@टिल्लू शर्मा▪️टूटी कलम डॉट कॉम#रायगढ़….कोविड़ 19 के बढ़ते मामलों को लेकर जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग को सचेत हो जाना चाहिये। जो बात कोरोना वायरस से सम्बंधित सामने आई है। उसके अनुसार कोरोना संक्रमित 1 व्यक्ति की वजह से 17 लोग संक्रमित हो सकते है। पिछले दिनों रायगढ़ जिले में इकाई संख्या में मिल रहे मरीजो की संख्या दहाई पहुंच चुकी है। आंकड़ो पर गौर करे तो 1 मरीज से 17 लोग प्रभावित हो सकते है एवं फिर 17 लोगो से 17 लोग यानि 289 लोग एवं 289×17=4913 लोग प्रभावित हो सकते है। इस गुणांक में यदि संक्रमण फैलने लगेगा तो स्थिति बहुत विकट हो सकती है। टूटी कलम
कलेक्टर को अंधेरे में तो नही रखा गया बी एम ओ के द्वारा…. कागजो के आधार पर रायगढ़ जिले को 100%वैक्सीनेटेड की सूची में पूरे देश मे स्थान मिला है। जो अब विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारियो की वजह से संदेह के दायरे में आ गया। विवेकशील, कर्तव्यनिष्ठ, कर्मयोगी कलेक्टर भीम सिंह ने अथक प्रयास कर कोरोना की पहली एवं दूसरी लहर डटकर मुकाबला करवाने के संसाधनों को लाकडाउन होने के बावजूद जिले के सभी सरकारी अस्पतालो,नर्सिंग होमो में मुंबई,कोलकाता, देहली, बेंगलुरु आदि महानगरों में रहने वाले आईएएस सहपाठियो से बातचीत कर सहयोग लिया गया एवं बाइपेप मशीने,आक्सी मीटर,आक्सीजन सिलेंडर, बेड, आदि की उपलब्धता करवाये गए। कलेक्टर भीम सिंह वैक्सीन लगवाने की अपील करने स्वयं गांव, गांव,घर,घर पहुंचे एवं जिद्दी किस्म के लोगो का मान-मनोव्वल कर वैक्सीन लगवाने को प्रेरित कर राजी किये। तब जाकर कहीं रायगढ़ को देश मे स्थान मिला। मगर अब जिले के विकासखण्डों में कोरोना के बढ़ते मामलो ने पोल खोलनी शुरू कर दी है। महज कागजी आंकड़े पेश कर कलेक्टर,सरकार, देश को धोखे में रखा गया । जो कि एक गम्भीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। टूटी कलम
शताब्दी की सबसे बडी त्रासदी माहमारी जो शायद 100 वर्ष के बाद उत्पन्न हो कर फैलती है। ऐसे समय मे कोताही बरतने वाले अधिकारियों को शो काज नोटिस जारी कर,अवहेलना,धोखा देना, अंधेरे में रखना का आरोप तय कर,इंक्रीमेंट, प्रमोशन,रिटायरमेंट, जीपीएफ से वंचित कर दिया जाना ही उचित होगा। जो लोग कोरोना पॉजिटिव मिल रहे है। उनसे वैक्सीनेटेड की पुष्टि की जानी चाहिए। वैक्सीन नही लगे होने पर विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करना न्यायसंगत होगा।
पुसौर वैक्सीनेशन सेंटर में देखी जा चुकी है अनिमियताये..शहर से सटे पुसौर ब्लॉक में वैक्सीनेशन के दौरान काफी अनिमियताये देखने को मिली थी। लोग बगैर मास्क,सोशल डिस्टनसिंग की अवहेलना कर सेंटर में घूमते पाये गए एवं चिकित्सा अधिकारी भी 5,7,लोगो के सांथ सेंटर के मैदान में कुर्सियां डाले गप्पें हांकते देखे गए थे। जिसके प्रमाण फोटो एवं वीडियो भी उपलब्ध है। टूटी कलम








