🎤टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम रायगढ़ रायगढ़ शहर से सटे ग्राम नेतनगर में 5 दिन पहले पैरावाट में 2 मानव शरीर को रात के अंधेरे में कहीं और से हत्या कर जलाकर पहचान मिटाने का प्रयास किया गया.शरीर पूरे न जलने से तो उसकी शिनाख्त करने में कोई परेशानी नहीं झेलनी पड़ी. शवों की शिनाख्त के पश्चात आरोपी तक पुलिस पहुंच गई. मगर इस विभत्स हत्याकांड में संभवतः किसी रसूखदार,नेता,उच्चाधिकारी की संलिप्तता की वजह से पुलिस मामले को दूसरी तरफ मोड़ देने के लिए माथापच्ची कर मनगढ़त,बनावटी स्क्रिप्ट तैयार करने में लगी हुई है. इस कांड में पुलिस के द्वारा एक व्यक्ति की संलिप्तता होनी बतलाई जा रही है जो किसी भी रूप में संभव एवम पचनीय नही है. घटनास्थल से घटना में प्रयुक्त किए गए वाहन के टायरों के निशान से वाहन के विषय में जानकारी पुख्ता कर वाहन को अपने कब्जे में ले लिया है. मगर आरोपी को पकड़ने में पुलिस के द्वारा मशक्कत किया जाना बतलाया जा रहा है. शायद आरोपी के द्वारा वाहन चालक को गुनाह अपने सिर लेने के लिए राजी न कर पाने की वजह से मामले के खुलासा करने में विलम्ब हो रहा है. धनबल का लालच देकर किसी अन्य को आरोप अपने सिर पर लेने के तैयार किया जा रहा होगा.
जिस तरह से विधानसभा के प्रत्याशियों का भाग्य 15 दिनों तक सशस्त्र पुलिस के साए में इ वी एम के अंदर रखा गया था उसी तर्ज पर हत्यारे का भाग्य पुलिस के द्वारा सुरक्षित रखा गया है. मीडिया कर्मियों के द्वारा एग्जिट पोल के तरीके से अपने अपने विचार अपने आप में कैद करके रखे हुए हैं किसी की कलम में इतनी धार नहीं है. जो पुलिस पर दबाव बनाकर मामले का खुलासा शीघ्र करवा सके क्योंकि शायद मृतिका गरीब की लुगाई सब की भौजाई हो सकती है और हत्यारा साम, दाम, दंड, भेद में सक्षम हो सकता है.
तरह-तरह की अफवाहों का बाजार गर्म है.. उक्त कांड को लेकर पुलिस के द्वारा की जा रही धीमी विवेचना वजह से दिन प्रतिदिन नए-नए कयास लगाए जा रहे हैं. कोई कहता है कि घटना में सफेद रंग की जाइलो वहां का उपयोग किया गया था एवं जिसका नंबर रायपुर पासिंग सीजी 04 है. तो कोई कहता है कि सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार थी. जिसका नंबर शासकीय पासिंग सीजी 02 था. कोई कहता है कि वाहन में तीन लोग सवार थे तो कोई कहता है कि एक अकेला व्यक्ति था जिसने चश्मा लगा रखा था. कोई कहता है कि वाहन भाटापारा से NH 49 से खरसिया होकर रायगढ़ आई और खेलो पुल से होते हुए मेडिकल कॉलेज रोड से नेतनगर पहुंचकर घटना को अंजाम दिया गया. कोई कहता है कि इसके तार रायगढ़ से जुड़े हुए हैं एवं वाहन को फ्लाईओवर ब्रिज के नीचे चर्च के पास देखा गया है. बरहाल जब तक पुलिस अपनी विवेचना स्पष्ट न कर दे तब तक लोगों के मन में प्रश्न उठाते रहेंगे. मगर यह भी तथ्य है कि उक्त मामला अवैध संबंध एवं ब्लैकमेलिंग से संबंधित हो सकता है. जिसमें कोई धनाढ्य व्यवसाई,नेता,रसूखदार,अधिकारी मृतिका के द्वारा प्रताड़ित होता रहा हो और उससे छुटकारा पाने की खातिर पूर्व में हुए संबलपुरी की घटना को समझते हुए उसी तर्ज पर प्री प्लान करते हुए. नेतनगर में उसी तरह की पुनरावृति कर अनूप साय की याद ताजा करवा दी जो ओडिसा के BJD के कद्दावर नेता एवम ब्रजराजनगर के पूर्व विधायक रह चुके थे.उनको तत्कालीन पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह के मजबूत इरादों की वजह से जेल की हवा खानी पड़ी थी.





