🎤 टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम रायगढ़ …पीड़ित व्यवसायई भरत कछवाहा ने टूटी कलम को बतलाया कि संजय कंपलेक्स सब्जी मंडी स्थित श्री श्याम मंदिर के सामने श्याम बगीची के नाम पर श्री श्याम मंडल के द्वारा लगभग 11000 वर्ग फीट नजूल जमीन पर अपना कब्जा जमाया हुआ है और बाकायदा उसमें श्याम बगीची का बोर्ड भी लगा हुआ है.गौर तलब है कि उक्त भूखंड की कीमत आज कई करोड़ रुपए से अधिक की हो चुकी है. पिछले 40 वर्षों से कब्जा जमाए बैठे श्री श्याम मंडल सेवा समिति के द्वारा उक्त जमीन का कोई टैक्स नहीं पटाया जाता है. भरत में बतलाया की श्री श्याम मंडल के द्वारा जन्माष्टमी मेला एवं देवउठनी एकादशी के समय बड़े आयोजन करवाए जाते हैं. कार्यक्रम शुरू होने से 10 दिन पहले एवं कार्यक्रम खत्म होने के 10 दिन बाद तक वहां कोई दुकान नहीं लगाता है. समस्त दुकानदार अपनी स्वेच्छा से अपनी दुकाने हटा कर होने वाले कार्यक्रम अपना सहयोग प्रदान किया करते हैं. श्याम मंडल के द्वारा आयोजित कार्यक्रम संपन्न होने के पश्चात श्याम बगीची की साफ सफाई तक नहीं करवाई जाती है. जिसे निगम प्रशासन के कर्मचारी,ट्रेक्टर,जेसीबी की सहायता साफ करते है। जिसके एवज में निगम प्रशासन को फूटी कौड़ी तक नहीं दी जाती है.बल्कि जेसीबी,ट्रेक्टर के डीजल का भार तक निगम प्रशासन वहन करता है.
भरत ने कहा कि जिला प्रशासन,निगम प्रशासन,पुलिस प्रशासन पैसे वालों धनाढ्य लोगों का ही पक्ष लेते है. गरीबों की कोई सुनवाई नहीं होती है. रसूखदारों का फोन जाते ही उक्त विभागों के अधिकारी, कर्मचारी तुरंत हाजिरी बजाने पहुंच जाया करते हैं एवं गरीबों को ही गलत बताते हुए पैसे वालों की तरफदारी करने लगते हैं.भरत ने कहा कि श्री श्याम मंडल के द्वारा उक्त नजूल भूमि को सरकार की 152 प्रतिशत की योजना के रूप में हड़पना चाह रहा है. जबकि उक्त जमीन की यदि खुली नीलामी करवाई जाए तो निगम के खाते में कई करोड़ रुपए जमा हो जाएंगे एवं नीलामी से हुई आय के रूपयो से सब्जी मंडी का कायाकल्प हो जाएगा.
भरत में बतलाया कि उसके एवं अन्य लोगों के द्वारा श्याम बगीची के सामने से अपनी दुकाने दीपावली,एकादशी आदि त्योहारों के मद्देनजर हटा ली थी. त्यौहारो के बीत जाने के पश्चात जब उसने दुकान लगाने का काम शुरू करवाया तो श्याम मंडल के द्वारा रायगढ़ के बहुत चर्चित बदतमीज व्यवसाई को बुलवाकर माहौल खराब करने का प्रयास किया गया. जिसे मौके पर पहुंच कर गंदी गंदी जातिगत गालियां बकनी शुरू कर दी. रसूखदारों के द्वारा फोन से तहसीलदार एवम पुलिस सूचना देने पर वे दौड़े चले आए और एक पक्षीय कारवाई करने के मूड में आ जाने की वजह से सब्जी विक्रेता एक होने लगे तब तहसीलदार ने निगम प्रशासन के पाले में गेंद डालते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया. पुलिस जब भरत को वाहन में बैठाकर कर थाना ले जानी चाही तो एकत्रित लोगो ने दोनो पक्षों के लोगो को वाहन में बैठाकर ले जाने पर अड़ गए.
