🎯 टिल्लू शर्मा 🖋️ टूटी कलम रायगढ़….आमतौर पर पहले पुलिस का नाम आते ही आंखों के सामने एक अलग किस्म की छवि डांट- डपट, गाली गलौज, करने एवं बेज्जती करने सी दिखलाई देती थी. मगर अब पुलिस का नाम आते ही लोगों की आंखों के सामने सिटी कोतवाली थाना के प्रभारी मनीष नागर की छवि दिखने लगती है । मनीष नागर की कार्य शैली के आगे रायगढ़ शहर के फोटो खिचवाऊ, छपास रोगी, तथाकथित समाजसेवियों की छवि धूमिल सी पड़ गई है एवं खत्म सरीखे हो गई है। जिसका अहं कारण समाजसेवियों में वापस में चल रही रस्साकसी एवं आपसी प्रतिस्पर्धा होनी मानी जा सकती है । जिससे शहर के पीड़ित,गरीब ,दिन दुखियारे प्रभावित हो गए हैं। जिसका उदारण पिछले दिनो दादू द्वारे धर्मशाला में हुई आपसी नोकझोंक मानी जा सकती है।

थाना कोतवाली के प्रभारी मनीष नागर गरीबों एवं असहाय लोगो के संकट मोचन बंद कर उभर रहे हैं। जब भी मनीष नगर के कानों तक किसी मजबूर एवम असहाय होने की खबर पहुंचती है तो मनीष नागर स्वयं उनके घर जाकर हर संभव मदद दिया करते हैं। मनीष नागर किसी लाचार परिवार के सदस्य की मृत्यु के समाचार पाकर उनका अंतिम संस्कार लकड़ी आदि की व्यवस्था करवा कर स्वयं मुक्तिधाम में उपस्थित रहते हैं। संपूर्ण क्रियाकर्म दसवां, बारहंवा तेरहर्वी आदि पंडितों के द्वारा पूरे विधि विधान से संपन्न करवाए जाते हैं एवं मृतक की अस्थियों को विसर्जन करने तक में सहायता दिया करते हैं। लगभग 1 माह पूर्व दो छोटे बच्चों की माता की मृत्यु हो जाने का समाचार सुनकर मनीष नागर ने बच्चों को सांत्वना देते हुए पूरी रस अदा करवाई एवं अनाथ हो चुके बच्चों को अनाथ आश्रम भेज कर उनके रहने खाने की व्यवस्था भी करवाई गई थी। पुलिस विभाग के साइबर सेल से निकाले गए ड्राइवर कमलेश शर्मा ने अज्ञात कारणों से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जिसकी खबर पाकर भी मनीष नागर के द्वारा सारी व्यवस्था करवाई गई एवं वार्ड क्रमांक 8 की सक्रिय पार्षद रुकमणी (ननकी नोनी) साहू ने मनीष नागर से ड्राइवर परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर बतलाए जाने पर मनीष नागर ने ब्राह्मण भोज की व्यवस्था कर स्वयं भी कोतवाली स्टाफ के साथ मृतक के घर जाकर मृतक भोज में शामिल हुए एवं ब्राह्मणों को नियमानुसार दान पूण की सामग्रियां भी दी गई। शहर में लावारिस एवं अनाथ घूम रहे बच्चों को भी थाने लाकर मनीष नागर उनके परिजनों का पता लगवा कर उनके सुपुर्द करने की भी भूमिका निभाते रहते है। समाज सेवा की भावना से लवरेज मनीष नगर का ब्राउन रंग का बटुआ हमेशा खुला रहता है।






