10 रुपए नग में बेच रहे मुर्गा, हजारों क्विंटल जमीदोज
कोरोना वायरस ने पूरे प्रदेश में ऐसा डर पैदा किया कि होली पर करोड़ों के कारोबार करने वाले पोल्ट्री व्यवसायियों को करोड़ों की नुकसान हुआ। करोना के संक्रमण पैलने के डर से लोगों ने मटन-चिकन खाना ही छोड़ दिया। सबसेमजेदार बात यह है कि लोग पांच रुपए दस रुपए किलो में भी चिकन नहीं खरीद रहे है। जिसके चलते कारोबारियों ने ट्रकों से मुर्गियों को दफन करना पड़ा। सबसे ज्यादा खौफ राजधानी में देखा गया, जहां मटन-चिकन के शौकीनों ने करोना वायरस के चलते पिछले पांच दिनों से चिकन और मटन की बिक्री में भारी कमी देखी गई। मटन पर अभी कोरोना का प्रभाव नहीं पड़ा है, उसके बाद भी लोगों के दिल में कोरना का डर बैठ गया है। इस डर का प्रत्यक्ष असर मटन चिकन कारोबार पर पड़ा है। चिकन-मटन दुकानों में सन्नाटा पसरा हुआ है। चिकन की बिक्री पर आई कोरोना वायरस का असर देखने को मिला है । छत्तीसगढ़ में कमोबेश सभी गांव में मुर्गी पालन किसान करते हैं। एक अनुमान के अनुसार विगत 7 से 8 दिनों में मुर्गी पालन करने वाले किसान लोगों को भारी आर्थिक नुकसान ही उठाना पड़ रहा है। इसका दुष्परिणाम आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की आर्थिक संरचना पर और मुर्गी व्यवसाय पर भारी पडऩे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा नुकसान
जनता से रिश्ता के पिछले पांच दिनों से किए गए सर्वे के अनुसार करोना वायरस का कहर छत्तीसगढ़ सहित रायपुर शहर के सभी चिकन सेंटरों में और मुर्गी फार्म में देखने को मिल रहा है एक अनुमान के अनुसार छत्तीसगढ़ में चिकन फार्म करने वाले सभी कारोबारियों को 125 करोड़ का नुकसान होने का अनुमान है । वर्तमान परिस्थितियों में छत्तीसगढ़ के सभी गांव से जो खबर आ रही है, उसके मुताबिक छोटे फार्मर अपने चिकन को विगत 4 दिनों से फ्री में बांट रहे हैं । अधिकतर मुर्गी फार्म पालक अपने फार्म को खाली कर साफ सफाई करने के जुट गए है। कोरोना वायरस के डर से अपना लाखों करोड़ों का माल ओने-पौने में बेच रहे और माल नहीं बिकने की स्थिति में फ्री में गांव वाले को वितरण किया जा रहा है । राजधानी से लगे आसपास के 34 गांव ऐसे है, जहां पर गांव वालों ने चिकन नहीं खाए और किसी ने खरीदा भी नहीं। वहां पर चिकन व्यवसायियों ने मुर्गियों को जिंदा गड्ढा खोद कर दफन कर दिया।
5,10 और 20 रु. प्रति नग चिकन
रायपुर शहर में अनुमान के अनुसार विगत 4 दिनों से 5रु. 10 रु.और 20 रु. नग प्रति नग के हिसाब से मुर्गी का विक्रय किया जा रहा है। आज के बाद और भी रेट गिरने की आशंका है । मार्केट में कोरोना वायरस के कहर के कारण चिकन खाने वालों की तादाद में भारी कमी आई है । मार्केट में चिकन की मांग बिल्कुल नहीं होने के कारण व्यापारी अपना माल ओने पौने में बेच रहे हैं और माल नहीं बिकने की स्थिति में फ्री में बांट रहे है। कोरोना वायरस के अफवाह के कारण छत्तीसगढ़ में चिकन मार्केट पूरी तरह प्रभावित हुआ है । अनुमान है कि 125 करोड़ के आसपास चिकन फार्मर को नुकसान हो सकता है।
सरकार ने फौरी कदम नहीं उठाया तो होगा करोड़ों का नुकसान
कोरोना वायरस को रोकने के लिए राज्य सरकार ने सभी शैक्षणिक संस्थान को 31 मार्च तक बंद करने के आदेश दिए है, साथ ही परिवहन आयुक्त ने आटो, बस चालकों से मास्क और साफ सफाई एंटी वेक्सिन के छिड़काव के निर्देश दिए है। वहीं सरकार ने चिकन -मटन व्यवसाय जो अफवाह का शिकार हुआ है उस पर कोई संज्ञान नहीं लिया है। जिसके कारण अफवाह के कारण पिछले एक सप्ताह से त्योहारी सीजन में भी चिकन-मटन व्यवसाय पूरी तरह चौपट हो गया है। यदि समय रहते सरकार ने कारगर कदम नहीं उठाया पोल्ट्री उद्योग को छत्तीसगढ़ में 12 सौ करोड़ का नुकसान हो सकता है। यह अनुमानित आंकड़ा पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों ने दी है। कारोबारियों का कहना है कि कोरोना से चिकन -मटन व्यवसाय इफेक्डेट नहीं है। उसके बाद भी अफवाह ने पोल्ट्री व्यवसाय को पूरी तरह चौपट कर दिया है। जिससे करोड़ों का नुकसान हुआ है। सरकार से मदद की गुहार लगाई है। इस संबंध में कृषि मंत्री रविंद्र चौबे का पक्ष जानने उनके मोबाइल नंबर 9425234400 और स्वास्थ्य मंत्री के प्रमुख सचिव विनोद गुप्ता के मोबाइस नंबर 9425269299 उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।







