रायगढ़—– जिला पुलिस कप्तान के संवेदनशील होने एवं एकाग्रता की वजह से रायगढ़ पुलिस की जो छवि सुधरी है। वह भविष्य में आने वाले कप्तानों के लिए एक सीख लेने का विषय बन चुका है। समाजिक एवं रचनात्मक कार्यो में दिलचस्पी रखने वाले संतोष सिंह की पहचान राष्ट्रीय ही नही अपितु अंतराष्ट्रीय स्तर पर बनते ही जा रही है। प्रखर वक्ता संतोष सिंह का नाम देश के टॉप मोस्ट ब्यूरोकेटो में शुमार है। जो कि जिलेवासियों के लिये गर्व का विषय है। बौद्धिक स्तर पर होने वाले राष्ट्रीय वेबिनारो में संतोष सिंह को विशेष रूप से आमंत्रित किया ही जाता है।
रायगढ़ जिले में घटित संगीन अपराधो की गुत्थियां देर सबेर पुलिस कप्तान के स्वंय रुचि रखने की वजह से सुलझ ही जाती है। *कार्य इतनी शांति से करो कि सफलता शोर मचा दे* को संतोष सिंह ने शायद अपना आदर्श बना रखा है। अपराधी कितना भी शातिर क्यूँ न हो मगर कुछ न कुछ सबूत अवश्य छोड़ जाता है। पुलिस कप्तान घटित संगीन अपराधों के आरोपियों को बचने का भरपूर मौका देते है ताकि आरोपी गलती करे ताकि उनकी गर्दन पर पुलिस के हाथ पहुंच जाएं।
संतोष कुमार सिंह की पिछली सफलताओ की बहुत लंबी चौड़ी गाथा है। जो अविस्मरणीय है परन्तु पुनः उन्ही संस्मरण को न दोहराते हुए। आगे की सफलताओ को जोड़कर उनके द्वारा किये जा रहे कार्यो को चार चांद लगाये जा सकते है।
*2 बाइकों में सवार 4 शूटरो लुटेरों में से 2 को पकड़ने में मिली बड़ी सफलता* पढ़िये पूरी वारदात की खबर 👇👇
रायगढ़—जिलें के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत सीएमपीडीआई कॉलोनी के रहने वाले विनोद कुमार लकड़ा जो कि खम्हार गाँव के ग्रामीण बैंक में कैशियर के पद पर कार्यरत है।उन्हें खम्हार ड्यूटी जाते समय मिरिगुड़ा के पास 2 बाइकों पर सवार 4 अज्ञात बाइक सवारों ने विनोद लकड़ा को लूट के इरादे से पीठ पर गोली मारकर उनका बैग लूटकर भाग निकले थे।
इसके बाद उन्हें धरमजयगढ़ सिविल अस्पताल में प्रारंभिक उपचार उपरांत डॉक्टरों ने जिंदल हॉस्पिटल रायगढ़ रिफर किया था जानकारी मिलते ही धरमजयगढ़ और कापू पुलिस की टीम घटना स्थल पर पहुंचकर जांच में जुटी गई थी।इस वारदात को ठंडे दिमाग से लेकर को जांच को आगे बढ़ाई जा रही थी। रायगढ़ कप्तान संतोष कुमार सिंह के दिशा-निर्देश में जिला पुलिस की टीम आहिस्ता आहिस्ता बड़ी ही खामोशी से आगे बढ़ रही थी। जिसका सुखद परिणाम सामने आ गया। रायगढ़ पुलिस के हांथो अपराधी की गर्दन तक पहुंच गए। जिससे “संतोष सिंह इलेवन” के हाथ बड़ी कामयाबी लग गई।
एसपी संतोष कुमार सिंह उक्त घटना की बारीकियों पर नजरें जमा रखे थे जिनके निर्देशन पर रायगढ़ एडिशनल एसपी अभिषेक वर्मा,धर्मजयगढ़ एसडीओपी सुशील कुमार नायक, रायगढ़ सीएसपी अविनाश सिंह ठाकुर एंव तीन थानों के प्रभारी और पुलिस जवान लगातार आगे बढ़ रहे थे।अंततः घटना को अंजाम देकर निश्चिंत होकर रहने वाले आरोपियो के ठिकानों तक पहुंच गये। आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो वे मेमने की तरह मिमयाते हुए । इस घटना के अलावा रायगढ़ जिले में घटित कई अपराधों में अपनी संलिप्ता स्वीकारा गया।
*अधेड़ लुटेरों के गैंग को उधेड़ा पुलिस ने* सुनने में जरूर अटपटा,अपचनीय लग सकता है परन्तु सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ अधेड़ों ने मिलकर लुटेरों का गैंग बनाया हुआ था। जो अपराधों को अंजाम देकर निश्चिंत हो जाते थे क्यूंकि उम्र के लिहाज से वे अपने आप को महफूज समझते थे और पुलिस की जांच में भी ये ढ़लती उम्र के अधेड़ नजरो के सामने रहने पर शक के दायरे से बाहर होकर बचे रहते थे।अधेड़ों के कारनामो का विस्तृत खुलासा पुलिस अधीक्षक सन्तोष कुमार सिंह के द्वारा किया जायेगा।







