🎯 टिल्लू शर्मा 🖋️ टूटी कलम रायगढ़ छत्तीसगढ़….. दिनोंदिन रायगढ़ शहर की सड़कें उखड़ कर गड्ढों के रूप में तब्दील एवं उबड़ खाबड़ होती जा रही है। जिस वजह से स्थानीय विधायक प्रकाश नायक को हर जगह एक ही सवाल पर उत्तर देना पड़ रहा था। विपक्ष के लिए मुद्दा बन चुकी शहर की सड़कें निर्माण के अभाव में खस्ताहाल हालत में पहुंच रही थी। आगामी विधानसभा चुनाव के समय उक्त मुद्दे को भाजपा भुनाने में सफल हो जाती। शहर की दम तोड़ती सड़कों की वजह से विधायक प्रकाश नायक के पेशानी पर भी बल पड़े हुए थे। मगर भेंट मुलाकात के कार्यक्रम में पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का ध्यान विधायक प्रकाश नायक के द्वारा इस और करवाया गया एवं सड़कों के निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध करवाने का आग्रह भी किया। जिस पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल नगर निगम रायगढ़ के खाते में सड़क निर्माण के लिए 10,0000000 की धनराशि देने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई।
पूर्व में भी 990 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान हो चुकी है…. ज्ञात रहे कि नगर पालिका निगम रायगढ़ को सरकार की तरफ से लगभग 1 साल पहले 990 लाख रुपए की स्वीकृति सड़क बनाने के लिए दी जा चुकी है. परंतु विडंबना यह है कि 990 लाख रुपए खर्च करना तो क्या 9000 ₹ भी सड़कों पर खर्च नहीं किए गए होंगे. ऐसे में ज्यादा दिनों तक राशि का उपयोग ना होने पर राशि वापस सरकार के खजाने में जमा हो जाती है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि 990 लाख रुपए की स्वीकृति मिलने के बाद भी कार्य चालू नहीं करवाया जा सका है। सड़कों की हालत दिन प्रतिदिन बद से बदतर होती जा रही है। जिसका जवाबदेही कौन होगा ? इसका फैसला जनता ही कर सकेगी।
संजय कंपलेक्स के लिए मिले ₹14,00,000,00 भी अधर में लटके हुए है…. इसी तरह संजय कंपलेक्स को व्यवस्थित बनाना ही के लिए राज्य सरकार के द्वारा ₹140000000 देने की स्वीकृति प्रदान कर दी थी. जिसको भी लगभग 6 माह व्यतीत होने जा रहे हैं. मगर शहर का दुर्भाग्य यह है कि करोड़ों रुपये की स्वीकृति मिलने के बाद भी जनप्रतिनिधि ना जाने किस कुंभकर्णी नींद में सोए रहते हैं. इसलिए भविष्य में शहर वासियों को ऐसा जनप्रतिनिधि चुनना होगा जो कार्य करने को ही अपनी पूजा समझता होगा। जिला कलेक्टर रानू साहू के द्वारा संजय कंपलेक्स सब्जी मंडी को इतवारी बाजार में शिफ्ट करने के आदेश दे दिए थे परंतु ना जाने उपायुक्त को इसे क्या हानि होने वाली थी कि उन्होंने शौचालय पानी बिजली के नाम पर कलेक्टर को गुमराह कर दिया गया । जबकि इतवारी बाजार में बिजली भी है, नाली भी है, नजदीक ही सुलभ शौचालय भी है, केलो नदी भी है। इसलिए इतवारी बाजार में व्यवस्थित होने वाले सब्जी दुकानदारों एवं खरीदारी करने आने वालों को तकलीफों का सामना नहीं करना पड़ेगा। राज्य सरकार को चाहिए कि भविष्य में महापौर का चुनाव आम जनता करें न की पार्टी के पार्षदो के द्वारा किया जाए क्योंकि महापौर को शहर का प्रथम नागरिक कहा जाता है। इसलिए प्रथम नागरिक को चुनने का अधिकार नागरिकों को होना चाहिए। विशेषकर किसी दमदार, कर्तव्यनिष्ठ, ईमानदार पुरुष का को महापौर बनाया जाना चाहिए। जो लगन शील एवं विकास के कार्यों में रुचि रखता हो। जो राजनीतिक पार्टियों के लिए रबर स्टांप की तरह कार्य ना करें एवं ना ही उसकी छवि सील मोहर जैसी होनी चाहिए। महापौर को विकास कार्यों सड़क, बिजली, पानी , स्वास्थ्य, शिक्षा आदि के प्रति कुछ कर गुजरने की तमन्ना रहनी चाहिए।




