रायगढ़——– प्रदूषण को लेकर प्रायः उद्योगों,सड़को पर ही ध्यान केंद्रित किया जाता है एवं अन्य की तरफ निगाह ही नही जाती।जबकि प्रदूषण फैलाने,खेत,खलिहान को बर्बाद करने,नाली नालों को पाटने,लोगो को बीमारी परोसने में उद्योगों से निकलने वाले फ्लाईएश डस्ट की भूमिका अहम होती है। उद्योगों को निर्देश है कि फ्लाईएश डस्ट से रिक्त स्थानों,गढ्ढो,ईंट बनाने के लिए किया जाये। राखड़ डैम बनाया जाये। औद्योगिक इकाइयां इस फ्लाईएश डस्ट को बाहर निकालने एवं डंप करने का ठेका ट्रांसपोर्टरों को दे देती है। ट्रांसपोर्टर इस डस्ट को रात के अंधेरे में यत्र तत्र खुले स्थानों में डंप कर भाग जाते है। फसल देने वाले खेत,नाले,राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों छोरो पर इस तरह की डंपिंग डस्ट देखी जा सकती है। हवा में उड़कर यह डस्ट पर्यावरण एवं मानव शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। दमा,खांसी, सांस,सर्दी,खाज खुजली को फैलाने में यह डस्ट काफी तेजी से नुकसान करती है। जबकि नियमतः फेंकी जा रही डस्ट पर रेगुलर पानी छिड़काव अथवा ऊपर से मिट्टी डाली जानी चाहिए ताकि डस्ट हवा में न फैल सके।
विधायक,मंत्री का वरद हस्त प्राप्त बतलाया जा रहा है ट्रांसपोर्टर—कभी भाजपा खेमे का सिपहसालार सरकार बदलते ही अपने अवैध कार्यो पर पर्दा डालने के लिए इन दिनों कांग्रेसी विधायक, मंत्री के नामो का सहारा लेकर अपना उल्लू सीधा करने में लगा है। मंत्री के आगमन पर प्रचार प्रसार में तिजोरी का ताला खोलना शायद यही कहानी कहता है। विधायक के पड़ोसी होने का भी लाभ उठाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन से क्रशर वालो का टकराव भी इन्ही लोगो की वजह से सम्भवतः हुआ था।
अमन ट्रांसपोर्ट है सबसे बड़ा खिलाड़ी —— सूत्रों से मिली परफेक्ट जानकारी के अनुसार इन दिनों किसी अमन ट्रांसपोर्ट द्वारा शहर के बाहरी क्षेत्रों में सड़क किनारे एवं सड़क से नीचे के खेत खलिहानों मे फ्लाईएश डस्ट डालकर खेतिहर जमीन को व्यवसायिक रूप देने की खातिर उद्योगों से निकलने वाली फ्लाईएश का ठेका ले रखा है। डी बी पावर से निकलने वाली फ्लाईएश को गुडेली, टीमरलगा के आसपास क्रशरों के द्वारा किये गए रसातल को भरने के लिए ठेका दिया गया है परन्तु चालाक ट्रांसपोर्टर द्वारा रायगढ़ के बाहरी सीमा में इस डस्ट को खेतों की जमीन को पाटने का कार्य मोटी रकम लेकर किया जा रहा है। जिसे कोड़ातराई,सांगितराई,सहदेवपाली,अमलीभौना आदि जगहों पर देखा जा सकता है। अमलीभौना से सक्ति वाले नए मार्ग पर तो इस ट्रांसपोर्टर ने अंधेरगर्दी मचा रखी है। जहां तहां फ्लाईएश डालकर प्राकृतिक नालों को बंद कर पूरे खेत खलिहान में लगी फसलों को बर्बाद किया जा रहा है एवं प्रभावितों को नगद नारायण देकर मुंह बंद करवाया जा रहा है। मंत्री के नाम का उपयोग कर सरपंच,सचिवों से खरसिया क्षेत्र के खेतों मे फ्लाईएश डालने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया जा रहा है। जांजगीर जिले में स्थापित संयंत्रों से निकलने वाले फ्लाईएश को रायगढ़ जिले में डाला जा रहा है ।जो किसी भी तरह से उचित एवं वैध नही है।
जिला प्रशासन, पर्यावरण विभाग से अपेक्षा—- उक्त गम्भीर विषय पर जिला प्रशासन एवं पर्यावरण विभाग द्वारा तुरंत कार्यवाही की अपेक्षा की जा रही है क्योंकि पर्यावरण को तो नुकसान पहुंच ही रहा है साथ ही खेती का रकबा और हरियाली भी खत्म हो रही है एवं गम्भीर बीमारियां पनपने का खतरा भी मंडरा गया है। प्राकृति नाले अपना अस्तीत्व खोते जा रहे है। जल प्रदूषित हो रहा है। सम्बंधित विभागों को चाहिए कि चंद्रपुर से रायगढ़ आने वाले एवं अमलीभौना से बिलासपुर जाने वाले मार्ग की सुधि ले। सरपंच,सचिवों पर भी कड़ी कार्यवाही करें। ताकि अन्य लोगो को सबक मिल सके। गुरुमेहर पेट्रोलपंप सहदेवपाली के पीछे,वीसा पावर के पीछे इस अवैध कार्य को खुली आँखों से देखा जा सकता है
बतलाया जा रहा है कि उक्त ट्रांसपोर्टर ने कई सरपंचों पर अपने आप को मंत्री का करीबी बतलाते हुए। अनापत्ति प्रमाणपत्र बनवाकर निरन्तर खेतो को बर्बाद किया जा रहा है। शीघ्र ही ऐसे सरपंचों की लिस्ट निकलवाकर उनपर भी कार्यवाही की जानी चाहिए ताकि रायगढ़ को और प्रदूषण की मार न झेलनी पड़े। *क्रमशः–लगातार* *प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी*




