🎯 टिल्लू शर्मा 🖋️ टूटी कलम रायगढ़ छत्तीसगढ़….. मंदिर मेंले के आवाज से 1 दिन पूर्व ही चोरों ने शहर की व्यवस्तम सड़कों पर बनी दुकानों के शटर तोड़कर नकद रकम की चोरी कर डाली एवं रात्रि कालीन पुलिस गश्त की पोल खोल कर रख दिया गया। इस तरह की चोरी को अंजाम देना चोरों के द्वारा पुलिस को चुनौती देना माना जा सकता है। रायगढ़ पुलिस के द्वारा रात्रि कालीन गस्त किस प्रकार से की जाती है इसका उदाहरण चोरों ने प्रस्तुत कर दिखाया है। संभावना यह भी बन रही है कि चोरों के द्वारा पुलिस वाहन के गस्त पर आने के समय पर भी पूर्ण रूप से मंथन कर चोरी को अंजाम दिया गया होगा। आमतौर पर यह देखा जाता है कि रात्रि कालीन पुलिस गश्त के वाहन में एकमात्र ड्राइवर एवं एकमात्र आरक्षक ही होते हैं जो बगैर किसी सुरक्षा व्यवस्था के अपने वाहन का हूटर बजाते हुए असामाजिक तत्वों को सचेत करते जाते हैं। रात्रि कालीन पुलिस गश्त वाहन के द्वारा घूमते फिरते लोगों को रोककर पूछताछ तक नहीं की जाती है एवं यदि कोई कुछ करता भी रहता है तो पुलिस वाहन अनदेखा कर आगे बढ़ जाता है। जैसा कि सब जानते हैं रात्रि 2:00 बजे से लेकर सुबह 5:00 बजे तक का समय गहरी नींद का होता है। जिसका फायदा उठाकर ही चोरी डकैती आदि को अंजाम दिया जाता है। इसलिए पुलिस को यह जरूरी हो जाता है की रात्रि 2:00 बजे से 5:00 बजे तक वह पूर्ण रूप से सरिता के साथ बगैर कोताही बरते पेट्रोलिंग करें। लक्ष्मीपुर चौक से लेकर ढिमरापुर चौक तक के ओपी जिंदल मार्ग से डिवाइडर में लगे लोहे की जालियां कबाड़ियों के द्वारा किशोर बच्चों को बोनफिक्स नामक सुलेशन के नशे का लालच देकर गायब करवा दिया गया है। आने एवं जाने में लगभग 2 किलोमीटर के डिवाइडर में से 1 किलोमीटर से अधिक के डिवाइडरो पर लगी लोहे की जालिया चुरा ली गई है। यह चोर इतने शातिर और चालाक है कि जहां-जहां उन्हें लगा कि सीसीटीवी कैमरा नहीं है । उसी जगह से लोहे की जालिया चुराई गई है। उक्त सड़क के रखरखाव करने वाले जिंदल प्रशासन को चाहिए कि वह पुलिस में लोहे की जाली चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज करवाएं। जिंदल प्रशासन की अनदेखी की वजह से चोरों के हौसले बुलंद हो चुके हैं। बीती रात शहर के एमजीरोड, टाउन हाल के सामने और लक्ष्मीपुर जैसे चहल-पहल वाले मार्ग पर चोरों के द्वारा चोरी करना एक प्रकार से दुस्साहस माना जा सकता है। एक चोरी सखी पान मसाला सेंटर जेल रोड में भी हुई है जो कि जूट मिल थाना क्षेत्र में आता है। इसी तरह शहर के विजय कोकोनट, रूपा सिंधी, की दुकानों में भी चोरी किए जाने का प्रयास की खबर सामने आ रही है शायद उक्त दुकानदारों के द्वारा चोरी की रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई गई है।
अब चोरियो के पर्दाफाश करने की जिम्मेवारी जागकर रात बिताने वाले ,जिसकी वजह से उनकी आंखों के नीचे श्याम घेरे बन चुके हैं। नगर पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा को दी गई है दीपक मिश्रा अज्ञात एवं अनसुलझे मामलों को सुलझाने में महारत हासिल किए हुए हैं. धर्मजयगढ़ एसडीओपी दीपक मिश्रा के द्वारा धर्मजयगढ़ क्षेत्र के अनेक पेचीदे मामलों का खुलासा किया गया जा चुका है. पूरे शहर की निगाहें इन चोरियों के मामलों से पर्दाफाश करने के लिए दीपक मिश्रा पर जमी हुई है।
यहां हुई चोरियां–
(1) एमजीरोड के संस्कार कपडा एवं गिफ्ट खिलौने दुकान के गल्ले में रखा 75,815 रूपये ।
(2) टाउन हाल के सामने खालसा स्टील सेंटर से नगद 50,000/ रूपये ।
(3) लक्ष्मीपुर मेन रोड़ मित्तल ट्रेडर्स के काउंटर से नगद 70,000/ रूपये ।
