रायगढ़—- नगर पालिका निगम द्वारा कल तोड़फोड़ की कारवाई करने के बाद सवालिया निशान उठने लगे है एवं इस कारवाई को द्वेषपूर्ण या किसी के दबाव में आकर किया जाना बतलाया जा रहा है क्योंकि शहर की इस बेशकीमती जमीन पर कई लोगो ने दशकों से कब्जा किया हुआ है और व्यवसाय कर करोड़ों रुपए कमाए जा चुके है परंतु निगम प्रशासन के द्वारा केवल अजय शर्मा को लक्षय कर कारवाई की गई है। जिससे शहर में तरह तरह की जनचर्चा हो रही है एवं निगम की कार्यप्रणाली को न्यायसंगत नहीं माना जा रहा है। निगम प्रशासन अपनी साख बचाना चाहता है तो उक्त स्थल पर किए गए तमाम अवैध कब्जे पर बुलडोजर चलवाकर भूमि समतल करवाकर नीलामी के द्वारा बेचे या फिर मल्टी कांपलेक्स भवन बनवाकर शासकीय दफ्तरों को शिफ्ट करवाने की कार्य योजना बनाए या फिर पुनः होम्योैथिक अस्पताल की निव रखे। अलग थलग पड़े नगर एवं ग्राम निवेश, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना,रोजगार,नापतौल विभाग के दफ्तरों को उक्त स्थल पर संचालित किया जाना आमजन के लिए सुविधाजनक हो सकता है।







