🎯 टिल्लू शर्मा 🖋️ टूटी कलम रायगढ़ छत्तीसगढ़……. भाजपा के बागी पूर्व विधायक विजय अग्रवाल की अंततः पार्टी में वापसी हो गई है। जिस वजह से तथाकथित भाजपाई कहलाने वाले विजय अग्रवाल के समर्थको मैं अपार खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। पूर्व विधायक स्वर्गीय रोशन लाल को चुनाव हरवाने में विजय अग्रवाल एवं उनकी टीम की भूमिका जगजाहिर है। बागी प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने पर विजय अग्रवाल को भाजपा से निष्कासित कर दिया गया था परंतु उनके समर्थकों को भाजपाई ही रहने दिया गया था। जो भाजपा की जड़ों को धीरे धीरे कमजोर करने में ही लगे हुए थे। स्वर्गीय रोशन लाल के जिंदा रहते तक विजय अग्रवाल ने भाजपा में वापसी के लिए काफी हाथ-पैर मारे और अपनी ऊंची राजनीति पहुंच का भी इस्तेमाल किया गया था किंतु रोशन लाल के रहते उनकी एक ना चल पाई थी। राजनीति के चतुर सुजान रोशन लाल ने जिला भाजपा अध्यक्ष के लिए उमेश अग्रवाल का रत्ती भर विरोध ना करना जिले के लिए बहुत बड़ी राजनीति चाल बन गई। आप आगामी चुनाव में भाजपा से विधायकी की टिकट के लिए उमेश अग्रवाल अपना जोर लगाएंगे तो वही विजय अग्रवाल एक बार पुनः विधायक बनने के लिए अपने रुपयों से भरे लॉकरो का मुंह खोल देंगे। विजय अग्रवाल को यदि टिकट मिल जाएगी तो भाजपा का हर घड़ा हर गुट उनका अंदरुनी विरोध ना कर खुल कर विरोध करेंगे। रोशन लाल गुट, उमेश गुट, किसी भी रूप में विजय अग्रवाल को पुनः विधायक नहीं बनने देंगे. जिसका फायदा एक बार फिर से प्रकाश नायक उठा ले जाएंगे.
उमेश को या किसी अन्य को टिकट मिलने पर विजय गुट क्या उनका समर्थन कर सकेगा… विजय अग्रवाल पर बागी का ठप्पा लग चुका है. तो पर यदि पार्टी हाईकमान इनको टिकट दे देगी तब भी विजय अग्रवाल को विजय मिला नामुमकिन होगा। वहीं यदि जिला भाजपा अध्यक्ष उमेश अग्रवाल या अन्य किसी को भाजपा टिकट दे देगी तो शायद विजय अग्रवाल एवं उनके समर्थक एक बार फिर से भाजपा के खिलाफ कार्य कर सकते हैं। भले ही विजय समर्थक ऊपरी तौर पर भाजपा प्रत्याशी का समर्थन करते दिखलाई भी पड़ जाएंगे तब भी वे किसी भी रूप में भाजपा के प्रत्याशी को जीतने नहीं देंगे यह अकाट्य सत्य साबित होगा।
विजय अग्रवाल की वापसी से कांग्रेसी ज्यादा खुश क्यों हो रहे हैं…. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से विजय अग्रवाल की वापसी की खबर सुनते ही भाजपाइयों से ज्यादा खुशी कांग्रेसियों में देखी गई. ये वहीं कांग्रेसी है जो फूल छाप कांग्रेसी कहलाते है। इन कांग्रेसियों के द्वारा सोशल मीडिया पर रायगढ़ जिले की 2 सीटों पर भाजपा की जीत होना लिखा जा रहा है। खरसिया विधानसभा से कांग्रेस की जीत सुनिश्चित है। मगर दूसरी सीट कौन सी होगी इसका अंदाजा रायगढ़ सीट को लेकर लगाया जा रहा है।इन कांग्रेसियों को यह लगने लगा है कि इस बार भाजपा के कमल छाप से विजय अग्रवाल को टिकट मिल सकती है। जिस वजह से कांग्रेसी विधायक प्रकाश नायक मुश्किलों में पड़ सकते हैं। लेकिन अभी विधानसभा चुनाव होने में लगभग 1 वर्ष शेष है। जिस बीच में भाजपा की राजनीति क्या करवट लेती है इसका अंदाजा शायद किसी को नहीं होगा। भाजपा में बहुत उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। भाजपा में अब रस्साकशी का दौर शुरू हो जाएगा।




