✒️टिल्लू शर्मा टूटी कलम रायगढ़ ….. पिछले दिनों कांग्रेसी सांसद राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ आगमन हुआ था। राहुल गांधी किस वजह से छत्तीसगढ़ आये थे ? इस पर किसी के द्वारा कोई प्रश्न नही उठाया गया। राहुल के आगमन से लेकर प्रस्थान तक जो देखा और समझा हमने की राहुल का आगमन विशुद्ध रूप से बघेल से व्यक्तिगत सम्बन्धो के कारणों से हुआ था। यहां बताना लाजिमी होगा कि 03 फरवरी को बघेल की शादी की सालगिरह थी एवँ 06 फरवरी को बघेल के बेटे की शादी इसलिए राहुल ने उत्तरप्रदेश ,गोवा के चुनावी कार्यक्रमो को छोड़कर रायपुर आना उचित माना होगा। पूरे देश मे छत्तीसगढ़ में ही कांग्रेस की प्रदेश सरकार सर्व सम्पन्न है। टूटी कलम

मंत्रियों,विधायको,कमेटी के पदाधिकारियों ,मीडिया से दूरी रखी गई… राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान प्रदेश के मंत्रियों,,विधायको,कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के साथ ही मीडिया से दूरी बनाये रखने का प्रोटोकॉल रखा गया था। मंत्रियों को उनके आसपास भी फटकने नही दिया गया और ना ही प्रेस वार्ता के लिए समय रखा गया।मंत्रियों को आंखों के इशारों से दूर कर दिया गया एवं मीडिया को विज्ञापन देकर मुंह बंद कर दिया गया। टूटी कलम

आम सभा क्यो आयोजित नही की गई ?….राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ आगमन पर लोगो ने लाखों लोगों के पहुंचने की उम्मीद लगा रखी थी परन्तु उनका तयशुदा कार्यक्रम था कि एयरपोर्ट से साइंस कॉलेज एवं साइंस कॉलेज में समय पूरा कर बघेल निवास एवँ बघेल निवास से एयरपोर्ट वह भी लग्जरी बस के मॉध्यम से बघेल के सानिध्य में ही होना था। जो हुआ भी जस का तस। टूटी कलम

सिंह के होर्डिंग्स निकलवाये गये ? राहुल गांधी के आने जाने वाली सड़को ,एयरपोर्ट के आसपास, साइंस कॉलेज में लगे स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव के लगे होर्डिंग्स रायपुर नगर निगम के कर्मचारियों के द्वारा घूम घूम कर शायद इसलिए निकलवा दिए गए थे क्योंकि राहुल गांधी का प्रवास सम्भवतः राजनैतिक न होकर व्यक्तिगत रहा होगा इसलिए टी एस सिंहदेव एवं उनके समर्थकों ने भी मौन साध लिया होगा। टूटी कलम

हॉकरों एवँ अनपढों का कब्जा हो गया है मीडिया पर,जिनकी भी जुबाने खरीद ली गई …बाबा के गुणगान करने वालो कुछ हाकरनुमा पत्रकारों की जुबानें भी चंद सिक्के फेंककर खरीद ली गई जो बाबा बाबा करते थे। वे भी राहुल गांधी के मिनट टू मिनट कार्यक्रमो को दिखलाने, लिखने में व्यस्त कर दिए गए। जो जो समाचार रायपुर की मीडिया ने बतलाये उन सब समाचारों की कॉपी पेस्ट कर अपने आपको को पत्रकार कहलाने का दंभ भरते हुए दिखलाई पड़े क्योंकि उनका मकसद पत्रकारिता करना नही होकर भाँड़गिरी करना है। टूटी कलम
स्टार प्रचार बने बघेल…राहुल गांधी के दिल्ली वापस लौटते ही मुख्यमंत्री बघेल को आगामी होने वाले कई राज्यो के विधानसभा चुनावों में स्टार प्रचारक बनाकर अपना कर्ज उतारकर फर्ज निभा दिया गया। टूटी कलम




