कंपनी किसके दम पर कर रही है दादागिरी
वजरॉन कंपनी की बाउंड्रीवॉल सीधे बिना जमीन का सीमांकन किए बना दी गई है। इसमें कई लोगों की निजी जमीनें अतिक्रमित की गई हैं। बताया जा रहा है कि वजरॉन कंपनी की इस ज्यादती के विरुद्ध कुछ लोगों ने आवाज उठाई तो उनको दबा दिया गया। हालांकि तहसीलदार के समक्ष बाउंड्रीवॉल को लेकर आपत्ति भी की गई है। उदाहरण के लिए शिकायत के बाद पटवारी ने मौके पर जाकर नापजोख की। खसरा नंबर 84/2 और 84/3 से 889 वर्गफुट जमीन पर नर्मदा स्पंज एंड पावर लिमिटेड का अवैध कब्जा पाया गया। ऐसे एक-दो नहीं कई मामले सामने आएंगे।
पर्यावरण विभाग से मिली भगत किसी को कानो कान खबर नहीं
वजरॉन कंपनी का प्लांट पहले से देलारी में है। अजय कुमार जैन, अभिषेक जैन और हर्षित जैन की भागीदारी वाली कंपनी अब स्टील व पावर प्लांट लगाना चाहती है। वजरॉन कंपनी टिपर और ट्रेलर का निर्माण करती है। नर्मदा ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज कई सालों से छग और झारखंड में काम कर रही है। वजरॉन इसी की एक शाखा है।






