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🪓टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम 🎤 न्यूज रायगढ़ 🌍 छत्तीसगढ़ 🏹 रायगढ़ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह जब जशपुर जिला पुलिस अधीक्षक थे तब रायगढ़ शहर में बुलेट मोटरसाइकिल वालों के कहर से सभी परेशान हो गए थे। विशेष कर युवतियों,महिलाओं के अगल-बगल से निकलने वाले बुलेट चालक बुलेट के एक्सीलेटर को स्पीड कर बटन के द्वारा बम फोड़ने सरीखे आवाज करने वाले मोडिफाइड साइलेंसर का खुलेआम उपयोग करके दस्त गर्दी फैला दिए थे। वृद्ध जनों,बीमार लोगों का रक्तचाप हृदय की गति इनकी वजह से बढ़ जाया करती थी। कुछ लोगों ने बुलेट गैंग तैयार किया हुआ था। जिनका काम शाम के समय भीड़ भाड़ में बुलेट चला कर बम फूटने की आवाज कर लोगों में डर उत्पन्न कर दिए थे।
रायगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक पद पर पदस्थ होते ही शशि मोहन सिंह है बुलेट वालों पर ऐसा शिकंजा कस दिया कि लोग अब सामान्य साइलेंसर वाली बुलेट चलाने से भी डरने लगे हैं क्योंकि चौक चौराहो पर वाहन चेकिंग के दौरान यदि मोडिफाइड साइलेंसर वाली बुलेट पकड़ी जाती है तो उसे सीधे यातायात थाना भेज दिया जाता है। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के द्वारा बुलेट चालक के परिजनों को बुलाकर अच्छे से समझा दिया जाता है कि पुलिस से बढ़कर कोई नहीं है। बुलेट खरीदने के पैसे हैं परंतु साइलेंसर लगाने के पैसे नहीं है। शशि मोहन सिंह के इस कढ़ाई की वजह से शहर में बुलेट का हल्ला खत्म के बराबर हो गया है। जो थोड़े से कुछ बुलेट राजा बनते है। वे रात्रि 10:00 बजे के बाद बुलेट से पटाखे की आवाज कर अपने मोहल्ले में अपनी दादागिरी बनाए रखना चाहते हैं। यदि रायगढ़ पुलिस रात 9:00 बजे से 10:00 तक का चेकिंग अभियान शुरू कर दे तो शहर में एक भी बुलेट चलती नहीं दिखाई देगी।





