🌀टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम … छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं प्रथम चरण 7 नवंबर को संपन्न होगा और दूसरा चरण 17 नवंबर को संपन्न होगा. दूसरे चरण में मतदाताओं के द्वारा रायगढ़ विधानसभा के प्रत्याशी का चयन किया जाएगा. जिसके लिए रणभेदी फूंकी जा चुकी है. दोनों ही राष्ट्रीय पार्टियों के प्रत्याशियों के द्वारा अनेकों तरह से लुभाने रिझाने का प्रयास किया जा रहा है. जिसके लिए साम, दाम, दंड, भेद के अस्त्र बाहर आ चुके हैं. चालक एवं लालची किस्म के लोगों के को भाजपा प्रत्याशी ओ पी चौधरी के द्वारा बनाए गए अस्थाई ठिकाने पुलिस लाइन स्थित पुराने शराब आहता एवं शराब विक्रय केंद्र, खरसिया वाले मुरली सेठ के बंगला में सुबह से देर रात तक आते जाते देखा जा सकता है. बेरोजगार, बेकार,नकारा निखट्टू के लोग उक्त स्थान पर सुबह से ही हाजिरी बजाने पहुंच जाते हैं और तरह-तरह के ज्ञान पाठन करते दिखते हैं. जिनका सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन, शाम का नाश्ता, रात का भोजन की व्यवस्था पार्टी के फंड से की जाती है. लोगों की सेवा सुश्रेवा हलवाईयों रसोईयों कर्मचारियों के द्वारा की जाती है.
ओ पी चौधरी रायगढ़ के लोगों की आदत से वाकिफ नहीं है और ना ही जानते पहचानते हैं क्योंकि आप चौधरी रायगढ़ के स्थाई,जन्म से निवासी ना होकर खरसिया विधानसभा क्षेत्र के नंदेली ग्राम से सटे बयांग नामक ग्राम के निवासी हैं. इस गांव में उनकी खेती बाड़ी, केलाबाड़ी, ट्रैक्टर, मकान सब कुछ है. हिंदी भाषा से आई ए एस (कलेक्टर) बनने वाले शायद ये प्रदेश के प्रथम व्यक्ति है. इन्होंने कलेक्ट्री भी पास करी तो हिंदी भाषा से जो अपने आप में एक बहुत बड़ा प्रश्न है. कलेक्टर बनने के पश्चात वे प्रदेश के कई जिलों में पदस्थ रहे किंतु अचानक से कलेक्ट्री से त्यागपत्र देकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता स्वीकार करते हुए राजनीति में आ गए. उन्होंने नौकरी क्यों छोड़ी ? त्यागपत्र क्यों दिया ? भाजपा की सदस्यता क्यों स्वीकारी ? अनेक लोगों के द्वारा इसके पीछे अनेक कारण बतलाए जाते हैं. कुछ लोग इसे पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी वाला कारण बतलाते हैं. भाजपा प्रत्याशी ओ पी चौधरी के द्वारा अपनी कलेक्ट्री जन सेवा हेतु समर्पित करना बतलाया जाता है. जबकि जन सेवा करने का सबसे माध्यम जिला दंडाअधिकारी माना जाता है. कलेक्टर पूरे जिले में जो चाहे वह विकास कार्य करवा सकता है. जबकि जनप्रतिनिधि को नीचे से लेकर ऊपर तक लड़ाई लड़नी पड़ती है. तब भी विकास कार्य होने की पूर्ण गारंटी नहीं होती है. जिसका सबसे बड़ा कारण जिला कलेक्टर के द्वारा स्वीकृति प्रदान करनी होती है.
पिछले कई दशकों से विधायक टिकट पाने की आस में जो लोग भाजपा से राजनीति करते आए हैं और जो लोग प्रबल दावेदार थे उन सब का नाम काटते हुए भाजपा संगठन के द्वारा ओपी चौधरी को रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र का प्रत्याशी बना दिया गया. जिसको लेकर ऊपरी तौर पर ना सही परंतु अंदर ही अंदर रोष की ज्वाला धधक रही है. भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं, सदस्यों के द्वारा ओपी चौधरी का समर्थन बे मन से करना अति आवश्यक है. चुनाव के अंतिम सप्ताह में इन लोगों के द्वारा पूरी बाजी पलटने का भरपूर प्रयास किया जाएगा जो कि ओ पी चौधरी के लिए नुकसानदेह साबित होगा. जैसे कि पिछले चुनाव में खरसिया विधानसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा कुछ ग्रामों में चुनाव पूर्व अंतिम रात को की गई मारपीट को ओ पी हार का कारण माना जाता है. वैसे भी प्रदेश के कद्दावर बीजेपी नेता ओ पी को अपने से आगे बढ़ने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर सकते हैं. ओपी चौधरी ने रायगढ़ से चुनाव लड़ने की जो बात सोशल मीडिया में वायरल हुई थी. उसको लेकर शहर के बड़े-बड़े भाजपा नेता मन ही मन स्वयं को भाजपा टिकट का दावेदार मानने लगे थे. पैड मीडिया, बड़े-बड़े होर्डिंग, फ्लेक्स, बैनर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आदि के आगमन पर जिस तरह से रायगढ़ के भाजपाइयों ने टिकट लेने की खातिर शक्ति प्रदर्शन किया था. वह प्रदर्शन पूरे जिले भर में उपहास का कारण बन गया.
इसके ठीक विपरीत वर्तमान विधायक प्रकाश नायक रायगढ़ शहर के स्थाई निवासी है. ये मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में सर्वश्रेष्ठ मंत्री रह चुके हैं स्वर्गीय डॉक्टर शक्राजीत नायक के पुत्र हैं. जो कोतरा रोड बाईपास स्थित सिटी कोतवाली थाना अंतर्गत आने वाली रिहायशी कॉलोनी गजानंदपुरम में दो बड़े बड़े मकान है. यहीं पर विधायक प्रकाश नायक का कार्यालय भी है जहां बैठकर ये क्षेत्र की जनता की समस्याओं का निराकरण करते हैं. सुबह 8:00 से दोपहर 12:00 तक ये कार्यालय में ही उपस्थित रहते हैं और उसके बाद अपने विधानसभा क्षेत्र के निवासियों की कुशल क्षेम जानने के लिए ग्रामों के दौरे पर निकल जाया करते हैं. उनके 5 साल के कार्यकाल के दौरान इनके ऊपर किसी भी तरह का आरोप लगाने में विपक्ष भाजपा असफल रही है. किसी भी खुशी, धार्मिक, राजनीतिक,सांस्कृतिक,पारिवारिक कार्यक्रमों में प्रकाश नायक को निमंत्रण देने पर वे अवश्य पहुंचा करते हैं. जबकि ओ पी चौधरी कलेक्टर ना होने के बावजूद फोन उठाना मुनासिब नहीं समझते. प्रकाश नया के रायगढ़ जिला पंचायत के सदस्य रह चुके हैं. जिन्होंने पंचायत चुनाव, निगम चुनाव, उपचुनाव में अपनी चाणक्य नीति का लोहा मनवा चुके हैं.
प्रकाश का काम बोलता है प्रकाश नहीं. प्रकाश ने अपनी विधायकी काल के दौरान इतने अधिक विकास के कार्य करवा दिए कि उनकी गिनती बतलाना मुश्किल है. 80 करोड रुपए की लागत से कोतरा रोड फ्लाई ओवर ब्रिज, संजय कंपलेक्स के लिए 14 करोड रुपए की राशि का आबंटन,हाईटेक बस स्टैंड के लिए भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है, भाजपा शासन काल में गायब हो चुकी सड़कों का निर्माण हो चुका है, मरीन ड्राइव की ऊंचाई बढ़ाने का कार्य तेजी से चल रहा है. गंदरी पुलिया बन जाने की वजह से शहर में जल भराव की स्थिति खत्म हो चुकी है, आम जनता के द्वारा उनका फोन करने पर वे बाकायदा फोन उठाते हैं और व्यस्त रहने पर फ्री होते ही रिटर्न कॉल करते हैं. सावित्री नगर की सड़क 500 मीटर तक बनाई जा चुकी है. आने वाले समय में उसका निर्माण पूरा कर दिया जाएगा. केलो नहर का कार्य अनेक विवादों के उपरांत भी लगभग पूर्ण किया जा चुका है. जिस वजह से उनके समर्थक भी उनसे नाराज हो गए परंतु प्रकाश अपने मकसद से नहीं डिगे……. क्रमशः


