🌀टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम …रायगढ़ विधानसभा चुनाव होने में एक माह भी शेष नहीं रह गया है. भाजपा से पिछला खरसिया विधानसभा चुनाव हार चुके ओ पी चौधरी इस बार रायगढ़ विधानसभा से अपना भाग्य आजमा रहे हैं तो वहीं कांग्रेस से वर्तमान विधायक प्रकाश नायक ने ग्रामीण क्षेत्रों में धुआंधार जल संपर्क करना शुरू कर रखा है. ओ पी चौधरी प्रचार के दौरान स्वयं को पूर्व कलेक्टर एवं जन सेवा के लिए सबसे बड़ी सरकारी नौकरी कलेक्ट्री पद त्याग कर कर राजनीति में आना बतला रहे हैं जो की गले से नीचे उतरने लायक बात नहीं है. शायद कलेक्टर जितनी जन सेवा कर सकते है। उतनी सेवा जनप्रतिनिधि किसी भी हाल में कर ही नहीं सकते. यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि उनके द्वारा सिर के बालों में कभी कंघी नहीं की जाती और ना ही चप्पल,सैंडल, जूते पहने जाते हैं. केवल हवाई चप्पल ही पहनी जाती है. यह बातें आम जनता को रिझाने,लुभाने के लिए पर्याप्त नहीं होती है. यह कार्य उनका व्यक्तिगत कारण हो सकता है. इन व्यक्तिगत कारणों के बतलाने से मतदाताओं पर कोई असर नही पड़ने वाला है. ओ पी में अभी भी कलेक्ट्री का टशन देखा जा रहा है. इसको कहते हैं रस्सी जल जाना और बल नहीं जाना. छोटी-छोटी बातों का इनका मूड उखड़ जाना सामान्य बात है. प्रश्न करने पर सामने वाले को घूरकर देखना इनकी आदत बन चुकी. यह सब राजनीति करने वालों के लिए किसी भी दृष्टि से उपयुक्त नहीं माना जाता है. अभी जब प्रदेश में पिछले चार वर्षो से न भाजपा की सरकार है, ना ये मुख्यमंत्री है,ना मंत्री है,ना विधायक है फिर भी इतना गुरुर है। जब कभी ये कुछ बन जाएंगे तो अल्ला जाने क्या होगा मौला जाने क्या होगा आगे. इतना जरूर है कि इनके द्वारा मीडिया मैनेजमेंट तरीके से किया गया है. देश की मीडिया को गोदी मीडिया तो रायगढ़ की मीडिया को ओ पी मीडिया कहा जाने लगा है. पैड मीडिया के द्वारा ओ पी की शान में कसीदे काढ़कर भाजपा कार्यकर्ता की भूमिका निभाई जा रही है. इतनी अधिक बड़ाई कर दी जाती है कि बड़ाई पात्र भी शरमा जाता होगा. बड़ाई पात्र स्वयं के विषय में जितना ना जानता होगा उससे अधिक ओ पी मीडिया के द्वारा बढ़ा चढ़ा कर जनता को बतलाने का प्रयास किया जाता है. “मैं अपनी पत्नी तक से ऊंची आवाज में बात नही करता” ओ पी के इस नए कथन को मीडिया के द्वारा हाइलाइट किया जा रहा है मानो मीडिया इनकी बातों से पूर्ण रूप से सहमत हो चुकी है.
इन सबके ठीक विपरीत वर्तमान विधायक प्रकाश नायक रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए नए चेहरे नहीं है और ना ही उन्हें किसी को अपने परिचय पार्टी की पहचान चुनाव चिन्ह पत्रालय की आवश्यकता है. आपके द्वारा करवाए गए विकास कार्यों को जनता अपनी आंखो से देख रही है. रायगढ़ विधायक प्रकाश नायक को जनता दक्षिण भारत के सुपरस्टार नागार्जुन कहती है. मोटी मूंछ,सलीके से संवरें सिर के काले बाल,गोरवर्ण चेहरे पर आकर्षक बना देते है.मैचिंग के कपड़े,स्पोर्ट्स जूते, चेहरे पर सादगी भरी मुस्कान रायगढ़ विधायक की पहचान है. इतने आकर्षक विधायक के कारण रायगढ़ विधानसभा की जनता को अपने विधायक को देखकर सर गर्व से ऊंचा हो जाता है. प्रतिदिन विधायक अपने कार्यालय में सुबह से दोपहर तक प्रकाश आम नागरिक की तरह जनता से रूबरू होते हैं और विपक्षियों की भी समस्याओं का निराकरण करते हैं, ना कि कलेक्टर रूपी नेता की तरह इंतजार करवाते हैं और अधिकारी की तरह व्यवहार करते हैं.
जो व्यक्ति सता सरकार के, बगैर किसी पावरफुल पद के किसी का फोन उठाना तक मुनासिब नहीं समझते उन्हें रायगढ़ की जनता कैसे अपने प्रतिनिधि के रूप में चुनकर विधानसभा का सदस्य (विधायक) चुनकर विधानसभा में पहुंचा देगी यह सोचनीय एवम असंभव है। क्रमशः







