🔥टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम रायगढ़ छत्तीसगढ़ रायगढ़ शहर के चौक-चौराहों को आवारा मवेशियों से निजात दिलाने एवं ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद की जा रही है। ताकि जनसामान्य को शहर के सड़को में खुले में घूमने वाले मवेशियों से यातायात बाधित होने की समस्याओं से मुक्ति मिल सके।
कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा के निर्देशन में आयुक्त नगर निगम संबित मिश्रा द्वारा निगम क्षेत्र के कई चौक-चौराहों को मवेशी मुक्त क्षेत्र बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके शुरुआती चरण में निगम क्षेत्र के 8 प्रमुख स्थानों को मवेशी मुक्त घोषित किया गया है। इन स्थानों पर इसका बोर्ड भी लगाया गया है। जिसमें मोबाइल नंबर भी अंकित है। इन क्षेत्रों में आवारा मवेशियों की उपलब्धता ना हो सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। इसके अलावा इन क्षेत्रों में आवारा मवेशियों की दिखने पर आमजन उक्त बोर्ड में अंकित मोबाइल नंबर 98279-32711 में कॉल करके मवेशी की जानकारी देने पर निगम अमला द्वारा उन पशुओं को संबलपुरी गौठान में शिफ्ट किया जायेगा। इससे शहर के लोगों को काफी हद तक आवारा मवेशियों से निजात मिलेगी।
*शहर के इन क्षेत्रों को बनाया गया मवेशी मुक्त जोन*
शहर के जिन चौक-चौराहों को मवेशी मुक्त बनाया गया है इनमें मेन पोस्ट ऑफिस एटीएम के पास, सुभाष चौक आलोक ट्रेडर्स के सामने, गौरी शंकर मंदिर के पास, शहीद चौक में मेन गेट के बीच, हेमू कलाणी चौक, कलेक्टर बंगला के सामने सरस्वती प्रतिमा के पास, चक्रधर नगर पॉलिटेक्निक के आगे एवं कलेक्ट्रेट के सामने को मवेशी मुक्त क्षेत्र बनाया गया है। ध्यान रहे कि उक्त मार्गो से रायगढ़ कलेक्टर का प्रतिदिन दिन भर में 4- 6 बार आना जाना होता है एवं सड़कों पर बैठे मवेशियों की वजह से उनके वाहन भी जाम में फंस जाया करते हैं जिस वजह से उनको कार्य में विलंब होता है।
वैसे अगर संवेदनशील कलेक्टर लक्ष्मीपुर चौक से ढिमरापुर चौक तक के दोनों पर तरफ के मार्गो, गोगा मंदिर चौक से छाता मुड़ा चौक के दोनों तरफ के मार्गो, कबीर चौक से काशीराम चौक तक के दोनों तरफ के मार्गो का निरीक्षण करें तो उन्हें मवेशियों सड़क के दोनों तरफ अतिक्रमण कर बैठे हुए 24 घंटे देखे जा सकते हैं। संस्कार पब्लिक स्कूल मार्ग पर ऐसा लगता है मानो सरकार के द्वारा इस सड़क पर बीच में ही गौठान बना दी गई है। सती गुड़ी ,घड़ी चौक से कोतरा रोड थाना चौक तक के दोनों तरफ के मार्गो का हाल ही कुछ ज्यादा अच्छा नहीं कहा जा सकता।







