🔴कारगर साबित हुई सफल घेराबन्दी🔴विवेक पाटले एन्ड टीम के हत्थे चढ़े आरोपी🔴खरसिया से लगभग 300 किलोमीटर है खूंटी🔴
रायगढ़—-कल शाम लगभग 5.30बजे खरसिया शहर के प्रतिष्ठित ट्रांसपोर्ट व्यवसायी रमेश अग्रवाल के पुत्र राहुल के 6 वर्षीय बालक शिवांश का अपहरण किन्ही अज्ञात तत्वों के द्वारा किये जाने की खबर पूरे जिले में सोशल मीडिया के माध्यम से फैल गई थी। व्हाट्सअप ग्रुपो में घटना की जानकारी दी जाने लगी थी।
शिवांश के परिजनों ने इस घटना की लिखित शिकायत खरसिया पुलिस चौकी में करवाई थी। जिसपर खरसिया चौकी प्रभारी नंदकिशोर गौतम ने अपने उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी अवगत कर उचित मार्गदर्शन मांगा। जिसपर तत्काल हरकत में आते हुए रायगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा,नगर पुलिस अधीक्षक अविनाश सिंह ठाकुर के साथ जिले के तेजतर्रार थाना प्रभारी खरसिया थाना पहुंच गए। उधर खरसिया पुलिस के अनुविभागीय अधिकारी पीताम्बर पटेल,थानेदार नंदलाल गौतम,एस के साहू मुस्तैद पाये गए।
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने अपने लाव लश्कर सहित खरसिया चौकी में अपना डेरा डालकर खरसिया के सभी मार्गो में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगालने के आदेश अपने अधीनस्थो को दिए। जिसमे आरोपी की पहचान व्यवसायी के घरेलू रसोइये के रूप में हुई। पूछताछ में व्यवसायी से रसोइये की तकरार के बाद काम से निकाले जाने की एवं रसोइये के आज पुनः उसके घर आकर बालक शिवांश को चिप्स,आइसक्रीम दिलाने के बहाने से लिए ले जाने की बात सामने आई।काफी समय बीत जाने के पश्चात भी बालक शिवांश के घर वापस न लौटने पर रसोइये के मोबाइल पर फोन लगाने पर उसका फोन लगातार स्विच ऑफ आने लगा था। तब शिवांश के परिजनों को चिंता हुई अंततः इंतजार की सीमा खत्म होने पर उन्होंने पुलिस की शरण ली।
आई जी बिलासपुर रतन लाल डाँगी भी घटना की जानकारी प्राप्त होते ही खरसिया पहुंच गए थे। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने तुरंत वायरलेस के माध्यम से पूरे रायगढ़ जिले से बाहर निकलने वाले मार्गो को सील करने के आदेश प्रसारित किया गया एवं सात टीमें गठित एवंहथियारबंद कर अलग अलग दिशाओ में रवाना किया गया। कुछ पोर्टलों ने आरोपी के अंतिम लोकेशन जांजगीर की जानकारी दी गई थी। आरोपी का मोबाइल लगातार ट्रेस किया जा रहा था। जिसकी लोकेशन झारखण्ड सीमा बतलाये जाने पर पुलिस महा निरीक्षक रतन लाल डाँगी ने झारखंड पुलिस को घटना की जानकारी देते हुए सहयोग मांगा।
छाल थाना प्रभारी विवेक पाटले के नेतृव में बनी पुलिस टीम झारखण्ड बॉर्डर की ओर आगे बढ़ते हुए लगातार आरोपियों के पीछे लगी हुई थी। पुलिस टीम पीछे लगे होने की भनक आरोपियों को लगने पर वे पुलिस को छकाने लगे थे। विवेक पाटले की टीम चाहती तो आरोपियों को गोली भी मार सकती थी परंतु सवाल बालक को सही सलामत बरामद करने का था। देर रात लगभग 1 बजे थानेदार विवेक पाटले के ढाई किलो के हाँथ आरोपियों की गर्दन तक अंततः पहुंच ही गये। बतलाया जा रहा है कि आरोपी रसोइये ने किराये पर चार पहिया वाहन ले ली गई थी एवं अपने साथ अन्य 2 लोगो को भी इस घटना में शामिल कर बालक को रांची के किसी पेशेवर गैंग को सौप कर लाखो रुपये की फिरौती वसूलने की मंशा पाली हुई थी। बरहाल पूरे मामले का खुलासा विवेक पाटले के झारखण्ड से बालक सहित लौटने पर रतन लाल डाँगी एवं संतोष कुमार सिंह के द्वारा किया जायेगा। विवेक पाटले के टीम में भूपदेवपुर थाना प्रभारी उत्तम साहू एवं 4 आरक्षक ने भी अपहरण कर्ताओ को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई है।







