🌀टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम रायगढ़ … भाजपा से बगावत कर सिलाई मशीन चलाती निर्दलीय प्रत्याशी “गोपिका प्रमोद गुप्ता” ने मीडिया को चाय नाश्ता करवाते हुए. बतलाया कि यदि वह चुनाव जीत जाती है तो भाजपा में शामिल हो जाएगी एवं भाजपा प्रत्याशी ओमप्रकाश चौधरी की घोषणा के अनुसार रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र में शिक्षक का प्रसार किया जाएगा और सड़कों की हालत सुधारी जाएगी. गोपिका गुप्ता की प्रेस कॉन्फ्रेंस से यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा के चुनाव चिन्ह पर ओम प्रकाश चौधरी अधिकृत प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ अनाधिकृत प्रत्याशी के रूप में गोपिका गुप्ता को सोची समझी साजिश के तहत प्रदेश भाजपा के कद्दावर नेताओं के द्वारा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़वाया जा रहा है ताकि खरसिया की तरह से ओम प्रकाश चौधरी को चुनाव जीतने से रोका जा सके. यदि गलती से भी ओम प्रकाश चौधरी चुनाव जीत जाते है तो अगली बार विधानसभा चुनाव २०२८ में प्रकाश चौधरी को मुख्यमंत्री का चेहरा बतलाकर भाजपा के द्वारा चुनाव लड़ा जाएगा. इसलिए वर्ग विशेष के नेता कभी यह नहीं चाहेंगे कि ओम प्रकाश चौधरी चुनाव जीत कर उन पर हावी हो जाए. अभी जो लोग ओम प्रकाश चौधरी के साथ घूम रहे हैं. वह उनकी मजबूरी है किंतु चुनाव मतदान होने से एक सप्ताह पूर्व ओपी चौधरी को धोखे में रखकर अंदर यह अंदर किसी अन्य का चुनाव प्रचार किया जाना शत प्रतिशत सत्य साबित होगा. इस तरह का वाक्या पिछले चुनाव में देखा गया है कि स्वर्गीय रोशन लाल के खजांची से रुपए बांटने के नाम पर मोटी रकम ली गई और दूसरे प्रत्याशी को वोट डालने का निवेदन किया गया. जिसका फायदा सीधा-सीधा प्रकाश नायक को हो गया.
इतिहास अपने आप को दोहराता है. जिस तरह से पिछले चुनाव मे भाजपा के बगावती प्रत्याशी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में खड़े होकर टीवी छाप में 42,000 वोट पाकर भाजपा के प्रत्याशी को हरा दिया था. वही कहानी इस बार पुनः दोहराई जाने वाली है. रायपुर से आदेश आने के पश्चात वर्ग विशेष के लोग अपने वर्ग के कद्दावर नेता की बात काटने का साहस नहीं कर सकते. जो भी साहस करेगा उसका नाम ऊपर रायपुर तक गद्दार के रूप में चला जाएगा. लंबे अरसे से भाजपा में राजनीति कर रहे कद्दावर नेता स्वयं को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं इसलिए ओमप्रकाश चौधरी के पर काटना उनका अहम कार्य होगा.





