🎯टिल्लू शर्मा 🖋️टूटी कलम रायगढ़ छत्तीसगढ़ आगामी गणेश चतुर्थी के समय चक्रधर समारोह मनाने हेतु आज जिला कलेक्टर के द्वारा उक्त संबंध में एक बैठक बुलाकर लोगों के विचार जानने चाहे। बैठक में राज परिवार एवं उनके कुछ नियमित बंधे बंधाए समर्थकों के द्वारा चक्रधर समारोह करवाने पर भरपूर जोर डाला गया साथ ही भाजपाइयों के द्वारा भी उक्त आयोजन करवाने पर काफी जोर डाला गया परंतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी एस एन केसरी के द्वारा जिले में कोविड संक्रमण की दर 8% बताई गई जिस वजह से चक्रधर समारोह करवाने से संक्रमण की दर में तेज गति से इजाफा होने का डर बतलाया गया। जिला पंचायत के सीईओ अविनाश मिश्रा के द्वारा जिले में आई बाढ़ के कारण अधिकारी कर्मचारी वर्ग राहत बचाव कार्य में लगे रहना बतलाया गया। मिश्रा ने कहा कि आगंतुक कलाकारों की सेवा एवं देख रहे करने में मैन पावर उपलब्ध नहीं हो पाएंगे किस वजह से आगंतुकों के मन में चमारों को लेकर कोई अच्छा संकेत नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि गणेश पूजा में महज 10 दिन ही शेष रह गए हैं ऐसे में राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों को बुलाना, टेंट तंबू का काम करवाना संभव नहीं हो पाएगा ।गणेश मेला की तैयारियां 4 माह पूर्व शुरू कर दी जाती है मगर इस बार ऐसा नहीं हो पाया है। कांग्रेसी नेता दीपक पांडे ने आक्रमक होते हुए कहा की चक्रधर समारोह सांकेतिक रूप से मनाया जाना चाहिए । जिसके लिए नगर निगम का ऑडिटोरियम उपयुक्त स्थान रहेगा। जिस पर राज परिवार के सदस्यों ने अपाचे जसलाई तब दीपक पांडे ने मुखर होते हुए कहां की क्या करोड़ों रुपए का बना ऑडिटोरियम बेकार है। गणेश मेला के पश्चात रामलीला मैदान की दुर्गति हो जाती है एवं इस मैदान के उत्थान के लिए शहर के खिलाड़ी वर्ग ,खेल संगठन लगातार प्रयासरत है। इसलिए ऑडिटोरियम में 3 दिन का चक्रधर समारोह आयोजित किया जाना चाहिए। वह भी दिन में किया जाना चाहिए ना की रात में। हम लोग हर साल देखते है कि कितनी कम लोग आते है। इस आयोजन को देखने के लिए।
भाजपाई इस कार्यक्रम को करवाने के पक्ष को लेकर काफी संख्या में पहुंचे थे जिनमें से मुख्य रूप से सुभाष पांडे, पूनम सोलंकी, सुरेंद्र पांडे आदि से इन लोगों ने बताया कि चक्रधर समारोह करवाने के लिए इन्होंने एक माह पहले आवेदन दिया था परंतु उस पर कोई सुनवाई नहीं हुई थी । नोक झोंक के दौरान ना जाने भाजपा नेता सुरेंद्र पांडे ने क्या कुछ कह दिया। जिस वजह से विधायक प्रकाश नायक का मुड़ एक बारगी उखड़ गया एवं वे सुरेंद्र पांडे से बैठ जाने को कहे। राज परिवार के द्वारा चक्रधर समारोह को राष्ट्रीय स्तर का ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का बताया गया। जिस वजह से रंगकर्मी उपेंद्र शर्मा के द्वारा ठेठ छत्तीसगढ़िया भाषा में कहा कि स्थानीय कलाकार भूखे मरते हैं और बाहर से कलाकारों को बुलवाकर लाखों रुपए दे दिए जाते हैं। हम देखे हैं की चक्रधर समारोह की कितनी गरिमा है। गम्मत करने वाले गांव में गम्मत करके पुरस्कार पा जाते हैं इसलिए कला को निखारने एवं बस लाने के लिए किसी प्लेटफार्म की जरूरत नहीं पड़ती है। नेता प्रतिपक्ष पूनम सोलंकी ने कहा की चक्रधर समारोह के नाम से रायगढ़ को जाना जाता है। यह एक आत्म संतुष्टि करने वाली बात है जबकि रायगढ़ को सेठ किरोड़ीमल की नगरी के नाम से जाना जाता है एवं जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड के नाम से विदेशों तक में जाना जाता है।
रायगढ़ विधायक प्रकाश नायक ने कहा कि अभी कोविड संक्रमण का दौर है एवं जिले में बाढ़ की स्थिति है। मौसम विभाग के अनुसार अभी बहुत अधिक बारिश होने की संभावना भी है। हमने कोरोना काल में कई अपनों को खोया है जिस वजह से वह पूर्णावृति ना हो इसलिए चक्रधर समारोह सांकेतिक रूप से मनाया जाना चाहिए। मैंने अपने पिताजी को भी कोरोना काल में खोया है। इसलिए चक्रधर समारोह किस तरह से आयोजित किया जाना चाहिए इसके लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा जिसके द्वारा सभी पहलुओं पर ध्यान रखते हुए निर्णय लिया जाएगा।
राज परिवार ने बतलाया बेतुका हल … बैठक के दौरान अपनी दाल गलती ना देख अपने पासे उल्टे पड़ते देख कर राज परिवार ने एक अलग ही तरह की बात कही जिससे पूरा सभागार आश्चर्यचकित रह गया। राज परिवार के सदस्यों ने एकमत से यह कहा कि फिलहाल चक्रधर समारोह को सांकेतिक रूप से पूजा पाठ कर मनाया जाए और छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण 1 नवंबर वाले दिन से पूरा 10 दिवसीय चक्रधर समारोह का आयोजन किया जाए। जिस पर लोगों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की की समय काल परिस्थिति के अनुसार ही कार्य होते हैं 15 अगस्त 15 अगस्त को ही मनाया जाता है । 26 जनवरी 26 जनवरी को ही मनाया जाता है। महात्मा गांधी का जन्म उत्सव 2 अक्टूबर को ही मनाया जाता है। जवाहरलाल नेहरू का जन्म उत्सव 14 नवंबर को ही बना जाता है इन्हें किसी भी रुप से आगे पीछे नहीं किया जा सकता। कुछ लोगों ने कहा कि महात्मा गांधी जवाहरलाल नेहरू इंदिरा गांधी राजीव गांधी अटल बिहारी बाजपेई जैसे महापुरुषों का जन्मदिन केवल एक दिन ही मनाया जाता है तो चक्रधर सिंह का जन्मदिन 10 दिन तक क्यों मनाया जाता है। तभी यह बात भी उठी कि इस कार्यक्रम का आयोजन पूरा कमीशन खोरी के रूप में किया जाता है। टेंट वाले का बिल 10 से 15 लाख रुपया 10 दिन का बनाकर पास कर दिया जाता है। इतने रुपए लगाकर चक्रधर समारोह आयोजन समिति नया डोम खरीद कर सालों साल चला सकते हैं। जानकी होटल का बिल 25 30 लाख रुपए का होता है अर्थात प्रतिदिन ढाई से तीन लाख तक का भोजन किसके द्वारा चट कर दिया जाता है। किसी कलाकार का पारिश्रमिक ₹100000 होता है तो उस कलाकार से ₹200000 मांगने पर जोर दिया जाता है। बाद में उस कलाकार से आयोजन समिति के द्वारा ₹100000 वापस मांगा जाता है। इस तरह के सैकड़ों कार्य हैं जिसमें कमीशन खोरी निश्चित राशि है। बैठक से यह बात स्पष्ट हो गई कि राज परिवार एवं उनके समर्थक किसी भी हाल में किसी भी महा में चक्रधर समारोह का आयोजन करवाना चाहते हैं इसका स्पष्ट कारण लोगों के समझ में आने लगा है।
