदस्यो की आपातकालीन बैठक भी होटल पुष्पक में आहूत की गई जिसमे बदलाव को लेकर बिगुल फुकते हुए बिना समय दिए हो गुपचुप चुनाव कराए जाने को लेकर नाराजगी भी जाहिर की है . अधिकांश सदस्यो ने चुनाव के लिए पर्याप्त समय दिए जाने की मांग रही लेकिन चुनाव अधिकारी इस हेतु तैयार नहीं थे . सदस्यो के बिना समय के ही चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को स्वीकार कर लिया . लेकिन नामांकन के दौरान एक पक्ष विशेष से जुड़े प्रत्याशियों का नामांकन निरस्त किए जाने एवम चुनाव अधिकारी के दुर्व्यवहार पूर्ण रवैये की वजह से आक्रोश की स्थिति उत्पन्न हो गई . इस बात को भी लेकर सवाल उठे कि चुनाव अधिकारी आखिर किसके दबाव में काम कर रहे थे ? बढ़ते विवाद को देखकर पुलिस बल भी बुलाया गया और दोनो पक्षों के मध्य शांति वार्ता का प्रयास किया गया . बढ़ते विवाद को लेकर चुनाव अधिकारी ने चुनाव स्थगित करने की घोषणा की इस दौरान एक पक्ष खुलेआम धमकी देने की जानकारी भी सामने आ रही है.





