🏹 टिल्लू शर्मा 🖋️ टूटी कलम रायगढ़ …… 14जून को रायगढ़ शहर के नगर क्षेत्र स्थित स्वास्तिक बिहार कॉलोनी के एक मकान में 23 वर्षीय काजल मसंद को अकेली पाकर दुष्कर्म के नियत से घुसे लोगों ने उसकी हत्या कर दी थी। उक्त बातें किसी और में नहीं अपितु पुलिस ने बतलाया है। इस हत्याकांड के बाद पुलिस की असफलता के कारण महिला मोर्चा, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन, सिंधी समाज,सर्व समाज ने कैंडल मार्च निकाल कर पुलिस अधीक्षक के नाम हत्यारों को शीघ्र ही गिरफ्तार करने संबंधित आवेदन सौंपा था जिसके उपरांत पुलिस हरकत में आते हुए 3 लोगों को गिरफ्तार कर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर उनको रूबरू करवा दी थी। टूटी कलम
पहली दफा स्निफर डॉग रूबी आरोपी को गंध पाकर सूंघने में असफल हो गई थी परंतु दूसरी बार यही स्निफर डॉग के द्वारा बारंबार रामभरोस के पास जाकर खड़े हो जाना पुलिस के द्वारा बतलाया गया है। जोकि कम हैरान कर देने वाले बात नहीं है। इसी प्रकार पुलिस ने बतलाया था कि स्वास्तिक विहार कॉलोनी के आसपास के किसी भी सीसीटीवी फुटेज में कोई संदिग्ध दिखलाई नहीं पड़ा परंतु अचानक से ही 4 दिनों के बाद पुलिस ने बताया कि आरोपी रामभरोस को आते जाते हुए सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में देखा गया है. जोकि उक्त क्षेत्र का आदतन बदमाश है एवं पूर्व में भी वह पोस्को अपराध के कारण जेल भी जा चुका है। इसी तरह पुलिस ने बताया कि मृतिका का काजल मोबाइल आरोपियों ने नदी में फेंक दिया है। जिसे नदी से नहीं निकाला जा सका था। आरोपियों ने जिस पत्थर से काजल पर प्रहार कर जान लेना बतलाया गया है। वह पत्थर आरोपियों के द्वारा टावेल में लपेट कर साथ ले जाना बतलाया था साथ ही घटनास्थल पर टंगे थैले से नगद रकम एवं काजल का एटीएम कार्ड लेकर भाग गए थे। जिसे प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों के समक्ष पेश नहीं किया गया था। जबकि बड़े से बड़े मामले में भी आरोपियों के द्वारा किसी भी घटना में उपयोग किए गए प्रत्येक वस्तुओं को प्रेस वार्ता में रखा जाता है। काजल को जिस पत्थर से मारा गया था उसे पचधारी डैम में फेंकने जाने के लिए मोटरसाइकिल का भी उपयोग किया गया था ।पुलिस के द्वारा उक्त मोटरसाइकिल को भी पत्रकारों को दिखलान उचित नहीं समझा। प्लास्टिक का थैला, ए टी एम कार्ड आदि क्यों नही दिखलाएं गए । टूटी कलम
अपराधी साबित करने के लिए नहीं है पर्याप्त सबूत…. पुलिस के पास उक्त हत्याकांड से जुड़े सबूतों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सर्वथा अभाव है । जिसके कारण आरोपियों को कोई लंबी चौड़ी सजा मिलने की उम्मीद नहीं है. इस मामले में ना कोई चश्मदीद गवाह है, ना मोबाइल कॉल रिकॉर्ड है, ना पूर्व में मृतिका के संग आरोपियों के कोई संबंध रहे है, ना ही उसके घर आना जाना रहा है,। टूटी कलम
उक्त मामले में कुछ न कुछ झोलझाल,लोचा,सेटिंग से इंकार नही किया जा सकता। यह मामला ठंडे बस्ते में शायद इसलिए चला गया क्योंकि मृतिका की कोई रिश्तेदारी,जान पहचान नही होना बतलाया गया है।







