छत्तीसगढ़: चौकी प्रभारी ने बताया IPS पर हमले की आंखों देखी, कुत्ता भौंका तो भड़का हाथी, भगदड़ में गुम हो गए SP, फिर दिखे खून से लथपथ पत्नी को कंधे पर लाते हुए।




पेंड्रा। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिला SP त्रिलोक बंसल और उनकी पत्नी श्वेता बंसल का उपचार रायपुर AIIMS में होगा। इसके लिए गुरुवार सुबह बिलासपुर स्थित अपोलो अस्पताल से परिजन उन्हें रायपुर लेकर जा रहे हैं। दंपती की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। IPS बंसल और उनकी पत्नी सहित 4 वनकर्मी बुधवार शाम हाथियों के हमले में घायल हुए हैं। इसके बाद दंपती को GPM जिला अस्पताल से अपोलो रेफर किया गया था। इस दौरान मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी अरविंद मिश्रा ने घटना को साझा किया। टूटी कलम
हाथियों के हमले के समय ग्रामीणों के साथ चौकी प्रभारी अरविंद मिश्रा भी मौजूद थे। कहते हैं कि हाथियों को इतने करीब से कभी नहीं देखा था। अचानक से इतने हाथियों को सामने देख होश उड़ गए। SP त्रिलोक बंसल और उनकी पत्नी के साथ आए गनमैन व पुलिसकर्मी अपनी जान बचाने भागने लगे। सब कुछ इतनी जल्दी हुआ कि कुछ समझ नहीं आया। धूल-मिट्टी का गुबार छंटा तो SP और उनकी पत्नी गायब थे। उन्होंने इसकी सूचना अफसरों को दी। जानकारी मिलते ही फोर्स जंगल में पहुंच गई। टूटी कलम
हादसे के बाद SP बंसल को GPM जिला अस्पताल लाया गया था। टूटी कलम
पत्नी को कंधे पर लादे खून से लथपथ SP जंगल से बाहर निकले
सूचना के कुछ देर बाद ही कलेक्टर नम्रता गांधी सहित पुलिस अफसर, थानेदार और वन विभाग की टीम अमारू जंगल पहुंच गई। ग्रामीणों के साथ वन विभाग की टीम पटाखे फोड़कर हाथियों के झुंड को जंगल से भगाने की कोशिश करने लगी। SP साहब और उनकी पत्नी के लिए आसपास सर्चिंग शुरू की गई। जंगल में करीब 100 मीटर अंदर खून से लथपथ SP त्रिलोक बंसल अपनी पत्नी को कंधे पर लेकर आते दिखाई दिए। उनका तत्काल प्राथमिक उपचार कर उन्हें जिला अस्पताल लाया गया। टूटी कलम
कुत्ते के भौंकने पर भड़का हाथी, दल से अलग होकर दौड़ाया
ASI मिश्रा ने बताया कि SP साहब और सभी लोग हाथियों को देख रहे थे। इसी दौरान एक कुत्ता भौंकने लगा। इस पर झुंड से अलग होकर एक मादा हाथी तेजी से आगे बढ़ने लगा। हाथी को करीब आता देख ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। हर कोई अपनी जान बचाने के लिए भाग रहा था। इस बीच SP बंसल व उनकी पत्नी भी बचने के चक्कर में जंगल की ओर भागे, लेकिन थोड़ी देर बाद दोनों हाथियों के बीच गायब हो चुके थे। हाथियों को देखकर हर कोई दहशत में था।
SP त्रिलोक बंसल की पत्नी श्वेता बंसल
ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लाए अपोलो अस्पताल
हादसे में घायल SP बंसल और उनकी पत्नी श्वेता की हालत देखकर उन्हें अपोलो अस्पताल रेफर किया गया। इसके बाद अफसरों के निर्देश पर GPM से बिलासपुर तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। दोनों जिलों के थानेदार और सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई। पेंड्रा से लेकर कारीआम घाट, केंदा चौकी से लेकर रतनपुर व बिलासपुर तक पुलिस की पेट्रोलिंग टीम रास्ते बनाते हुए उन्हें रात करीब 9.45 बजे अपोलो अस्पताल लेकर पहुंचे। SP बंसल के पसली और गाल में हेयर क्रेक होने की बात सामने आई है।
सदमे में हैं श्वेता, हमले की घटना भी याद नहीं
हाथियों के हमले के बाद से श्वेता बंसल बदहवास हैं। हमले से उन्हें गहरा सदमा लगा है। उन्हें यह भी नहीं मालूम है कि वह अपोलो अस्पताल कैसे पहुंच गई हैं। बार-बार वह अपने बच्चों को याद कर रही हैं। हालांकि, डॉक्टरों ने उनकी स्थिति सामान्य बताई है। इस हादसे से उनको शॉक लगा है। इसके चलते उन्हें हाथियों के हमला करने की घटना भी याद नहीं है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में लगातार हाथियों का मूवमेंट बना हुआ है।
देर शाम हाथियों के हमले में घायल हुए थे IPS अफसर
त्रिलोक बंसल और श्वेता बुधवार शाम जब जंगल की ओर घूमने गए थे, उनके साथ थानेदार, गनमैन, चौकी प्रभारी, DFO और वन विभाग का बाकी अमला भी था। कोटमी जंगल होते हुए अमारू पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि जंगल में हाथियों का दल घूम रहा है। दहशत के कारण ग्रामीण परेशान हैं और आक्रोशित भी हैं। हाथियों का झुंड देखने की ललक में SP त्रिलोक अपनी पत्नी के साथ अमारू के जंगल की तरफ निकल पड़े






