🎯 टिल्लू शर्मा 🖋️ टूटी कलम रायगढ़ उन दिनों की है जब पूर्व विधायक विजय अग्रवाल के मंशा रूप शहर का कोढ़ बन चुका फ्लाई ओवर ब्रिज को अस्तित्व में लाने के लिए पुराना शनि मंदिर से लेकर रेलवे फाटक के उस पार कयाघाट तक फ्लाईओवर बनाने के लिए आजू बाजू के मकानों को तोड़ने के लिए नाप जोक शुरू कर दी गई थी। उस समय पूरे जिले की निगाह रायगढ़ के हृदय स्थल पर बना बहुमंजिला इमारत “गीता भवन” लोगों की नजरों में खटक रहा था एवं लोगों को इस बात की अधिक खुशी थी कि फ्लाईओवर बनने के कारण गीता भवन पूर्ण रूप से नेस्तनाबूद हो जाएगा. लोगों को यह कतई बर्दाश्त नहीं हो रहा था कि किसी ब्राह्मण की बहुमंजिला इमारत शहर के बीचोबीच स्थित हो. गीता भवन को तोड़ने संबंधित लोगों ने कलेक्टर अमित कटारिया से गुहार लगानी शुरू कर दी थी. तब अमित कटारिया मौके पर उपस्थित होकर गीता भवन के संचालक चंद्रकांत (टिल्लू) शर्मा से मौखिक रूप से कहा कि आपकी बिल्डिंग के ऊपर के 2 माले तोड़े जाएंगे. तब टिल्लू शर्मा ने तत्कालीन कलेक्टर अमित कटारिया से कहा कि, यदि शहर के विकास के लिए उनकी पूरी बिल्डिंग भी तोड़ दी जाएगी तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी और ना ही वे हाई कोर्ट का सहारा लेंगे. टिल्लू शर्मा की उक्त मर्दानगी भरी बातों को सुनकर अमित कटारिया काफी प्रभावित हुए एवं वे अपने ऑफिस में जाकर फ्लाई ओवर ब्रिज के नक्शा बनाने वाले इंजीनियर को बुलाकर कहा की जो फ्लाईओवर ब्रिज गीता भवन के ऊपर से जाने वाला है उसको 2 फीट घुमाओ कर नक्शा बनाया जाए ताकि गीता भवन को तनिक भी नुकसान ना हो सके। उपरोक्त वीडियो में यह देखा जा सकता है कि फ्लाई ओवर ब्रिज को किस स्थान से मोड़ कर गीता भवन को सुरक्षित किया गया है। यदि फ्लाई ओवर ब्रिज में आंशिक परिवर्तन नहीं किया जाता तो गीता भवन 100% टूट गया होता। अमित कटारिया ने स्वयं देखा था कि गीता भवन अपने निर्धारित क्षेत्रफल में ही बना हुआ है एवं उसके बाद की सभी दुकाने लगभग 12 फीट बाहर निकली हुई है। इस तरह से गीता भवन टूटे से बचने के कारण बगल के भी दुकानदारों का फायदा हो गया क्योंकि आगे जो रेलवे क्रॉसिंग है उसका फाटक जीवन भर के लिए बंद कर दिया गया है। जिस वजह से इस मार्ग में ट्रैफिक आवागमन का कोई वास्ता नहीं रह गया है। शायद शहर के नए मास्टर प्लान में भी यह क्षेत्र पूर्ण रूप से सुरक्षित हो चुका है।