सीजी मौसम विभाग (CG Weather Alert) के अनुसार, प्रदेश के कई जिलों में अगले दो दिनों में भारी बारिश होने की संभावना है। रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार और महासमुंद जिलों में अगले 48 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। बिलासपुर, कोरबा, मुंगेली, गरियाबंद, रायपुर, दुर्ग और धमतरी जिलों में एक या दो स्थानों पर गरज के साथ भारी बारिश हो सकती है। उत्तर बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब क्षेत्र बनने और उसके प्रबल होने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ के चार संभागों- रायपुर, दुर्ग, बस्तर और बिलासपुर में भारी बारिश होने का अनुमान है। अगले 48 घंटों में रायपुर-बिलासपुर संभाग में अति भारी वर्षा की चेतावनी दी है। इसके साथ ही रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, महासमुंद जिलों में भी भारी वर्षा हो सकती है। बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है।
सुबह 5 बजे के बाद जलस्तर बढ़ने की संभावना
कलेक्टर ने गंगरेल बांध का आज गेट खोले जाने के बाद 16 अगस्त को सुबह 5 बजे के बाद महानदी में जल का स्तर बढ़ने और स्थिति गंभीर होने की संभावनाओं को देखते हुए राहत और बचाव के लिए तत्काल तैयारी के निर्देश दिए हैं। संभावना जताई गई है कि शिवरीनारायण, चंद्रपुर क्षेत्र में महानदी के किनारे स्थानीय बारिश और गंगरेल से पानी आने के बाद जल का स्तर और बढ़ेगा।
कलेक्टर ने आमनागरिकों को भी सतर्क रहने की अपील की
कलेक्टर ने बारिश से जलमग्न क्षेत्रों में आमनागरिकों को नहीं जाने की अपील की है। उन्होंने अपील किया है कि गंगरेल बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। 16 अगस्त की सुबह 5 बजे के बाद पानी का स्तर शिवरीनारायण सहित महानदी के किनारे बढ़ेगा। ऐसे में आसपास आमनागरिकों का जाना खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने नदी में बढ़े हुए जल के स्तर को देखने के नाम पर नदी के किनारे नहीं आने, पुल से पानी ऊपर बहने पर पुल पार नहीं करने और मछली पकड़ने तथा सेलफी या फोटो खिचवाने के चक्कर में अपनी जिंदगी खतरे में नहीं डालने की सलाह दी है। बारिश में आकाशीय बिजली, सर्फदंश, विद्युत करंट, बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इससे भी बचने के लिए सतर्क और सावधान होने की जरूरत है।



