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🛑टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम न्यूज रायगढ़ . होली के अवसर पर तीन-चार दिनों तक लगने वाली रंग गुलाल आदि की दुकानो को जिला प्रशासन निगम प्रशासन ने गांधीगंज के अंदर मैदान में लगवाया था ताकि शहर वासी एक ही स्थान से होली की सामग्री खरीद सके, परंतु अमीरों और गरीबों के बीच का फासला बना रहे इसलिए गांधीगंज के रसूखदार सेठों ने अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए अंततः गरीब दुकानदारों को गांधीगंज से भगा दिया गया. जिन्हें मिनी स्टेडियम में दुकाने लगाने हेतु जगह दी गई. मगर होली का सामान लेने के लिए उतनी दूर कोई नहीं पहुंचेगा. इसलिए दुकानदारों ने भी शहर के सभी चौक चौराहों पर दुकाने लगा ली गई. अब उन्हें हटाने के लिए निगम का दस्ता घूम-घूम कर दुकाने हटाने के आदेश देकर जुर्माना की रसीद काटने लगे हैं. मगर फुटकर दुकानदारों का कहना है कि उन्हें गांधीगंज में दुकाने लगाने दी लेने दी जाए. अन्यथा वे वे अपनी दुकाने नहीं हटाएंगे और ना ही जुर्माना की राशि भरेंगे.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गांधीगंज के व्यवसाई रंग गुलाल की दुकान हटाने हेतु भारतीय जनता पार्टी के छूटभैया नेता के पास निवेदन लेकर गए थे. छूट भैया नेता ने अपना रसूख दिखलाने के खातिर अनेकों बार रायगढ़ विधायक को फोन लगाया गया परंतु रायगढ़ विधायक ने मौके को भांपते हुए फोन उठाना गवारा नहीं समझा. तब छूट भैया नेता ने अपने से बड़े नेताओं के नाम बतलाकर कहा गया कि विधायक उनका फोन जरूर उठा लेंगे. मगर न जाने किसके दबाव में आकर रायगढ़ एस डी एम ने गरीब दुकानदारों को गांधीगंज से हटाने का फरमान जारी कर दिया.पूरे इस नाटकीयकरण की वजह से रायगढ़ विधायक की गरीबों के बीच में कोई अच्छी छाप नहीं छूटी है. स्वयं को गरीबों का हम दर्द बतलाने वाले विधायक की छवि भाजपा नेताओं के द्वारा की जा रही है. बतलाया जा रहा है कि कैबिनेट मंत्री का नाम लेकर अनुविभागीय अधिकारी पर दबाव डालकर गरीब दुकानदारों को गांधीगंज से खदेड़ दिया गया. गरीबों पर हुए अत्याचार पर कैबिनेट मंत्री अवश्य संज्ञान ले सकते हैं.
गांधीगंज के भीतर डराने, धमकाने, चमकाने, भगाने का कार्य शुरू हो गया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार निगम प्रशासन ,पुलिस प्रशासन के द्वारा गांधीगंज के भीतर चार पहिया वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है. मगर होली के दुकानदारों को वहां से खदेड़ने के बाद गांधीगंज के व्यवसाईयों में उत्साह का संचार हुआ है एवं उनके खून हिलोरे मारने लगा है. जिस वजह से वाहनों की पार्किंग नहीं करने दी जा रही है. वाहन चालकों से बदतमीजी कर उन्हें वहां से भगा दिया जा रहा है. व्यवसायियों के इस कृत्य पर पुलिस प्रशासन निगम प्रशासन के द्वारा कठोर कदम उठाए जाने चाहिए. कुछ लोगों पर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज किया जाना चाहिए. जिला प्रशासन राजस्व विभाग निगम प्रशासन के द्वारा के सभी मकानो के पट्टों का जांच अभियान छेड़ देना चाहिए और जो लोग आवासीय पट्टा लेकर इसका व्यावसायिक उपयोग करते पाए जाते हैं तो उनसे पिछले 20 साल से व्यावसायिक पट्टे का जुर्माना वसूल किया जाना चाहिए.
गांधी गंज वासियों के सुख, शांति, चैन में खलल की दलील में कोई दम नहीं. गांधी गंज वासियों ने कहा कि रंग गुलाल की दुकान लगने से उनकी शांति में खलल पैदा हो जाएगा. उनका सुख चैन छिन जाएगा. इस तरह के दलील में कोई दम नहीं है क्योंकि गांधी गंज के मैदान में साल में अनेकों बार डीजे,साउंड सिस्टम,लाइटिंग के साथ 10 –10 दिवसीय कार्यक्रम करवाए जाते हैं. गांधीगंज का मैदान सरकारी भूमि है ना कि किसी की बपौती है. इसलिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, निगम प्रशासन,समस्त शासकीय कार्यक्रम गांधीगंज के मैदान में संपन्न करवाये जाने चाहिए. ताकि गांधी गंज वासियों का हमारा मैदान, हमारी जगह का भ्रम टूट सके. भविष्य में इस मैदान पर एक आकर्षक पार्क बना देना चाहिए. दीपावली,होली, रक्षाबंधन, आदि के समय लगाई जाने वाली अस्थाई दुकानों को गांधीगंज के मैदान में ही लगवाना चाहिए ताकि शहर वासियों को सुविधा मिल सके. मैदान के चारों तरफ बाउंड्री वॉल बनी हुई है और आने जाने वाले मार्ग पर दरवाजे लगे हुए हैं. जिस वजह से त्योहारी सीजन के सामानों का काम करने वालों काफी राहत मिल सकेगी और चोरी चकारी होने की आशंकाओं से मुक्ति भी मिल सकेगी. दुकानदार निश्चित होकर दुकानदारी कर सकेंगे.







