🔥 टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम रायगढ़ छत्तीसगढ की व्यंगात्मक शैली और जमीनी हकीकत जिसे पढ़कर आप भी मुस्कुराए एवम सहमत हुए बिना नहीं रह सकते. क्रिकेट सट्टे का उक्त आरोपी रसोई गैस सिलेंडर की कालाबाजारी कर अपना घर परिवार चला रहा है. जो व्यक्ति स्लीपर पहनकर पैदल-पैदल पूरा शहर घुमा करता है और रसोई गैस को साइकिल में ढोकर लोगों के घर पहुंचा कार 100 ₹200 एक्स्ट्रा कमाता हो तो भला वह कैसे बिगड़ैल नवाबजादो का बड़े सटोरियों का शौक पाल सकता है और उन्हें पूरा कर सकता है। उक्त आरोपी दीपक की माली हालत अत्यंत देनी है जिसको गांधी गंज का बच्चा-बच्चा जानता है। ऐसे युवक को पुलिस के द्वारा क्रिकेट सट्टा का आरोपी बना देने पर जग हंसाई के अतिरिक्त और कुछ नहीं है। उक्त बुकिंग के शर्ट के बटन टूटे रहते हैं, पैंट की चैन खराब रहती है,लंबाई में कम ऊंचाई की पेंट पहनना, फटी, पुरानी, घिसी, पिटी शर्ट पहनना जिसके नसीब में हो वह भला कैसे क्रिकेट का सटोरिया या खाईवाल बन सकता है। दीपक अग्रवाल नाम के इस युवक की औकात क्रिकेट के सटोरी मगरमच्छों के सामने मच्छर तो क्या चींटी तक की भी नहीं है। यदि पुलिस के द्वारा इस युवक के घर जाकर ताकि का की जाए तो पुलिस को भी आत्मग्लानि हो सकती है। खाली जेब पूरे शहर में घूमते रहना इसका भाग्य है।पुलिस के द्वारा अपना टारगेट पूरा करना हो तो यह अलग बात है किंतु आज तक पुलिस ने ऐसे किसी बड़े खाईवाल को नहीं पकड़ा है जिसकी वजह से पुलिस की वाहवाही की जा सके।





