बैंक को धोखाधड़ी के मामले में मृदुबाला राय की जमानत हुई खारिज
मीडिया में छाई ठग नारी👇👇👇
रायगढ़_____शहर की बहू चर्चित महिला ठग मृदूराय अपने कारनामों की वजह से जेल में निरुद्ध थी। जो कि पेशी के दौरान बच्चे को रुलाने की वजह से जमानत लेकर जेल से बाहर आ गई । जेल से बाहर आने के बाद बैंक आफ बड़ौदा के ब्रांच मैनेजर रंजीत बर्मन ने मुदुराय के खिलाफ कुट रचित दस्तावेजो के माध्यम से बैंक से 35 लाख₹ का कर्ज लिया था। दस्तावेजों में व्यवसाय के प्रकार का जो उल्लेख किया गया था। वह करना नहीं पाया गया साथ ही जिस स्थल पर कपड़े की फैक्ट्री लगाना बतलाता गया था। उसकी अनापत्ति प्रमाणपत्र में भी घोर खामियां पाई गई। जिस मशीन को 20 लाख रुपए में क्रय करने का कोटेशन देकर लोन प्राप्त किया था। उस मशीन की वास्तविक कीमत 10 लाख रुपए है। फैक्ट्री में उत्पादन किया जाना दर्शाते हुए उद्योग विभाग से सब्सिडी लेने का भी प्रयास किया गया था। जबकि फैक्ट्री स्थल पर लिए गए विद्युत मीटर में भी 10 माह तक विद्युत रीडिंग 0 दर्शाया गया है। उक्त सभी बातों को लेकर बैंक मैनेजर ने शहर कोतवाली में मृदुराए के विरुद्ध धोखाघड़ी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। जिस पर आजतक मृदुराय के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने से एवं लाकडाउन के कारण पुलिस के व्यस्त हो जाने की वजह से इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। संभवतः मृदूराय ने समय का फायदा उठाते हुए। अग्रिम जमानत ले ली हो परन्तु पूर्व में व्यवसाई सुरेश केडिया की रिपोर्ट एवं रायगढ़ पुलिस से हूज्जतबाजी के प्रकरण अलग दर्ज है। अब यह देखना है कि आखिर बैंक को धोखा देने के मामले में मुदुराय पर कानून का शिकंजा कब कसेगा। कब तक वह आगे आगे और कानून पीछे पीछे भागता रहेगा। अब जबकि माननीय न्यायालय ने महिला ठग की जमानत खारिज कर दी तो अब गिरफ्तारी के बाद ही पुनः जमानत की अर्जी दाखिल की जा सकती है।देखिये न्यायलय का आदेश 👇👇








