🔥 टिल्लू शर्मा टूटी ✒️ कलम रायगढ़ छत्तीसगढ़… कई महीनों से सालों से सुप्तावस्था में जा चुकी छत्तीसगढ़ पुलिस के कारण पूरा प्रदेश अपराध का गढ़ बनता जा रहा है. जिसको लेकर विपक्ष भाजपा के द्वारा लगातार हल्ला बोला जाता रहा है। जिसके बाद भी सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी जिसका फायदा गृह विभाग उठाता रहा और अपने कार्य के, कर्तव्यों के प्रति पुलिस के अधिकारी कर्मचारी विमुख होते चले गए और प्रदेश की स्थिति दिनोंदिन बद से बदतर होने लगी। सरेआम मारपीट,, चाकूबाजी, लूटपाट आदि की घटनाएं करना अपराधियों की दैनिक क्रिया में शामिल हो चुका है। पुलिस के द्वारा मिल रही छूट का पूरा फायदा युवा वर्ग उठा रहा है और नशे एवं अपराध के दलदल में धंसता जा रहा है।
मुख्यमंत्री के आदेश की परवाह शायद ही कोई करता होगा 4 दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात की तरह आदेश जारी कर दिए जाते हैं और एक-दो दिन उस पर अमल कर वापस पुराने ढर्रे पर पुलिस लौट आती है और सरकार के द्वारा जारी किए गए आदेश रद्दी की टोकरी में डाल दिए जाते हैं। मुख्यमंत्री ने पूर्व में आदेश जारी किया था कि छत्तीसगढ़ में गांजे की एक पत्ती भी नहीं आनी चाहिए और यदि आयेगी तो उस जिले के पुलिस के आला अधिकारी पर कार्यवाही की जाएगी परंतु एक पत्ती हो क्या क्विंटलो की मात्र में गांजा छत्तीसगढ़ के कोने कोने में प्रतिदिन पहुंच रहा है। आज तक पुलिस के किसी अधिकारी पर नाक कार्रवाई होती देखी गई और ना सुनी गई है। पुलिस के अधिकारी भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को “भोंपू काका” समझकर उनके आदेश की चिंता नहीं करते हैं।
प्रदेश सरकार के आदेश के बाद पूरे प्रदेश में वाहन चेकिंग अभियान अचानक से शुरू कर दिया गया और इसमें पुलिस अधीक्षको की मॉनिटरिंग करना आवश्यक होना आदेशित किया गया। यह कार्य एक-दो दिन चलकर स्वयं दम तोड़ देगा जिसका सबसे बड़ा कारण प्रदेश में पुलिस बल की कमी होना होगा। थानेदार, चौकी प्रभारी अपना थाना देखेंगे या फिर रात को पेट्रोलिंग करेंगे।

