टूटी कलम रायगढ़ जिले का ही नहीं अपितु पूरे छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित न्यूज वेब पोर्टल है. जिसके समाचारों का इंतजार प्रत्येक बुद्धिजीवी पाठक करते है. पत्रकारिता करना हमारा शौक है,जुनून है, दिनचर्या है, पागलपन है,कमजोरी है, लगन है, धुन है, ना कि पेट भरने का साधन है और ना ही धमकी चमकी देकर,वसूली,उगाही करने का लाइसेंस मिला हुआ है और ना ही किसी की चरण वंदना करना हमारा कर्तव्य है, संपादक टिल्लू शर्मा को निडर, निष्पक्ष, निर्भीक,बेबाक,बेखौफ दमदार,कलमकार, व्यंग्यकार, लेखक, विश्लेषक, कवि, कलम के मास्टरमाइंड, के रूप में पहचाना जाता है.जिनको परशुराम पुत्र, रावण भक्त, माता सरस्वती उपासक,चाणक्य,कबीर से प्रेरित कहलाना पसंद है.जलो मत बराबरी करो, जहां से लोगों की सोच खत्म होती है हमारी सोच वहां से शुरू होती है विज्ञापन का सहयोग भी लिया जाएगा, और मामला गंभीर होने पर समाचार भी लिखा जाएगा. शेर के पांव में कांटा चुभ जाने से कुत्ते जंगल पर राज नहीं करते सत्यमेव जयते, सत्य परेशान हो सकता है मगर पराजित नहीं हमारा अगला लक्ष्य टूटी कलम (डिजिटल) होगा
🔱टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम 🎤 न्यूज रायगढ़ 🌍 छत्तीसगढ़ 🏹 जिले में फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए थाना साइबर पुलिस ने निधि परिवहन केन्द्र एवं श्रीमती शांति देवी शिक्षा सोसायटी केन्द्र में संचालित अवैध गतिविधियों का भंडाफोड़ किया है। मामले में केंद्र संचालकों सहित कार्यालय में कार्यरत युवतियों को मिलाकर कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। आरोपियों के विरुद्ध संगठित अपराध, धोखाधड़ी, कूट रचना एवं आईटी एक्ट की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
साइबर अपराध पर आधारित शॉर्ट फिल्म खौफ के निर्माता,निर्देशक,दिग्दर्शक, अभिनेता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने स्वयं टीम को लीड करते हुए एडिशनल एसपी अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक तथा साइबर व महिला थाना की संयुक्त टीम के साथ दरोगापारा स्थित दोनों केंद्रों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान आरटीओ संबंधी कार्य के नाम पर फर्जी मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर के लोगों से ठगी किए जाने का खुलासा हुआ। जहां अलग-अलग खंडों में बैठकर युवतियां अपनी मधुर वाणी के सहारे कुंवारे लड़के लड़कियों को आकर्षित करते थे और रोज नए-नए ग्राहकों को अपने जाल में फांसते थे शादी के लिए बेचैन बेताब लोग इनके चंगुल में आसानी से फंस जाते थे। इसके बाद शुरू होता था अर्थ दोहन का खेल वीडियो कॉलिंग के जरिए लड़के लड़की को आपस में दिखा दिया जाता था और आपस में बात करने का अवसर प्रदान करने के लिए मोटी रकम वसूली जाती थी। परिवहन विभाग कि नकली सील मोहर का उपयोग कर अधिकांश उड़ीसा के लोगों का फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाया जाता था। जिस वजह से मौके पर एसडीएम रायगढ़ एवं आरटीओ अधिकारी भी पहुंच गए थे।
🔹 पुलिस छापेमारी के दौरान यह सामने आया कि केंद्र में बाहरी रूप से लाइसेंस व दस्तावेज बनाने का कार्य दिखाया जाता था, जबकि अंदर अलग-अलग कमरों में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, वीडियो एडिटिंग और कॉल सेंटर संचालित कर युवतियों के माध्यम से लोगों को शादी के नाम पर फंसाकर पैसे वसूले जाते थे। गिरोह द्वारा फर्जी जीमेल आईडी, मोबाइल नंबर और यूट्यूब चैनल के माध्यम से नकली प्रोफाइल तैयार कर संपर्क स्थापित किया जाता था, फिर रजिस्ट्रेशन फीस, मीटिंग फीस और अन्य बहानों से यूपीआई के जरिए रकम वसूली जाती थी। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कपिल गर्ग पूर्व में लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आरटीओ कार्य करता था, जिसकी आईडी निरस्त होने के बाद उसने जल्दी धन कमाने की इच्छा रखने वाली युवतियां को काम पर रखना शुरू कर इस फर्जी नेटवर्क को खड़ा किया। उसके साथ महिला हिमांशु मेहर एवं अन्य सहयोगियों द्वारा लंबे समय से इस अवैध गतिविधि को संचालित किया जा रहा था। पुलिस को मौके से लैपटॉप में फोटोशॉप के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ के साक्ष्य तथा विभिन्न शासकीय विभागों के फर्जी सील-मुहर भी बरामद हुए हैं।
पुलिस ने कार्रवाई में 55 मोबाइल, 13 लैपटॉप, 2 प्रिंटर और 3 बैंक खातों को जब्त किया है। आरोपियों द्वारा वर्ष 2022 से अब तक 7,693 लोगों को ठगी का शिकार बनाकर करीब 1 करोड़ 11 लाख 36 हजार रुपये की अवैध वसूली किए जाने की जानकारी सामने आई है। आरोपियों को गिरफ्तार का न्यायिक रिमांड पर भेजा गया.
कपिल गर्ग ने लिया उड़ता तीर.. पूरे मामले का मास्टरमाइंड कपिल गर्ग यह शायद भूल गया था कि वर्तमान में रायगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह है. जो काफी जागरूक, संवेदनशील, कर्तव्यनिष्ठ,अनुशासनप्रिय, लगनशील, मिलनसार, सहज उपलब्ध, धीर गंभीर, कड़क मिजाज, नरम दिल, अभिनेता है। जिनके द्वारा साइबर अपराध पर निर्मित, अभिनीत प्रदर्शित शॉर्ट फिल्म द खौफ की चर्चा पूरे प्रदेश में है. इन दिनों एस एम सिंह का फोकस साइबर अपराध पर है। इसके बावजूद साइबर आरोपी कपिल गर्ग ने दुससाहस कर डाला. जिस वजह से कपिल गर्ग की पूरी टीम आउट होकर पवेलियन चली गई. जब सिंह को यह मालूम हुआ उनके बंगले के 500 मीटर की दूरी पर है साइबर अपराध किया जा रहा है तो वे स्वयं दलबल के साथ जा पहुंचे थे.




