टूटी कलम रायगढ़ जिले का बहुचर्चित, विश्वसनीय, पाठको की पहली पसंद नंबर वन के पायदान पर न्यूज वेब पोर्टल “टूटी कलम” अपनी लोकप्रियता की वजह से छत्तीसगढ़ स्तर पर जाना पहचाना जाने लगा है. संपादक निडर,निष्पक्ष,निर्भीक, बेबाक,बेखौफ, असलियत से नाता रखने वाला, लेखक, चिंतक, विचारक, विश्लेषक, व्यंग्यकार,स्तंभकार,कलमकार, माता सरस्वती का उपासक, लेखनी का धनी, कलम का मास्टरमाइंड चंद्रकांत (टिल्लू) शर्मा रायगढ़ छत्तीसगढ़ 83192 93002
🛑टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम न्यूज रायगढ़ . छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सदस्य (सांसद) के रूप में रायगढ़ के देवेंद्र प्रताप सिंह (बाबा) का नाम दिल्ली दरबार से प्रस्तावित होने के बाद बाबा के रिश्तेदारों,हितैषियो,मित्रों शुभचिंतकों,लैलूंगा,रायगढ़ में हर्ष देखा जा रहा है. राजनीति से लगभग कट चुके रायगढ़ राज परिवार को भाजपा के द्वारा संजीवनी दी गई है. बाबा से पहले स्वर्गीय सुरेंद्र बहादुर सिंह को कांग्रेस की तरफ से राज्यसभा सदस्य बनाया जा चुका हैं. राजमहल की उर्वशी देवी सिंह कांग्रेस शासन काल में जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी है. वैसे तो राज परिवार शुरू से ही कांग्रेसी विचारधारा का रहा है. मगर कांग्रेस के द्वारा अवसर न प्रदान करने की वजह से देवेंद्र प्रताप ने 20 वर्ष पहले ही भाजपा का दामन थाम लिया था.धीर,गंभीर,शांत मुद्रा वाले,कम शब्दों का इस्तेमाल करने वाले, मिलनसार प्रवृति के,सभ्य,शालीन बाबा के दिल में विधायक एवं सांसद बनने की उमंगे हिलोरे मार रही थी. उन्होंने कई बार लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र से विधायक की दावेदारी पेश की थी परंतु अंतिम समय में ऊपर से उनका नाम कट जाया करता था.संघ के उप संघ संचालक, जिला पंचायत सदस्य, आदिवासी समाज के कई पदों पर रहते हुए. बाबा ने अपनी कोशिशे जारी रखी थी और अपनी मंशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ कार्य करने की जाहिर की थी. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जशपुर राजघराने के राजा रणविजय सिंह के द्वारा देवेंद्र के पक्ष में लाबिंग कर बाबा का नाम दिल्ली तक पहुंचा दिया था. जिसका फायदा देवेंद्र प्रताप को हुआ. देवेंद्र प्रताप के राज्यसभा सदस्य बन जाने के बाद आदिवासियों के लिए अनेक तरह की योजनाएं क्रियान्वान हो सकती है.
सुषमा खलखो का रास्ता साफ हुआ. देवेंद्र प्रताप सिंह के राज्यसभा में जाने की वजह से आगामी होने वाले लोकसभा चुनाव में रायगढ़ के संसद के लिए जशपुर की बेटी, कुनकुरी की बहू, रायगढ़ की बहन *सुषमा खलखो* का नाम उम्मीदवारों की सूची में प्रथम पायदान पर आ गया है. जिसकी अनेक वजह है. सुषमा पिछले 20 वर्षों से भाजपा की सेवा करती आ रही है और पार्टी के प्रति पूरी तरह से निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में कार्य कर रही है.सभ्य,शालीन,धीर, गंभीर हंसमुख मिलनसार,शिक्षित,सुषमा की पहचान जशपुर एवं रायगढ़ दोनो ही जिलों में है. भाजपा के लगातार प्रचार प्रसार करने की वजह से सुषमा किसी के परिचय की मोहताज नहीं है. सुषमा के द्वारा केंद्र सरकार,प्रदेश सरकार की योजनाओं को काफी मेहनत करके अपने दम पर घर-घर पहुंचाई जाती है और योजनाओं का लाभ दिलवाया जाता है. सुषमा को प्रदेश स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर के भाजपा नेताओं के द्वारा बकायदा नाम से जाना पहचाना जाता है.
महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर आया. संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में रायगढ़ जिले अब जशपुर जिले के कुनकुरी विधानसभा से चुनाव जीते विष्णु देव साय को छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनाया गया इसी तरह रायगढ़ विधानसभा से ऐतिहासिक वोटो से चुनाव जीते यूथ आईकॉन, पूर्व कलेक्टर, ओपी चौधरी को अनेक महत्वपूर्ण विभागों का केबिनेट मंत्री बनाया गया. अब राज्यसभा सदस्य के रूप में देवेंद्र प्रताप सिंह को आगे बढ़ाया गया है. इस तरह से केवल पुरुषों को ही प्राथमिकता दी गई है. नरेंद्र मोदी महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान रखते हैं. इस वजह से रायगढ़ लोकसभा के उम्मीदवार के रूप में सुषमा खलखो का नाम लगभग तय माना जा रहा है. समय, काल, परिस्थिति के अनुसार यदि सुषमा खलखो को भाजपा प्रत्याशी बनाती है तो सुषमा ऐतिहासिक मतों से रिकॉर्ड जीत हासिल करेगी. इसमें कोई शक सुबह नहीं है. सुषमा प्रदेश स्तर पर स्थानीय स्तर पर अनेक पदों पर रहकर कार्य कर चुकी है एवं वे आदिवासी समाज की भी पदाधिकारी है. इनके द्वारा आदिवासियों के हित के लिए शुरू से ही आवाज बुलंद की जा रही है. सुषमा के सांसद बन जाने से आदिवासी समाज का उत्थान अवश्यसंभावी हुई है. सुषमा दलगत राजनीति से परे चुपचाप अपने कार्य में लगी रहती है. उनकी दिलचस्पी कभी भी व्यक्ति विशेष के घड़े (गुट) के साथ में नहीं रही है. गुटबाजी से परे उनका मकसद केवल भाजपा के लिए समर्पित कार्य करने के रूप में रही है. उनके क्षेत्र से हर समय कमल खिला है. जो उनकी कार्य क्षमता की पहचान है. सुषमा पर आज तक कोई भी आरोप प्रत्यारोप नहीं लगा है. उनकी छवि एकदम पाक साफ और भाजपा के साथ है.







