🔥टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम रायगढ़ छत्तीसगढ़ बेमेतरा जिले के साजा गांव में जिहादियों के द्वारा बाप ,माई पिल्लो के द्वारा हिंदू युवक की चाकू से गोदकर एवं लाठी से पीट-पीटकर नृशंस हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य हत्याकांड से पूरे प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया विधानसभा चुनावी वर्ष होने की वजह से भाजपा एवं हिंदू संगठनों के द्वारा उक्त मुद्दे को काफी साजिंदगी से लेते हुए आज सुबह से लेकर दोपहर 2:00 बजे तक प्रदेश बंद का आह्वान किया गया था। प्रदेश की कांग्रेस सरकार के कार्यकलापों से त्रस्त हो चुके व्यवसाई वर्गों के द्वारा बगैर किसी दबाव के स्वफूर्त अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर घोषित रूप से भाजपा को समर्थन प्रदान कर दिया है। रायगढ़ बंद को मिली ऐतिहासिक सफलता से भाजपा, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल आदि हिंदू संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता काफी गदगद दिखलाई दिए। व्यापारियों के द्वारा दिए गए समर्थन को देखकर लगता है कि पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश की जनता आने वाले चुनाव में कांग्रेस को नकारने जा रही है। कांग्रेस के द्वारा जिहादियों को दिए जा रहे समर्थन और बढ़ावा किसी से नहीं छिपा है। लगता है कि छत्तीसगढ़ राज्य मैं अराजकता की स्थिति बनती है जा रही है। यदि समय रहते जनता अपनी आंखें नहीं खुलेगी तो छत्तीसगढ़ प्रदेश मिनी बिहार का रूप ले लेगा। छत्तीसगढ़ प्रदेश में दिनों दिन परदेसियों की बढ़ती संख्या कांग्रेस सरकार के द्वारा उनको उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाएं आने वाले दिनों में विस्फोटक रूप धारण कर सकती है। पिछले 4 सालों के अंदर प्रदेश में बांग्लादेशियों, पाकिस्तानियों, ईरानियों, शरणार्थियों का बोलबाला देखने को मिल रहा है क्यों सरकार के निकम्मे पन की वजह से बढ़ता ही जा रहा है। छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ प्रदेश के मूल लोग अपनी पहचान दिनोंदिन खोते जा रहे हैं।
आज छत्तीसगढ़ प्रदेश को बंद करने में मिली सफलता से यह लग रहा है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार की चूले हिल चुकी है। भूपेश बघेल के द्वारा कृषको को दिए जा रहे लालच 28 सौ रुपए क्विंटल धान का समर्थन मूल्य, गोमूत्र, गोबर की खरीदी के झांसे में ग्रामीण नहीं फंसने वाले हैं पूरे प्रदेश की गौठानों का हाल देख कर कांग्रेस सरकार के द्वारा किए गए लंबे चौड़े घोटालों की पोल पट्टी खोलने के लिए काफी है। शराब घोटाला, कोयला घोटाला, उर्जा घोटाला, आदि के द्वारा कांग्रेस सरकार प्रदेश की जनता को दिनोंदिन कर्ज में डूबोते जा रही है। सूत्र यह बताते हैं कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में जो कर्ज 28 हजार करोड़ रुपए का था। वह 4 साल के भीतर सवा लाख करोड़ रुपए का कर्ज हो चुका है।


