टूटी कलम रायगढ़ जिले का ही नहीं अपितु पूरे छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित न्यूज वेब पोर्टल है. जिसके समाचारों का इंतजार प्रत्येक बुद्धिजीवी पाठक करते है. पत्रकारिता करना हमारा शौक है,जुनून है, दिनचर्या है, पागलपन है,कमजोरी है, लगन है, धुन है, ना कि पेट भरने का साधन है और ना ही धमकी चमकी देकर,वसूली,उगाही करने का लाइसेंस मिला हुआ है और ना ही किसी की चरण वंदना करना हमारा कर्तव्य है, संपादक टिल्लू शर्मा को निडर, निष्पक्ष, निर्भीक,बेबाक,बेखौफ दमदार,कलमकार, व्यंग्यकार, लेखक, विश्लेषक, कवि, कलम के मास्टरमाइंड, के रूप में पहचाना जाता है.जिनको परशुराम पुत्र, रावण भक्त, माता सरस्वती उपासक,चाणक्य,कबीर से प्रेरित कहलाना पसंद है.जलो मत बराबरी करो, जहां से लोगों की सोच खत्म होती है हमारी सोच वहां से शुरू होती है विज्ञापन का सहयोग भी लिया जाएगा, और मामला गंभीर होने पर समाचार भी लिखा जाएगा. शेर के पांव में कांटा चुभ जाने से कुत्ते जंगल पर राज नहीं करते सत्यमेव जयते, सत्य परेशान हो सकता है मगर पराजित नहीं हमारा अगला लक्ष्य टूटी कलम (डिजिटल) होगा
🔱टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम 🎤 न्यूज रायगढ़ 🌍 छत्तीसगढ़ 🏹.. पिछले कुछ दिनों से लोगों के मन में अफीम की खेती को लेकर तरह-तरह की जिज्ञासाएं बनी हुई थी। जिसको मगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा ने पत्रकार वार्ता में स्पष्ट कर दिया. सीएसपी ने पत्रकार वार्ता के दौरान जिला कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी जिला पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह की उपस्थिति में पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि तमनार एवं लैलूंगा में अफीम की सीमित खेती और अफीम के पौधे मिलने से यह स्पष्ट हो जाता है कि अफीम की खेती के पीछे किसी बहुत बड़े नेटवर्क का या अपराध में शामिल किसी व्यक्ति का हाथ नहीं है। अभी तक इतनी बड़ी अफीम की खेती नहीं पकड़ी गई है। मीडिया एवं राजनीतिक पार्टी के लोग जितना हल्ला मचा रहे हैं। अफीम के पौधे बहुत कम क्षेत्रफल की जमीनों पर लगे पाए गए । जिसे शायद अज्ञानता या थोड़ी बहुत कमाई के लिए बोया जाना माना जा सकता है। जिन्हें नष्ट कर दिया गया है एवं जप्त कर लिया गया है। सीएसपी ने कहा कि अभी तक जांच में किसी भी संगठित गिरोह की संलिप्तता की बात सामने नहीं आई है। जिन लोगों के यहां अफीम की खेती पाई गई है उन्हें मालूम ही नहीं है कि यह फुल क्या होता है.




