रायगढ़ (खरसिया)।पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के अंतर्गत खरसिया में आयोजित नगर मंडल प्रशिक्षण वर्ग शिविर के प्रथम दिवस का उद्घाटन पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी, पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं भारत माता की छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर शुभारंभ किया गया।तत्पश्चात अतिथियों वक्ताओं एवं कार्यकर्ताओं के द्वारा वंदे मातरम एवं राजगीत का सामूहिक गान किया गया। कार्यकर्ताओं के द्वारा अतिथियों एवं वक्ताओं को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का छाया चित्र भेंट करके अभिनंदन किया गया। एवं प्रथम सत्र के मुख्य अतिथि जिला भाजपा अध्यक्ष अरुणधर दीवान एवं प्रथम सत्र के अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष विजय शर्मा ने किया एवं वक्ता के रूप भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री रथूलाल गुप्ता भाजपा के इतिहास विषय पर कार्यकर्ताओं को संवाद करके चर्चा किया।एवं द्वितीय सत्र के मुख्य वक्ता के रूप में रायगढ़ के पूर्व विधायक विजय अग्रवाल एवं द्वितीय सत्र के अध्यक्षता के रूप में नगर पालिका परिषद खरसिया के उपाध्यक्ष अवध नारायण सोनी सम्मिलित हुए। पूर्व विधायक विजय अग्रवाल ने “वैचारिक अधिष्ठान” विषय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रशिक्षण दिए।
इस अवसर पर उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ संगठन की विचारधारा, भाजपा का संविधान स्पष्ट रूप से पार्टी के मुख्य उद्देश्यों, मूल दर्शनों एवं निष्ठाओं को परिभाषित करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना, एकात्म मानव दर्शन भाजपा का मूल दर्शन, पंचनिष्ठा ,सांस्कृतिक राष्ट्रवाद सहित राष्ट्र प्रथम के संकल्प और अंत्योदय के सिद्धांतों पर विस्तृत चर्चा किए । उन्होंने कहा कि हम सबका दायित्व है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद के विचारों को जन-जन तक पहुंचाएं और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की धारा को सशक्त बनाएं।
कार्यकर्ताओं का उत्साह और समर्पण निश्चित ही संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
पूर्व विधायक विजय अग्रवाल ने भारतीय जनता पार्टी के संविधान का अंश को कार्यकर्ताओं को बताते हुए कहा की राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय एकात्मता, लोकतंत्र, ‘सामाजिक-आर्थिक विषयों पर गांधीवादी दृष्टिकोण’, जिससे शोषणमुक्त एवं समतायुक्त समाज की स्थापना हो सके, ‘सकारात्मक पंथ-निरपेक्षता’ अर्थात् सर्वधर्मसमभाव, मूल्यों पर आधारित राजनीति और आर्थिक और राजनीतिक विकेंद्रीकरण में पार्टी विश्वास करती है।
उन्होंने कहा भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा का केंद्रीय उद्घोष “भारत माता की जय” है। यह उद्घोष केवल नारा नहीं, बल्कि एक गहन दार्शनिक अवधारण है जो भारत को एक श्रेष्ठ जीवंत इकाई के रूप में देखती है।






