
🔥 टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम रायगढ़ छत्तीसगढ़ पुलिस के शिकंजे में आने से बचने के लिए इधर से उधर होकर दिन गुजारने वाली गीता नायक को पुलिस ने गिरफ्तार का जेल भेजा .
घटनाक्रम…. किसी समय जिला कांग्रेस अध्यक्ष रानी चौहान की प्रतिबिंब समझे जाने वाली गीता नायक ने रानी चौहान पर देहव्यवसाय करवाने के आरोप लगाते हुए राजनीतिक खेमे में खलबली मचा दी थी। गीता नायक के द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सिटी कोतवाली, जूट कोतवाली में रानी चौहान के खिलाफ मामला दर्ज करवाने का भरसक प्रयास किया गया। गीता नायक का साथ तथाकथित मीडिया वालो के द्वारा दिया जा रहा था। जहां कहीं भी गीता नायक शिकायत दर्ज करवाने की खातिर जाती थी। उससे पहले वहां पर वेब पोर्टल चलाने वाले 200 500 में अपना इमान बेच डालने वाले पहले पहुंच गया करते थे। के द्वारा जिनके द्वारा गीता नायक को सही साबित करने का भरसक प्रयास उसकी मौखिक शिकायत आमजन के सामने दिखाने का प्रयास किया जाता रहा। गीता नायक के द्वारा पुलिस अधीक्षक जिला कलेक्टर के कार्यालय पहुंचकर स्वयं को सती सावित्री, पाक साफ, बेगुनाह साबित करने का प्रयास किया जाता रहा। इसी बीच जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष रानी चौहान के द्वारा पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर गीता नायक के ऊपर उसके घर घुसकर जातिगत गाली गुप्तार करने एवं कार्रवाई करने का लिखित आवेदन दिया गया। सत्तारूढ़ पार्टी के जिला अधिकारी की लिखित शिकायत मिलने पर पुलिस अधीक्षक के द्वारा विवेचना करने का जिम्मा नगर पुलिस अधीक्षक को सौंपा गया था। विवेचना में देर होने की वजह से मीडिया के द्वारा सीएसपी से जानकारी मांगी गई थी और प्रश्न किया गया था की जब एट्रोसिटी के एक मामले में नवापारा वार्ड की महिला पार्षद पुष्पा साहू को को जेल भेजा जा सकता है तो इस कार्रवाई में देर क्यों हो रही है। जिस पर सीएसपी ने शीघ्र कार्रवाई करने का कथन किया गया था। पुलिस के द्वारा रानी चौहान की शिकायत पर विवेचना की जा रही थी। इसी बीच गीता नायक ने अपनी अग्रिम जमानत की अर्जी माननीय न्यायालय में लगाई थी। न्यायालय ने मामले की गंभीरता समझते हुए गीता नायक याचिका खारिज कर दी गई थी। जिसके बाद से गीता नायक के द्वारा लगातार अपने स्थान बदले जा रहे थे। इसी बीच सीएसपी अन्य मामलों में व्यस्त हो गए थे। जिस वजह से गीता नायक उन्मुक्त होकर शहर में घूम फिर रही थी। सीएसपी जब अन्य मामलों से राहत पाए तब उन्होंने गीता नायक की पतासाजी करने के आदेश जूट मिल थाना प्रभारी को दिए थे। जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया। जूट मिल पुलिस के द्वारा गीता नायक को थाना लाकर न्यायलय के समक्ष पेश किया गया। न्यायाधीश के द्वारा गीता नायक को जेल भेजने के आदेश दिए गए।
बताया जा रहा है कि आरोपिया गीता गायक के द्वारा जो भी साक्ष्य पुलिस को दिखलाए गए थे। वे सब फर्जी एवं झूठे साबित हुए। इसलिए पुलिस के द्वारा एट्रोसिटी मामले पर कार्रवाई करने पर रानी चौहान के द्वारा की गई शिकायत को सही पाया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रानी चौहान एवं गीता नायक एक दूसरे के हमराज हुआ करते थे ना जाने उनके बीच कौन आ गया की दोनों एक दूसरे को कट्टर दुश्मन समझने लगे। जिनके द्वारा एक दूसरे के प्राइवेसी वाली फोटो सोशल मीडिया पर डाले जाने लगी थी । गीता नायक के पति ने मामले की गंभीरता एवं वास्तविकता समझते हुए गीता से दूरी बना ली थी। जिसके बाद गीता के द्वारा अपने परिचितों के यहां दस्तक दी जाने लगी मगर उन्होंने गीता नायक को दूध में गिरी मक्खी समझकर फेंक दिया गया।






