🎯 टिल्लू शर्मा 🖋️टूटी कलम रायगढ़…….. स्थानांतरण हो जाने के पश्चात अपने कार्यकाल में हुए घोटालो,गड़बड़ियों पर सवालिया निशान एवम जांच कमेटी के गठन का कार्य छोड़ गए घरघोड़ा के अनुविभागीय दंडाधिकारी (एस डी एम) अशोक कुमार मारबल। यू तो अशोक कुमार मार्बल बहुत ही दिलदार एवं दानवीर किस्म के इंसान हैं ।इसका पता अब चल रहा है कि जब तक वे घरघोड़ा में एसडीएम के पद पर सुशोभित रहे। तब तक वे जनप्रतिनिधियों, नेताओं, मीडिया, अधिकारियों, आदि को खुश रखते रहे और अपना उल्लू सीधा करते रहे यदा-कदा कभी कबार जब उनके विरुद्ध में कुछ आवाज बुलंद की जाती थी तो उस आवाज को बड़ी आसानी से चांदी के जूते चले दबा दिया जाता था।वहीं जंगल के जंगल उजड़ने पर मौन व्रत रखे रखे।साथ ही घरघोड़ा अनु विभाग में जमीनों की हेरा फेरी अदला बदली बड़े ही आसानी से की जाती रही। आदिवासियों की जमीनों का नामांतरण , हस्तांतरण करना तो उनके बाएं हाथ का एवं सबसे प्रिय कार्य रहा था।
अशोक मारबल के स्थानांतरण होने के बाद उनसे ही संतुष्ट लोग अपने अब अपने आप को असंतुष्ट जाहिर कर उनकी पोल खोलने में जुट गए हैं । जैसा कि बताया जा रहा है । तमनार ब्लाक में आदिवासियों की जमीनों को जमीनों को बड़े-बड़े रसूखदारो के द्वारा खरीद कर टुकड़ों में बेच दिया गया एवं जमीनों के खरीददार व्यवसाई उन टुकड़ों पर अस्थाई निर्माण करवाकर आने वाले समय में भूमि अधिग्रहण के नाम पर बड़े उद्योगों से मोटी मलाई मिलने की जुगत में जुटे हुए हैं।
जिसकी शिकायत वर्तमान कलेक्टर रानू साहू को मिलने पर उन्होंने जांच समिति बनाकर जांच करने के आदेश जारी कर दिए हैं । आने वाले समय में कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महाजेंको के कोयला खदान आबंटन के पश्चात तमनार क्षेत्र के 14 गांवो की जमीनें व्यापक रूप से सस्ते दरों पर खरीदी बिक्री कर दी गई है। जिसमें सत्तारूढ़ कांग्रेश, विपक्ष भाजपा के कई नामी-गिरामी चेहरे, रायगढ़ एवं आसपास के धन्ना सेठ, शासकीय कर्मचारीयों,अधिकारीयों,एवं बिहार झारखंड उत्तर प्रदेश बंगाल ओडिशा महाराष्ट्र आदि जगहों के व्यवसायियों ने मोटा मुनाफा बटोरने की खातिर यहां पर मिट्टी के मोल पर रातों-रात जमीने खरीद ली है। इस गड़बड़ झाले की यदि परत खुलेगी तो कई आर आई ,पटवारी ,आदि आसानी से नप जाएंगे।







