✒️ टिल्लू शर्मा टूटी कलम रायगढ़..बुधवार साप्ताहिक बंद के कलेक्टर के आदेश के बावजूद व्यवसायिक प्रतिष्ठान खोलकर लोग नियम कानून,आदेश को ठेंगा दिखला रहे है। कोरोना पॉजिटिव मरीजो की बढ़ती संख्या को लेकर जहाँ केंद्र सरकार,राज्य सरकारें स्वास्थ्य विभाग,जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन आदि के पेशानी पर बल पड़ गये है तो दूसरी तरफ लोग लापरवाह,बेपरवाह हो चुके है। कुछ लोगो को डांट सुनने,गाली खाने की आदत होती है। ये लोग इनका प्रसाद पाये बगैर नही मानते है। खासकर रात 10 बजे के बाद वाले अजीब तरह के प्राणी वाले इन सबमे अभ्यस्त हो चुके रहते है। जिनका बगैर बेइज्जती करवाये भोजन हजम नही होता है। इस तरह के दुकानदार भी जो साप्ताहिक अवकाश के बावजूद अपनी अपनी दुकानें खोलकर व्यवसाय करते तो जरूर है। मगर डर डर कर की कहीं गब्बर न आ जाये। टूटी कलम
चेम्बर मात्र नाम की संस्था है…चेम्बर का कार्य होना चाहिए कि उनके सारे पदाधिकारी बुधवार के रोज घूम घूम कर व्यवसासियों से दुकानों को बंद रखने का करबद्ध निवेदन कर प्रशासन का सहयोग कर स्वयं के सुरक्षित रहने की अपील करे मगर यह व्यवसायिक संस्था केवल भाजपा की ब्रांच बनकर रह गई है। जिसका कार्य सरकार एवं प्रशासन का विरोध करना मात्र रह गया है। प्रशासन जब भी व्यवसाइयों पर कार्रवाई करता है तो चेम्बर दूरी बना लेता है। मात्र अपने रिश्तेदारों, जान पहचान वालो,करीबी लोगों पर कार्यवाही होने पर कलेक्टर की शरण मे पहुंच जाते है टूटी कलम





