💣 टिल्लू शर्मा ✍️ टूटी कलम रायगढ़ छत्तीसगढ़ रायगढ़ जिले के खरसिया विधानसभा के ग्राम कुनकुनी में शुक्रवार की दोपहर मेसर्स सार स्टील पावर लिमिटेड कुनकुनी जनसुनवाई के दौरान हार्ड अटैक से एक किसान की मौत होने गई। किसान कंपनी के जनसुनवाई में आया था। इस मामले में पुलिस कुछ भी बयान नही दे रही है बल्कि उल्टे ही किसान की मौत को छुपाने का प्रयास करते हुए यह बता रही है कि मृतक किसान अपने बेटे के साथ पेशी में गया था और लौटते समय उसकी मौत जन सुनवाई स्थल के पास हो गई। किसान की मौत के बाद जनसुनवाई स्थल पर उनके साथी काफी आक्रोशित हैं और पुलिस व प्रशासन पर उद्योगपतियों का साथ देने का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार मृतक किसान का नाम गौरीशंकर पटेल है और वह खरसिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम दर्रामुड़ा का निवासी है जो अपने गांव वालों के साथ आज सुबह 11 बजे से ही उद्योग की जनसुनवाई में शामिल होनें के लिये गया था और जनसुनवाई के दौरान वह कुर्सी मे बैठा हुआ था। इसी दौरान अचानक उसे हार्ट अटैक आया और वह गिर गया और उसके गिरते ही पुलिस वालों ने उसे तत्काल उठाकर अस्पताल भेज दिया। जब तक लोग समझ पाते तब पुलिस मृतक किसान को लेकर जा चुकी थी। इसलिये मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
रायगढ़ में बढ़ते उद्योगों के चलते प्रदूषण की मार से जिले के लोग खासे परेशान हैं और जनसुनवाई के दौरान विरोध के स्वर भी मुखर करते हैं लेकिन भारी विरोध के बावजूद जिले में नये उद्योगो की संख्या बढ़ रही है। पर्यावरण प्रेमी बताते हैं कि जिले में बढ़ते प्रदूषण से खेत खलिहान तो नष्ट हो ही रहें है साथ ही साथ जलवायु में भी बड़ा परिवर्तन आया है जिससे लोगों में सांस व ब्रोंकाईटिस जैसी गंभीर बीमारियां फैल रही है। उन्होंने बताया कि आज भी सार स्टील की जनसुनवाई के दौरान भी खरसिया विधानसभा क्षेत्र के एक दर्जन से भी अधिक गांव के लोग विरोध के लिये जुटे थे और इसी दौरान मृतक गौरीशंकर पटेल भी वहां कुर्सी पर बैठकर अपने साथियों के साथ अपनी बारी का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान उसे हार्ट अटैक आया और वह कुर्सी से गिर पड़ा। जिसे मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों ने जन विरोध को दबाने के लिये तत्काल किसान को वहां से गायब कर दिया और अब झूठ बोलकर इसकी मौत को जनसुनवाई से हटकर बता रही है।
मृतक किसान गौरीशंकर पटेल खरसिया के ग्राम कुनकुनी स्थित सार स्टील की जनसुनवाई में शामिल होनें के लिये गया था लेकिन उसकी हार्ट अटैक से मौत के बाद खरसिया थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिस अधिकारी कोई भी बयान देने का तैयार नही है बल्कि वे यह कह रहे हैं कि मृतक गौरीशंकर पटेल अपने बेटे के साथ जनसुनवाई स्थल के पास पहुंचा था, तब उसकी हार्ट अटैक से मौत हुई है इससे पहले वह पेशी में गया था, जनसुनवाई स्थल में वह गया ही नही था। जबकि मौके पर उनके साथियों ने अपने साथी किसान की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि वह उनके सामने ही कुर्सी से गिरा है और उसकी मौत हो गई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, पर्यावरण विभाग, के व्यवहार की वजह जनसुनवाई के समर्थन में खड़े दिखलाई पड़ने से ग्रामीण का ब्लड प्रेशर बढ़ गया जिससे उसे हृदयघात हो गया जिसे अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।






