टूटी कलम रायगढ़ —लगातार शहर को स्वच्छ, सुंदर बनाने में लवलीन शहर के पूरे 48 वार्डो को अपने कदमो से नापने वाले तेज तर्रार,संवेदनशील कलेक्टर भीम सिंह का इस समय कार्य देखकर यह नही लगता कि ये जिले के सर्वोच्च अधिकारी है । अलसुबह से उठकर लोवर और टी शर्ट में ही मेडिकल कालेज,कोविड सेंटरों, वैक्सीनेशन सेंटरों, अस्पतालों का निरीक्षण करने और मरीजो जी सुधि लेने पहुंच जाते है। जिसके बाद वर्चुअल मीटिंग,वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अधीनस्थ अधिकारियो को कोविड सम्बन्धित दिशा निर्देश देते है। मेडिकल कालेज,के आई टी में आक्सीजनयुक्त बेड, वेंटिलेटरो, आक्सीजन गैस सिलेंडरो की पूर्ति बढ़ाने के लिए दिमाग खपाते रहते है। जिले वासियो को लाकडाउन के दौरान राशन आदि की तकलीफ न हो इसपर गाइडलाइंस तैयार करते है। धरमजयगढ़ से लेकर सारंगढ लगभग 160 किलोमीटर का दौरा कर न कभी थकते,न कभी हारते। प्रतिदिन नई ऊर्जा के साथ अपने कर्म करने में लग जाते है। लाकडाउन के दौरान भी शहर में अमृत मिशन योजना,सड़को का डामरीकरण,राशन सामग्रियों का वितरण,वैक्सीनेश आदि के कार्य इनकी सकारात्मक सोच के कारण निर्बाध गति से चल रहे है। कोविड में कुछ समस्या आने पर ये अपने बैच के आईएएस अधिकारियों से सलाह मशविरा करते है। इनकी टीम में इन्ही की तरह ऊर्जावान अधिकारी शामिल है। निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय,जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी एस एन केसरी,लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता खांबरा, पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह, एस डी एम युगलकिशोर उर्वशा,अतिरिक्त कलेक्टर राजेन्द्र कुमार कटारा, संयुक्त कलेक्टर सुमित अग्रवाल आदि इनके साथ कंधा से कंधा मिलाकर चल रहे है।
यदि इस संकट काल मे भीम सिंह जैसे दूरदर्शी कलेक्टर रायगढ़ में नही होते तो शायद कोविड सेंटरों में मरीजो को बेड भी शायद ही नसीब होते। आक्सीजन सिलिंडरों का मिलना,फलो मीटर की आवक एवरेस्ट फतह करने समान होता। न वैक्सीनेशन करवाने में पूरे प्रदेश में उपलब्धि प्राप्त होती। न संक्रमण पर लगाम कस पाती,न बाजार स्वतः बन्द हो पाते। भीम सिंह की पूरी टीम जिस तरह से बेधड़की से डटी हुई है। उससे लोगो मे अपने आप इनयुनिटी आ जाती है।







